दूल्हे की हत्या के मुख्य आरोपी ने कोर्ट में किया सरेंडर, अब पुलिस की जांच के अगले चरण पर टिकीं निगाहें
बहुचर्चित दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में एक लाख के इनामी मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद के आत्मसमर्पण से मामले ने लिया नया मोड़, पुलिस रिमांड लेकर साजिश की परतें खोलने की तैयारी में।
राम कीर्ति यादव की रिपोर्ट
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में चर्चित दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड ने शुक्रवार को एक नया मोड़ ले लिया। इस सनसनीखेज मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी प्रदीप बिंद ने पुलिस की गिरफ्त से बचते हुए अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार सक्रिय थीं और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी। इसके बावजूद उसने सीधे अदालत पहुंचकर सरेंडर कर दिया, जिससे अब पूरे मामले की जांच नए चरण में प्रवेश करती दिखाई दे रही है।
पुलिस सूत्रों का मानना है कि आरोपी से पूछताछ के लिए अदालत से पुलिस रिमांड मांगी जा सकती है। यदि रिमांड मंजूर होती है तो हत्याकांड की साजिश, वारदात की योजना, सहयोगियों की भूमिका और घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर से पर्दा उठने की संभावना है।
1 मई को शादी की खुशियां मातम में बदली थीं
यह बहुचर्चित घटना 1 मई को खेतासराय थाना क्षेत्र के मनेछा गांव के पास हुई थी। उस दिन आजाद बिंद अपनी बारात लेकर विवाह स्थल की ओर जा रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल दूल्हे की मौके पर ही मौत हो गई।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। जिस घर में शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां कुछ ही पलों में मातम पसर गया। घटना की खबर फैलते ही इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और पुलिस प्रशासन पर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया।
तीन प्रमुख आरोपियों के नाम आए थे सामने
हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर तीन प्रमुख आरोपियों की पहचान की थी। इनमें प्रदीप बिंद को मुख्य साजिशकर्ता माना गया, जबकि रवि यादव और भोले राजभर भी पुलिस की जांच के दायरे में आए।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने तीनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। इसके बाद विशेष टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी रहीं।
एक आरोपी मुठभेड़ में मारा गया, दूसरे ने पहले ही किया था सरेंडर
इस मामले में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक लाख रुपये का इनामी आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। वहीं दूसरा आरोपी भोले राजभर कुछ समय पहले अदालत में आत्मसमर्पण कर चुका था।
अब मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद के भी अदालत में आत्मसमर्पण कर देने के बाद इस चर्चित हत्याकांड के तीनों प्रमुख आरोपियों की स्थिति स्पष्ट हो गई है। इससे पुलिस के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी आसान माना जा रहा है।
पुलिस रिमांड से खुल सकते हैं कई राज
मुख्य आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस अब अदालत से उसकी रिमांड मांग सकती है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान हत्या की पूरी साजिश, वारदात की तैयारी, हथियारों की व्यवस्था, घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह जैसी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपी फरारी के दौरान किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसे किस प्रकार मदद मिलती रही। यदि पूछताछ में नए नाम सामने आते हैं तो जांच का दायरा और भी विस्तृत हो सकता है।
मुख्य आरोपी ने खुद को बताया बेगुनाह
अदालत में आत्मसमर्पण के बाद प्रदीप बिंद ने स्वयं को निर्दोष बताया। उसका कहना है कि उसे इस मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है और उसका हत्या की घटना से कोई संबंध नहीं है। आरोपी ने दावा किया कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब आगे की स्थिति अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
परिजनों को एनकाउंटर की थी उम्मीद, सरेंडर से बढ़ी निराशा
दूल्हा आजाद बिंद के परिजनों ने पहले से ही मुख्य आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आरोपी के एनकाउंटर तक की मांग उठाई थी। ऐसे में जब प्रदीप बिंद ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया तो परिवार के सदस्यों ने निराशा व्यक्त की।
परिजनों का कहना है कि वे चाहते हैं कि मामले की सुनवाई तेजी से पूरी हो और दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा मिले ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
पूरे प्रदेश की निगाहें इस मामले पर
दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड केवल जौनपुर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा है। दिनदहाड़े बारात के दौरान हुई हत्या ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े किए थे। यही कारण है कि इस मामले की हर नई कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।
अब मुख्य आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जांच और अधिक तेजी से आगे बढ़ेगी तथा न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
आगे क्या होगा?
अब अदालत द्वारा आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने या पुलिस रिमांड पर देने संबंधी निर्णय महत्वपूर्ण होगा। यदि पुलिस को रिमांड मिलती है तो पूछताछ के आधार पर कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य और गवाहों के बयान इस बहुचर्चित हत्याकांड की दिशा तय करेंगे।
फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि मुख्य आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद जांच अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। अब पीड़ित परिवार, पुलिस प्रशासन और आम जनता की निगाहें अदालत की आगामी सुनवाई और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि जांच निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ती है तो इस चर्चित हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।









