अवैध मिट्टी खनन पर प्रशासन का शिकंजा : बरियारपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, कठोर कार्रवाई की संस्तुति
डीएम के निर्देश पर चल रहे अभियान में बड़ी कार्रवाई, बिना परमिट मिट्टी खनन करते पकड़ा गया वाहन
देवरिया अवैध मिट्टी खनन मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बरियारपुर में बिना वैध अनुमति मिट्टी खनन कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर चल रहे अभियान के तहत राजस्व टीम ने वाहन को पकड़कर थाना बरियारपुर में सुपुर्द किया। उप जिलाधिकारी सदर ने उत्तर प्रदेश उपखनिज परिहार नियमावली के तहत अधिकतम जुर्माना और विधिक कार्रवाई की संस्तुति की है। पढ़ें देवरिया अवैध खनन पर प्रशासन की पूरी कार्रवाई और ताजा अपडेट।
रिपोर्ट: इरफान अली लारी
देवरिया, 28 जून। जनपद में अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शनिवार को सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम बरियारपुर में अवैध रूप से मिट्टी खनन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रंगे हाथों पकड़ा गया। मौके पर वाहन चालक से मिट्टी खनन से संबंधित वैध अनुमति पत्र और आवश्यक अभिलेख मांगे गए, लेकिन वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद प्रशासन ने वाहन को कब्जे में लेकर थाना बरियारपुर परिसर में खड़ा करा दिया तथा पूरे मामले में विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राजस्व निरीक्षक के निरीक्षण में सामने आया मामला
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, राजस्व निरीक्षक बरियारपुर क्षेत्र में नियमित निरीक्षण एवं भ्रमण पर थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि ग्राम बरियारपुर के टोला दलपिठनी के पश्चिम स्थित भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के मिट्टी की खुदाई की जा रही है। सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची राजस्व टीम ने जांच की तो पाया कि मौजा बरियारपुर, तप्पा-कचुआर स्थित आराजी संख्या 325, जिसका कुल रकबा 1.368 हेक्टेयर है, वहां से ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से मिट्टी निकाली जा रही थी।
जांच के दौरान चालक से खनन कार्य से संबंधित वैध परमिट, अनुमति पत्र एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कोई भी वैध अभिलेख नहीं दिखा सका। प्रथम दृष्टया मामला अवैध खनन का पाए जाने पर राजस्व टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया।
थाना बरियारपुर में सुपुर्द किया गया वाहन
राजस्व विभाग ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जब्त किए गए ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाना बरियारपुर के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की अभिरक्षा में वाहन को सुरक्षित रखा गया है ताकि आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। प्रशासन अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि अवैध खनन के पीछे कौन लोग शामिल हैं और यह गतिविधि कब से संचालित की जा रही थी।
उप जिलाधिकारी ने की कठोर कार्रवाई की संस्तुति
राजस्व निरीक्षक की विस्तृत आख्या प्राप्त होने के बाद उप जिलाधिकारी सदर ने पूरे प्रकरण की समीक्षा की। जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने उत्तर प्रदेश उपखनिज परिहार नियमावली के अंतर्गत संबंधित वाहन एवं दोषियों पर अधिकतम आर्थिक दंड अधिरोपित किए जाने की संस्तुति की है। साथ ही मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रकरण को प्रभारी अधिकारी (खनन) एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के पास अग्रेषित कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे और यदि आवश्यक हुआ तो अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित दोहन को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। राजस्व, खनन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर रही हैं ताकि अवैध खनन में संलिप्त लोगों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि बिना वैध अनुमति के मिट्टी, बालू अथवा अन्य उपखनिजों का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में न केवल वाहन जब्त किए जाते हैं, बल्कि भारी जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है अवैध खनन पर रोक
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध मिट्टी खनन केवल सरकारी राजस्व की हानि नहीं पहुंचाता, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। अनियंत्रित खुदाई से कृषि भूमि की उर्वरता कम होती है, जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है और कई बार सड़कें तथा सार्वजनिक संपत्तियां भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। यही कारण है कि शासन स्तर पर अवैध खनन के विरुद्ध लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से की सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं भी बिना अनुमति के मिट्टी या अन्य खनिजों का अवैध खनन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या पुलिस को दें। प्रशासन का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इससे न केवल सरकारी संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।









