17 अक्टूबर 2026 8:46 अपराह्न

सड़क पर फन फैलाए बैठे विषधर ने तीन मिनट तक सुना पवित्र ‘णमोकार मंत्र’, फिर जो हुआ उसने सभी को कर दिया हैरान

मध्य प्रदेश के छतरपुर में सड़क पर फन फैलाए बैठे विषधर सर्प के सामने पवित्र णमोकार मंत्र का उच्चारण करती साध्वियां, साथ में प्रस्तुतकर्ता चुन्नीलाल प्रधान की तस्वीर।

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✍️ चुन्नीलाल प्रधान की प्रस्तुति

छतरपुर (मध्य प्रदेश)। क्या कोई विषैला सर्प भी इंसानी आवाज़ सुनकर शांत रह सकता है? क्या करुणा और अहिंसा का भाव किसी हिंसक दिखने वाले जीव को भी कुछ पल के लिए स्थिर कर सकता है? इन सवालों ने सोशल मीडिया पर तब जोर पकड़ लिया, जब मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में सड़क पर फन फैलाए बैठे एक विषधर सर्प के सामने दो साध्वियां शांत भाव से पवित्र ‘णमोकार मंत्र’ का जाप करती दिखाई देती हैं। हैरानी की बात यह है कि मंत्रोच्चार के दौरान सर्प लगभग तीन मिनट तक बिना किसी आक्रामक प्रतिक्रिया के वहीं बैठा रहता है।

यही दृश्य अब सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कोई इसे आस्था की शक्ति बता रहा है, तो कोई इसे जीव-जंतुओं के प्रति प्रेम और शांत व्यवहार का परिणाम मान रहा है। हालांकि इस घटना को लेकर किसी प्रकार की वैज्ञानिक या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है कि सर्प का शांत रहना मंत्रोच्चार का प्रत्यक्ष प्रभाव था।

बुंदेलखंड के अतिशय क्षेत्र का बताया जा रहा है वीडियो

जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो बुंदेलखंड क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर धसान नदी के पावन तट पर स्थित प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र गिरार जी में इन दिनों मंगल चातुर्मास का आयोजन चल रहा है। इसी दौरान दो साध्वियां अपने विहार के दौरान सड़क पर पहुंचे, जहां एक विषधर सर्प फन फैलाकर बैठा हुआ था।

सामान्य तौर पर ऐसे दृश्य को देखकर लोग भयभीत होकर दूर हट जाते हैं, लेकिन वीडियो में दिखाई दे रहा है कि साध्वियां बिना किसी घबराहट के वहीं रुक जाती हैं। वे सर्प के प्रति भय नहीं, बल्कि करुणा और आत्मीयता का भाव प्रकट करती हैं।

“हम तुम्हें णमोकार मंत्र सुनाते हैं…”

वीडियो में साध्वियां अत्यंत शांत स्वर में सर्प से कहती सुनाई देती हैं कि वे उसे पवित्र णमोकार मंत्र सुनाएंगी। साथ ही वे उससे आग्रह करती हैं कि मंत्र सुनने के बाद किसी भी जीव को नुकसान न पहुंचाए और किसी को डसे नहीं।

वे प्रेमपूर्वक कहती हैं कि अब बहुत लंबी यात्रा हो चुकी है, इसलिए अब किसी को परेशान मत करना। साध्वियों की वाणी में कहीं भी भय या क्रोध नहीं, बल्कि केवल करुणा और मंगलकामना का भाव दिखाई देता है।

तीन मिनट तक फन फैलाए शांत बैठा रहा विषधर

वीडियो का सबसे चर्चित हिस्सा वह है, जिसमें सर्प पूरे मंत्रोच्चार के दौरान फन फैलाए शांत मुद्रा में बैठा दिखाई देता है। लगभग तीन मिनट तक वह वहीं स्थिर रहता है और किसी प्रकार का हमला नहीं करता।

मंत्र समाप्त होने पर साध्वियां उससे कहती हैं कि वे उसे मारने नहीं आई हैं, बल्कि उसके कल्याण और मंगल की कामना कर रही हैं। इसके बाद भी कुछ समय तक सर्प शांत दिखाई देता है। यही दृश्य लोगों को सबसे अधिक आश्चर्यचकित कर रहा है।

सोशल मीडिया पर उमड़ी प्रतिक्रियाएं

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। हजारों लोगों ने इसे साझा करते हुए लिखा कि जीव मात्र के प्रति प्रेम और अहिंसा का संदेश हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।

कुछ लोगों ने इसे आध्यात्मिक अनुभव बताया, जबकि कई यूजर्स ने लिखा कि शांत वातावरण और बिना छेड़छाड़ के कारण सर्प ने हमला नहीं किया होगा। वहीं कुछ लोगों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सावधानी बरतने की सलाह भी दी।

अहिंसा का जीवंत संदेश

इस वीडियो का सबसे सकारात्मक पक्ष यह माना जा रहा है कि इसमें किसी जीव के प्रति हिंसा नहीं दिखाई देती। साध्वियां पूरे समय सर्प के प्रति दया, करुणा और मंगलभाव व्यक्त करती हैं। भारतीय संस्कृति में सदियों से यह संदेश दिया जाता रहा है कि प्रत्येक जीव में जीवन है और उसके प्रति संवेदनशीलता रखना मानव का धर्म है।

यही कारण है कि यह वीडियो केवल एक वायरल घटना बनकर नहीं रह गया, बल्कि जीव-जंतुओं के प्रति प्रेम और सह-अस्तित्व की भावना को भी सामने लेकर आया है।

विशेषज्ञों की सलाह: ऐसे प्रयोग कभी न करें

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि विषैले सर्प का व्यवहार पूरी तरह परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कोई भी सांप किसी भी समय आक्रामक हो सकता है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर उसकी नकल करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। उसे पकड़ने, छूने या उसके पास जाने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प विशेषज्ञ को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

क्या है णमोकार मंत्र का महत्व?

भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में णमोकार मंत्र को अत्यंत पवित्र और मंगलकारी माना जाता है। यह किसी व्यक्ति, देवता या विशेष शक्ति से भौतिक वरदान मांगने का मंत्र नहीं, बल्कि श्रेष्ठ गुणों के प्रति नमन और आत्मशुद्धि का मंत्र माना जाता है। श्रद्धालु इसे मानसिक शांति, आत्मसंयम और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानते हैं।

डिस्क्लेमर

यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। वीडियो में दिख रही घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस खबर का उद्देश्य किसी चमत्कार या अलौकिक दावे की पुष्टि करना नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी विषैले सर्प के निकट जाने या वायरल वीडियो की नकल करने का प्रयास न करें। वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहें और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

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