बदतमीजी दिल की
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“राजा रंगबाज़ हमरा लाज लागे” : भोजपुरी लोकभावना में प्रेम, संकोच और आकर्षण की अनकही कथा
🖊️ अनिल अनूप भोजपुरी लोकसंगीत की परंपरा में एक छोटी-सी पंक्ति भी भावनाओं, संस्कृति और सामाजिक मनोविज्ञान का विराट संसार…
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घणी बातां, गहरा सच : “फलौदी” की फुसफुसाती गलियों में “गुस्ताख दिल” का सफर
✍ अनिल अनूप के साथ बल्लभ लखेश्री रेत की लकीरों में लिखी अधूरी सभ्यता : जयपुर से फलौदी तक गुस्ताख…
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