‘नेता बेजोड़ बाड़े हो!’ जब मंच पर गूंजा भोजपुरी सुर और मुख्यमंत्री ने बदल दिया सांसद का सरनेम
कुशीनगर की सभा में राजनीति, प्रशंसा और हास्य का अनोखा संगम
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
कुशीनगर। राजनीति के मंच पर आमतौर पर भाषण, वादे और उपलब्धियों की चर्चा सुनाई देती है, लेकिन कुशीनगर की एक जनसभा में माहौल कुछ अलग ही नजर आया। यहां विकास योजनाओं और सरकारी उपलब्धियों के बीच अचानक भोजपुरी संगीत का तड़का लग गया। गोरखपुर से सांसद और भोजपुरी फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता रवि किशन ने ऐसा सुर छेड़ा कि मंच राजनीतिक कम और सांस्कृतिक ज्यादा दिखाई देने लगा।
और जब लगा कि कार्यक्रम का सबसे मनोरंजक क्षण बीत चुका है, तभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने चिर-परिचित अंदाज में ऐसी चुटकी ली कि पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने सांसद रवि किशन शुक्ला को संबोधित करते हुए उनका उपनाम ही बदल दिया और उन्हें “रवि किशन मिश्रा” कह दिया। बस फिर क्या था, मंच पर मौजूद नेता मुस्कुराने लगे और जनता ने भी इस हल्के-फुल्के राजनीतिक हास्य का भरपूर आनंद लिया।
जब सांसद ने भाषण की जगह गाना शुरू कर दिया
कुशीनगर की जनसभा में लोगों को उम्मीद थी कि सांसद महोदय सरकार की योजनाओं का बखान करेंगे, विपक्ष पर निशाना साधेंगे और विकास की गाथा सुनाएंगे। लेकिन रवि किशन ने अपने फिल्मी और भोजपुरी अंदाज को बरकरार रखते हुए भाषण को सीधे गीत में बदल दिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए भोजपुरी में गाया— “जइसन सोचले रहनीं ओइसन योगी जी मोर बाड़े, नेता बेजोड़ बाड़े हो…”
इसके बाद उन्होंने योगी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।
जनसभा में मौजूद लोगों ने गीत के हर अंतरे पर तालियों से स्वागत किया। ऐसा लग रहा था मानो राजनीतिक सभा में कुछ देर के लिए चुनावी मंच नहीं, बल्कि भोजपुरी सांस्कृतिक महोत्सव शुरू हो गया हो।
योगी की तारीफ में गीत, और जनता की तालियों की बरसात
रवि किशन ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री को लेकर कई प्रशंसात्मक बातें कहीं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ जो कहते हैं, उसे पूरा भी करके दिखाते हैं। सांसद ने अपने अंदाज में यह भी कहा कि जब मुख्यमंत्री किसी अवैध गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई की बात करते हैं तो वह केवल घोषणा नहीं होती, बल्कि उसका परिणाम भी दिखाई देता है।
राजनीति में नेताओं द्वारा एक-दूसरे की प्रशंसा नई बात नहीं है, लेकिन जब वह प्रशंसा गीत के रूप में हो और उसमें भोजपुरी रंग घुला हो तो मामला थोड़ा अलग जरूर हो जाता है।
सभा में बैठे कई लोगों के चेहरे पर मुस्कान थी। कुछ लोग मोबाइल कैमरों में वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे तो कुछ गीत के बोल दोहराते नजर आए। कुल मिलाकर माहौल पूरी तरह उत्साहपूर्ण दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री ने बदल दिया नाम, मंच पर छिड़ गई हंसी
कार्यक्रम का सबसे दिलचस्प पल तब आया जब रवि किशन अपना भाषण समाप्त करके वापस अपनी सीट पर पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस समय भी मुस्कुराते दिखाई दे रहे थे। जब मुख्यमंत्री ने अपना संबोधन शुरू किया तो उन्होंने रवि किशन को “रवि किशन मिश्रा” कहकर संबोधित कर दिया।
हालांकि यह एक साधारण जुबानी चूक भी हो सकती थी, लेकिन मुख्यमंत्री के चेहरे पर मौजूद मुस्कान और मंच पर मौजूद नेताओं की प्रतिक्रिया देखकर माहौल तुरंत हल्का-फुल्का हो गया। रवि किशन भी मुस्कुराते नजर आए और पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। राजनीति में जहां अक्सर बयानबाजी तल्ख हो जाती है, वहां ऐसा सहज और मानवीय पल लोगों को लंबे समय तक याद रहता है।
राजनीति में दोस्ती का सार्वजनिक प्रदर्शन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद रवि किशन के बीच लंबे समय से अच्छी व्यक्तिगत और राजनीतिक समझ दिखाई देती रही है।
गोरखपुर से दोनों का जुड़ाव भी किसी से छिपा नहीं है। कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री रवि किशन के फिल्मी अंदाज पर चुटकी लेते नजर आए हैं और रवि किशन भी अपने विशिष्ट अभिनय शैली वाले संवादों से माहौल हल्का करते रहे हैं। कुशीनगर की यह सभा भी उसी मित्रवत राजनीतिक रसायन का एक और उदाहरण बन गई।
जनता को मिला भाषण से ज्यादा मनोरंजन?
राजनीतिक सभाओं में आमतौर पर जनता विकास, रोजगार, सड़क, बिजली और पानी जैसे मुद्दों पर बातें सुनने आती है। लेकिन कुशीनगर की सभा में लोगों को बोनस के रूप में भोजपुरी गीत, राजनीतिक प्रशंसा और मंचीय हास्य भी देखने को मिला।
कई लोगों के बीच चर्चा का विषय सरकारी योजनाओं से ज्यादा रवि किशन का गीत और मुख्यमंत्री की चुटकी बन गई। सोशल मीडिया पर भी कार्यक्रम के वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं। लोगों ने इसे “राजनीति का भोजपुरी संस्करण” तक कहना शुरू कर दिया है।
चुनावी राजनीति में मनोरंजन का बढ़ता महत्व
विशेषज्ञ मानते हैं कि आधुनिक राजनीति अब केवल भाषणों तक सीमित नहीं रह गई है। जनता के साथ भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव बनाने के लिए नेता नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
रवि किशन जैसे फिल्मी पृष्ठभूमि वाले नेताओं की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यही है कि वे राजनीतिक संदेश को मनोरंजन के साथ जोड़ने में सक्षम हैं। कुशीनगर की सभा में भी यही देखने को मिला, जहां राजनीतिक संदेश गीत के माध्यम से जनता तक पहुंचाया गया।
कुशीनगर की यह जनसभा सरकारी योजनाओं से ज्यादा अपने हल्के-फुल्के और मनोरंजक पलों के कारण चर्चा में आ गई। एक ओर सांसद रवि किशन ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा में भोजपुरी गीत गाकर तालियां बटोरीं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका उपनाम बदलकर माहौल में हास्य का रंग घोल दिया।
राजनीति के गंभीर मंच पर ऐसे क्षण कम ही देखने को मिलते हैं, जब भाषण, गीत, मित्रता और हास्य एक साथ मौजूद हों। कुशीनगर की यह सभा शायद इसी कारण लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बनी रहेगी—क्योंकि यहां राजनीति ने कुछ देर के लिए मुस्कुराना सीख लिया था।








