हरियाली की ओर बढ़ा मजबूत कदम, जनभागीदारी से सैकड़ों पौधों का हुआ रोपण
प्रशासन, ग्राम पंचायत और विभागीय अधिकारियों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, विभिन्न स्थानों पर लगभग 900 पौधे लगाए गए
चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान के तहत रविवार को व्यापक स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने मिलकर बड़ी संख्या में पौधे रोपे और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण तैयार करना भी है।
प्रशासन और ग्राम पंचायत ने मिलकर निभाई जिम्मेदारी
विकास खंड कर्नलगंज की ग्राम पंचायत प्रतापपुर में आयोजित कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा, ग्राम प्रधान कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (गब्बू सिंह), ग्राम विकास अधिकारी अभिषेक कुमार सिंह सहित कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। सभी ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
अधिकारियों ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और लगातार बदलते जलवायु चक्र को देखते हुए वृक्षारोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण सुनिश्चित करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
जल जीवन मिशन परिसर सहित विभिन्न स्थानों पर लगाए गए पौधे
अभियान के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित पंप हाउस परिसर के मैदान सहित ग्राम पंचायत प्रतापपुर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर लगभग 800 पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया गया, जहां भविष्य में पौधों का समुचित विकास हो सके और ग्रामीणों को छायादार एवं स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो।
कार्यक्रम में लगाए गए पौधों में पर्यावरण की दृष्टि से उपयोगी एवं दीर्घायु प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में विशाल वृक्ष का रूप ले सकें।
विद्युत उपकेंद्र परिसर में भी चला विशेष अभियान
वृक्षारोपण अभियान का विस्तार विद्युत उपकेंद्र भभुवा तक भी देखने को मिला। यहां अवर अभियंता अरविंद सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों एवं स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से सैकड़ों पौधे लगाए। अभियान में अंकित त्रिवेदी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, अकबर अली, रामकृष्ण भारती, जगतपाल सिंह, विनोद शुक्ला, अनिल कुमार सिंह, नवमी लाल, लाल प्रताप सिंह, चुन्नीलाल सहित अनेक लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा का भी संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जीवित रखना और नियमित देखभाल करना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वृक्ष न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं बल्कि भूजल संरक्षण, तापमान नियंत्रण, वर्षा चक्र को संतुलित रखने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के पीछे वन क्षेत्र में कमी भी एक बड़ा कारण है। ऐसे में अधिक से अधिक वृक्ष लगाना और उन्हें संरक्षित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
जनभागीदारी से सफल हो रहे हरित अभियान
वृक्षारोपण कार्यक्रम में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। लोगों ने स्वयं पौधे लगाए और दूसरों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। बच्चों और युवाओं ने भी कार्यक्रम में उत्साह के साथ हिस्सा लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे अभियान आयोजित किए जाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र को हराभरा बनाया जा सके और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़े।
पौधों के संरक्षण पर रहेगा विशेष जोर
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक लगाए गए पौधे की नियमित निगरानी, सिंचाई और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियां भी तय की जाएंगी, ताकि पौधों का जीवित रहने का प्रतिशत अधिक से अधिक हो सके।
ग्रामीणों से भी अपील की गई कि वे अपने आसपास लगाए गए पौधों को किसी प्रकार का नुकसान न होने दें और आवश्यकता पड़ने पर उनकी देखभाल में सहयोग करें।
हरियाली से समृद्ध होगा क्षेत्र
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार सामूहिक प्रयास लगातार जारी रहे तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन और अधिक मजबूत होगा। वृक्षों की संख्या बढ़ने से प्रदूषण कम होगा, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ जैव विविधता भी समृद्ध होगी।
प्रशासन और ग्राम पंचायत की संयुक्त पहल ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला सामाजिक अभियान है। यदि प्रत्येक नागरिक इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाए तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हराभरा वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।









