16 अक्टूबर 2026 8:06 अपराह्न

भाजपा लोकतांत्रिक नहीं, अधिनायकवादी पार्टी है : सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव

सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव की पत्रकार वार्ता, निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल और रिपोर्टर इरफान अली लारी की तस्वीर।

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निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सपा के राष्ट्रीय सचिव ने उठाए सवाल, मताधिकार से वंचित किए जाने का लगाया आरोप

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने भारतीय जनता पार्टी पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक पार्टी नहीं, बल्कि अधिनायकवादी सोच के साथ काम करने वाली पार्टी है। श्रीवास्तव ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में आम नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित किया गया है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों का जवाब निर्वाचन आयोग को देना चाहिए, लेकिन इस मामले में भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

सलेमपुर क्षेत्र के हरैया स्थित गोकुल स्वीट्स में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर समाजवादी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची और मताधिकार से संबंधित गंभीर सवालों पर आयोग की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में मतदाता का अधिकार सर्वोपरि है और किसी भी नागरिक को उचित प्रक्रिया के बिना उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

निर्वाचन आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल

सपा के राष्ट्रीय सचिव सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग की कथित गलतियों के कारण लगभग 13 करोड़ आम नागरिकों को मताधिकार से वंचित कर दिया गया। उन्होंने इस आंकड़े को लेकर आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ता है।

श्रीवास्तव ने कहा कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी केवल चुनाव कराना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अवसर मिले। यदि मतदाता सूची में नाम हटाने, गलत प्रविष्टियां करने या पात्र मतदाताओं को मतदान से बाहर रखने जैसी शिकायतें सामने आती हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि मताधिकार से जुड़ी शिकायतों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।

हालांकि, पत्रकार वार्ता में 13 करोड़ नागरिकों के मताधिकार से वंचित होने के दावे के समर्थन में कोई विस्तृत दस्तावेज या आधिकारिक आंकड़ा प्रस्तुत किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस संख्या को सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण आवश्यक होगा।

निर्वाचन आयोग से मिलने जा रहे थे सपा सांसद: श्रीवास्तव

सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर शिकायत दर्ज कराने के लिए समाजवादी पार्टी के सांसद आयोग के अधिकारियों से मिलने जा रहे थे। उनके अनुसार, इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित समाजवादी पार्टी के सांसदों को रास्ते में गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित सवाल उठाना और आयोग के समक्ष शिकायत रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। यदि किसी राजनीतिक दल को मतदाता सूची या मताधिकार के संबंध में शिकायत है, तो उसे अपनी बात संबंधित संवैधानिक संस्था तक पहुंचाने का अवसर मिलना चाहिए।

सपा नेता ने कहा कि निर्वाचन आयोग से शिकायत करने जा रहे प्रतिनिधियों के साथ हुई कार्रवाई ने कई सवाल खड़े किए हैं। उनके मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम पर निष्पक्ष स्पष्टीकरण सामने आना चाहिए, ताकि लोगों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

गिरफ्तारी के विरोध में समाजवादी पार्टी ने जताया आक्रोश

श्रीवास्तव ने कहा कि अखिलेश यादव और पार्टी सांसदों की गिरफ्तारी के विरोध में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने विरोध दर्ज कराया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और राजनीतिक विरोध की स्वतंत्रता से जुड़ा विषय बताया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका केवल सरकार की नीतियों का समर्थन करना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना भी है। जब विपक्ष किसी संवैधानिक संस्था के समक्ष शिकायत रखने की कोशिश करता है, तो उस मामले को नियमों और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार देखा जाना चाहिए।

सपा नेता के अनुसार, मतदाता सूची, नागरिकों के मतदान अधिकार और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही ऐसे मुद्दे हैं जिनका संबंध सीधे लोकतंत्र की विश्वसनीयता से है। इसलिए इन पर उठने वाले सवालों का समाधान तथ्यों, दस्तावेजों और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।

भाजपा और निर्वाचन आयोग पर लगाया आरोप

पत्रकार वार्ता के दौरान सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने सवाल उठाया कि जब शिकायत निर्वाचन आयोग से की जा रही है, तो जवाब भाजपा की ओर से क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच संबंधों को लेकर सवाल पैदा होते हैं। इसी आधार पर उन्होंने दोनों के बीच निकटता होने का आरोप लगाया।

उन्होंने भाजपा की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर जनता का भरोसा कायम रहना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव से जुड़े मामलों में किसी भी राजनीतिक दल के प्रति पक्षपात की आशंका भी गंभीर विषय है, क्योंकि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता सभी पक्षों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।

हालांकि, भाजपा और निर्वाचन आयोग के बीच मिलीभगत या किसी संस्थागत पक्षपात के आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष आवश्यक है। पत्रकार वार्ता में व्यक्त विचारों को सपा नेता के राजनीतिक आरोप और दावे के रूप में ही समझा जाना चाहिए।

मताधिकार और निष्पक्ष चुनाव पर बहस

सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव की पत्रकार वार्ता में मताधिकार, निर्वाचन आयोग की जवाबदेही, विपक्ष के विरोध और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप प्रमुख मुद्दे रहे। उनके वक्तव्य का केंद्रीय संदेश यह था कि मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए और पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित किए जाने की किसी भी शिकायत की जांच की जानी चाहिए।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची की शुद्धता और राजनीतिक दलों को अपनी शिकायतें रखने का अवसर मिलना महत्वपूर्ण है। इन विषयों पर उठने वाले सवालों का समाधान आधिकारिक रिकॉर्ड, स्पष्ट तथ्यों और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर होना चाहिए।

सलेमपुर में हुई इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन आयोग की भूमिका और भाजपा की राजनीतिक कार्यशैली पर अपना विरोध दर्ज कराया। अब मताधिकार से वंचित किए जाने के दावे, गिरफ्तारी के घटनाक्रम और निर्वाचन आयोग की भूमिका से जुड़े सवालों पर आधिकारिक तथ्यों तथा संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया से स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

पत्रकार वार्ता में मौजूद लोग: इस अवसर पर मंजूर आलम, सांसद के मीडिया प्रभारी, तथा वरिष्ठ सपा नेता श्याम देव यादव भी मौजूद रहे।

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