आधुनिक समाज
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विचार
औकात….? इंसान की हैसियत का सच, समाज का छल और आत्मसम्मान की अंतिम लड़ाई
✍️अनिल अनूप एक शब्द बहुत आसानी से लोगों के जंहा पर चढ़ जाता है – “औकात”। किसी को सपने में…
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संपादकीय
“पायल उतार दऽ… आवाज करऽता!” : रिश्तों, राजनीति और समाज के शोर का सच
अनिल अनूप ✍️ भोजपुरी लोकसंगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि वह भारतीय ग्रामीण जीवन की संवेदनाओं, संघर्षों, रिश्तों…
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