जागरूक नागरिक ही मजबूत लोकतंत्र की पहचान: मानवाधिकार संरक्षण के लिए गांव-गांव चलेगा अभियान
मानवाधिकार जागरूकता को लेकर आजमगढ़ में हुई महत्वपूर्ण गोष्ठी
जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट
आजमगढ़। मानवाधिकारों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और आम नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देने के उद्देश्य से मानवाधिकार संरक्षक संगठन के तत्वावधान में शहर के सर्फुद्दीनपुर स्थित एक मैरेज हॉल में मंगलवार की देर शाम एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और पत्रकारों ने भाग लिया तथा मानवाधिकार संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता तभी संभव है, जब आम नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक हों। वर्तमान समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता, सम्मानजनक जीवन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मूलभूत अधिकार संविधान द्वारा प्रत्येक नागरिक को प्रदान किए गए हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में बड़ी संख्या में लोग इन अधिकारों का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक होता है अधिकारों का हनन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मानवाधिकार संरक्षक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित द्विवेदी ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक मानवाधिकारों की जानकारी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों से अनभिज्ञ हैं। इसी कारण कई बार उनके अधिकारों का हनन होता है और वे न्याय पाने से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य का अधिकार, सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार और सामाजिक सुरक्षा जैसे अनेक अधिकार प्रत्येक नागरिक को प्राप्त हैं। लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इन अधिकारों का उपयोग नहीं कर पाते। इसलिए संगठन ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
अमित द्विवेदी ने कहा कि केवल शहरों में कार्यक्रम आयोजित कर देने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। संगठन की टीम गांव-गांव जाकर गोष्ठियां आयोजित करेगी और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाएगी। इसके लिए स्वयंसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक पहुंचकर उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएगा।
जागरूकता से ही मिलेगा अधिकारों का संरक्षण
गोष्ठी में संगठन के जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह ने कहा कि मानवाधिकार संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि संगठन का प्रयास है कि समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को उनके अधिकारों की जानकारी मिले और उन्हें न्याय प्राप्त करने में सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और सूचना के अभाव के कारण कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कई बार लोग अपने साथ हो रहे अन्याय को भी अपनी नियति मान लेते हैं। ऐसे लोगों को जागरूक करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। संगठन गांव स्तर तक अपनी इकाइयों का विस्तार करेगा और नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा।
जगदीश सिंह ने कहा कि मानवाधिकारों के प्रति जागरूक समाज ही एक मजबूत और समावेशी राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करे, तो सामाजिक असमानताओं और अन्याय को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मानवाधिकारों की जानकारी से बढ़ेगा सामाजिक सशक्तिकरण
गोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि मानवाधिकार केवल कानूनी विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और मानव गरिमा से जुड़ा हुआ मुद्दा है। जब लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे, तब वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं का बेहतर लाभ उठा सकेंगे।
विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में सूचना का अधिकार, महिला अधिकार, बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार और श्रमिक अधिकार जैसे विषयों पर व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है। इसके लिए सामाजिक संगठनों, प्रशासन और मीडिया को मिलकर कार्य करना होगा।
गांवों में आयोजित होंगी विशेष गोष्ठियां
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में विशेष जनजागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संविधान प्रदत्त अधिकारों, सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता से संबंधित जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काफी लाभ मिलेगा और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक बनेंगे। साथ ही समाज में न्याय, समानता और मानव गरिमा की भावना को भी मजबूती मिलेगी।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग
कार्यक्रम के दौरान संगठन के अनेक पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और सम्मानित नागरिक मौजूद रहे। गोष्ठी में कृष्ण मुरारी सिंह, रमाशंकर सहू, देवेंद्र सिंह, एस.एन. सिंह, ध्रुव कुमार सिंह, आर.पी. सिंह, सत्यनारायण सिंह, यशवंत सिंह, हवलदार सिंह, संतोष चौरसिया, प्रकाश सिंह तथा वरिष्ठ पत्रकार जगदंबा उपाध्याय सहित अनेक लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि मानवाधिकारों की जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुंचाई जाएगी और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उपस्थित लोगों ने इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का भी आश्वासन दिया।








