आजमगढ़

एक सप्ताह से अंधेरे में डूबी बस्ती, ओवरलोड ट्रांसफार्मर ने बढ़ाई मुश्किलें; ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बिलरियागंज नगर पालिका के वार्ड संख्या-6 स्थित भगतपुर राजभर बस्ती में बिजली संकट गहराया, 75 परिवार प्रभावित; प्रदर्शन के बाद विभाग ने अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने का दिया भरोसा।

रिपोर्ट: जगदंबा उपाध्याय

आजमगढ़. लगातार बिजली संकट से जूझ रहे लोगों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। नगर पालिका क्षेत्र की एक बस्ती में कई दिनों से ठप पड़ी बिजली आपूर्ति और नया ट्रांसफार्मर लगने के कुछ ही घंटों बाद उसके जल जाने से नाराज ग्रामीण शनिवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जल्द स्थायी समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग लंबे समय से समस्या की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त क्षमता का ट्रांसफार्मर नहीं लगा रहा है, जिसके कारण हर कुछ दिनों में बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है।

एक सप्ताह से बिजली गुल, सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित

नगर पालिका बिलरियागंज के वार्ड संख्या-6 स्थित भगतपुर राजभर बस्ती के लगभग 75 परिवार पिछले करीब एक सप्ताह से बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। लगातार बिजली नहीं मिलने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। गर्मी और उमस के बीच बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, वहीं बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कई घरों में मोटर नहीं चल पा रही है, जिससे पानी की समस्या भी गहराने लगी है। शाम होते ही पूरी बस्ती अंधेरे में डूब जाती है और लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे रात गुजारनी पड़ रही है।

नया ट्रांसफार्मर लगा, लेकिन दो घंटे में ही हो गया खराब

ग्रामीण प्रिंस राजभर ने बताया कि पहले लगा ट्रांसफार्मर जल जाने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि नई व्यवस्था से समस्या का समाधान हो जाएगा। विभाग ने नया ट्रांसफार्मर स्थापित भी किया, लेकिन वह मात्र दो घंटे तक ही चल पाया और फिर खराब हो गया।

इस घटना के बाद लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शुरुआत से ही पर्याप्त क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाता तो बार-बार ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

25 केवीए ट्रांसफार्मर पर 75 परिवारों का भार

ग्रामीण राजू राजभर ने बताया कि पूरी बस्ती में केवल 25 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जबकि उसी से करीब 75 परिवारों को बिजली आपूर्ति की जा रही है। लगातार बढ़ते उपभोक्ताओं और घरेलू उपकरणों के उपयोग के कारण ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षमता से अधिक लोड होने के कारण ट्रांसफार्मर बार-बार जल जाता है और हर बार लोगों को कई दिनों तक अंधेरे में रहना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।

बिजली संकट से किसानों की बढ़ी चिंता

ग्रामीणों ने बताया कि इस समय धान की रोपाई का मौसम चल रहा है। बिजली नहीं मिलने के कारण सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाने से कृषि कार्यों की गति धीमी पड़ गई है।

किसानों का कहना है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था सामान्य नहीं हुई तो खेती पर इसका सीधा असर पड़ेगा और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कृषि सीजन को देखते हुए तत्काल बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।

महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी

बस्ती की महिलाओं ने बताया कि बिजली नहीं होने से घरेलू कार्यों में काफी कठिनाई आ रही है। पीने के पानी से लेकर भोजन बनाने तक कई काम प्रभावित हो रहे हैं। वहीं विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है, क्योंकि रात में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध नहीं हो पाती।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली संकट बने रहने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है।

विद्युत विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

समस्या के समाधान की मांग को लेकर शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विभाग केवल अस्थायी समाधान करता है, जबकि मूल समस्या को दूर करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया और नियमित बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहिए।

विभाग ने अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने का दिया आश्वासन

बिलरियागंज विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता (जेई) सहदेव ने बताया कि वर्तमान ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड होने के कारण वह बार-बार खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि जले हुए ट्रांसफार्मर को शीघ्र बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। विभाग का प्रयास है कि जल्द से जल्द स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न आए।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

प्रदर्शन के दौरान दयाराम राजभर, प्रिंस राजभर, राजू राजभर, तेजू, रामाश्रय, महेंद्र, नागा राजभर, पलटन, मुन्ना, अशोक, साधु राजभर, मैना देवी, सावित्री देवी, प्रभावती, सुदामी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में बिजली व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने और अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं करता है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें विद्युत विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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