शख्शियत

शनि साईं मंदिर की मुख्य पुजारन सुन्दर देवी नहीं रहीं, इप्टा ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

धार्मिक आस्था, सेवा और सादगी से बनाई अलग पहचान, वरिष्ठ रंगकर्मी जितेन्द्र ज्योतिषी की माताजी के निधन पर सामाजिक व सांस्कृतिक जगत में शोक

विशेष सहयोगी

चाईबासा। चाईबासा के आमला टोला स्थित शनि साईं मंदिर की मुख्य पुजारन एवं धार्मिक-सामाजिक क्षेत्र की सम्मानित हस्ती सुन्दर देवी का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं सुन्दर देवी ने शनिवार शाम लगभग पांच बजे चाईबासा के मुंधड़ा अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही शहर में शोक की लहर दौड़ गई। धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, रंगकर्मियों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे समाज की बड़ी क्षति बताया।

सुन्दर देवी वरिष्ठ रंगकर्मी तथा झारखंड जर्नालिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र ज्योतिषी की माताजी थीं। उनके निधन पर इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) चाईबासा सहित कई संगठनों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

लंबे समय से थीं अस्वस्थ, अस्पताल में हुआ निधन

परिजनों के अनुसार सुन्दर देवी पिछले काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। बीते कुछ दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। शनिवार को अचानक स्वास्थ्य अधिक बिगड़ने पर उन्हें तत्काल चाईबासा के मुंधड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन शाम करीब पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन के बाद परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में रिश्तेदार, शुभचिंतक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उनके आवास पहुंचे तथा परिजनों को ढांढस बंधाया।

मंदिर की सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाया

सुन्दर देवी आमला टोला स्थित शनि साईं मंदिर की मुख्य पुजारन थीं। वर्षों तक उन्होंने पूरी श्रद्धा, निष्ठा और समर्पण के साथ मंदिर की सेवा की। प्रतिदिन पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन में उनकी सक्रिय भूमिका रहती थी।

मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि सुन्दर देवी केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं थीं, बल्कि लोगों को धर्म, सदाचार और मानव सेवा का संदेश भी देती थीं। उनके सहज और आत्मीय व्यवहार ने उन्हें क्षेत्र में विशेष सम्मान दिलाया।

मृदुभाषी और धार्मिक स्वभाव के कारण थीं लोकप्रिय

सुन्दर देवी अपने सौम्य स्वभाव, विनम्र व्यवहार और धार्मिक जीवनशैली के कारण समाज के हर वर्ग में सम्मानित थीं। वे सामाजिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और समाज में सद्भाव बनाए रखने का प्रयास उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताओं में शामिल था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च स्थान दिया। यही कारण है कि उनके निधन की खबर सुनकर हर वर्ग के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया।

इप्टा ने जताई गहरी संवेदना

सुन्दर देवी के निधन पर इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) चाईबासा ने गहरा शोक व्यक्त किया। संगठन की ओर से जारी शोक संदेश में कहा गया कि उनके निधन से केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा सामाजिक और सांस्कृतिक जगत एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व से वंचित हो गया है।

इप्टा चाईबासा के सचिव संजय चौधरी ने कहा कि सुन्दर देवी अत्यंत मिलनसार, धार्मिक प्रवृत्ति की और समाज के प्रति समर्पित महिला थीं। उन्होंने हमेशा लोगों को जोड़ने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का कार्य किया। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है इप्टा

इप्टा चाईबासा के संस्थापक तरुण मुहम्मद ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा इप्टा परिवार जितेन्द्र ज्योतिषी और उनके परिजनों के साथ खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिवार को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

इप्टा के अध्यक्ष कैसर परवेज़ ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सुन्दर देवी का जीवन सेवा, धार्मिक आस्था और मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण था। उन्होंने कहा कि समाज उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखेगा।

समाज के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी सुन्दर देवी

धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि सुन्दर देवी ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि सच्ची सेवा केवल मंदिर तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज के हर व्यक्ति के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अपने व्यवहार, सादगी और आध्यात्मिक जीवन से लोगों के बीच जो सम्मान अर्जित किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

उनके निधन से उत्पन्न रिक्तता को भर पाना आसान नहीं होगा। चाईबासा के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। श्रद्धांजलि देने वालों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें।

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