16 अक्टूबर 2026 5:59 अपराह्न

चित्रकूट की बेटियों ने वालीबाल में रचा इतिहास, प्रदेश में तीसरे स्थान के साथ दो खिलाड़ियों का नेशनल प्रतियोगिता के लिए चयन

चित्रकूट की बालिका वालीबाल टीम के सम्मान समारोह की तस्वीर, साथ में रिपोर्टर सूरज सिंह राणा

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सूरज सिंह राणा की रिपोर्ट

चित्रकूट। खेल के मैदान में बेटियों की मेहनत जब सफलता में बदलती है तो उसका असर सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे जिले का उत्साह बढ़ता है। चित्रकूट की बालिकाओं ने इसी जज्बे और लगन का परिचय देते हुए प्रदेशीय विद्यालयीय वालीबाल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय इटौरा की बालिका वालीबाल टीम ने 17वीं प्रदेशीय विद्यालयीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया है। टीम के इस प्रदर्शन ने न केवल विद्यालय और जनपद का नाम रोशन किया, बल्कि लंबे अंतराल के बाद चित्रकूट को प्रदेशीय स्तर पर बालिका वालीबाल में महत्वपूर्ण उपलब्धि दिलाई है।

सबसे खास बात यह रही कि टीम की दो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों विनीता और रिंकी का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया गया है। दोनों खिलाड़ियों के चयन से विद्यालय, परिवार, प्रशिक्षकों और खेल जगत में खुशी का माहौल है। अब इन दोनों खिलाड़ियों के सामने राष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करने की नई चुनौती होगी।

आजमगढ़, गोरखपुर और वाराणसी को हराकर बनाई जगह

प्रदेशीय प्रतियोगिता में चित्रकूट की बालिका वालीबाल टीम ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ मुकाबले खेले। टीम ने अपने खेल में अनुशासन, तालमेल और संघर्ष की भावना का परिचय देते हुए आजमगढ़, गोरखपुर और वाराणसी की टीमों को पराजित किया। लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते चित्रकूट की टीम ने प्रतियोगिता के अगले चरण में अपनी जगह बनाई।

मैचों के दौरान खिलाड़ियों ने एक-दूसरे का भरपूर साथ दिया। सर्विस, पासिंग, ब्लॉक और अटैक में टीम का समन्वय देखने को मिला। सीमित संसाधनों के बीच नियमित अभ्यास और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में तैयार हुई इस टीम ने प्रदेश की मजबूत टीमों के सामने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उससे जिले की खेल प्रतिभाओं की क्षमता भी सामने आई।

सेमीफाइनल मुकाबले में चित्रकूट की टीम का सामना मुरादाबाद से हुआ। कड़े मुकाबले में चित्रकूट को हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने प्रतियोगिता में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

25 साल बाद बालिकाओं ने दिलाया कांस्य पदक

बालिका वालीबाल टीम की इस उपलब्धि को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि करीब 25 वर्ष बाद चित्रकूट की बालिकाओं ने प्रदेशीय स्तर पर वालीबाल में कांस्य पदक हासिल किया है। लंबे अंतराल के बाद मिली इस सफलता ने जिले के खेल प्रेमियों और शिक्षा विभाग के बीच नई उम्मीद पैदा की है।

बीएसए रंजना शुक्ला ने खिलाड़ियों की सफलता को जिले के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष आयु वर्ग में कक्षा छह, सात और आठ की छात्राओं ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह उनकी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है। इतनी कम उम्र में प्रदेशीय प्रतियोगिता में स्थान हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि बालिकाओं को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए विद्यालय स्तर से ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। जब बच्चों को अभ्यास, प्रशिक्षक और प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिलता है तो उनकी प्रतिभा निखरती है और वे बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने में सफल होते हैं।

खिलाड़ियों का सम्मान, बढ़ाया उत्साह

प्रदेशीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों के सम्मान में बुधवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बीएसए रंजना शुक्ला और क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अरविंद सोनकर ने खिलाड़ियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद उन्हें मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। खिलाड़ियों को ट्रैक सूट देकर भी सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह में अधिकारियों ने खिलाड़ियों की उपलब्धि की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। खिलाड़ियों के चेहरों पर सम्मान मिलने की खुशी साफ दिखाई दी। प्रशिक्षकों और विद्यालय से जुड़े लोगों ने भी इसे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।

इस अवसर पर प्रशिक्षक श्याम सुंदर यादव और श्रीकेशन सहित अन्य लोग मौजूद रहे। प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों की सफलता का श्रेय नियमित अभ्यास, टीम भावना और प्रतियोगिता के दौरान उनके आत्मविश्वास को दिया।

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अब विनीता और रिंकी पर निगाहें

प्रदेशीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद विनीता और रिंकी का चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए होना चित्रकूट के लिए दूसरी बड़ी उपलब्धि है। दोनों खिलाड़ी अब प्रदेश से आगे राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

इन दोनों के चयन से जिले की अन्य बालिकाओं को भी खेल के क्षेत्र में आगे आने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है। विद्यालय स्तर पर यदि खेल प्रतिभाओं को लगातार प्रोत्साहन मिलता रहे तो ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी सामने आ सकते हैं।

चित्रकूट जैसे जिले में बालिका खिलाड़ियों की यह उपलब्धि इस बात का संकेत भी है कि ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें उचित प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता दिखाने के अवसर देने की है।

स्कूल खेल प्रतियोगिताओं को लेकर शिक्षा विभाग सक्रिय

बालिका वालीबाल टीम की सफलता के बीच शिक्षा विभाग ने आगामी विद्यालयीय खेल प्रतियोगिताओं को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी हैं। बीएसए रंजना शुक्ला ने जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला व्यायाम शिक्षक, ब्लॉक व्यायाम शिक्षकों, खेल अनुदेशकों तथा व्यायाम पीटी टीम के प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक की।

बैठक में विद्यालय स्तर से लेकर जनपद और मंडल स्तर तक होने वाली खेल गतिविधियों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।

पांच अक्टूबर तक संकुल रैली कराने के निर्देश

बैठक में बीएसए ने संबंधित अधिकारियों को संकुल रैली पांच अक्टूबर तक आयोजित कराने के निर्देश दिए। इसके बाद ब्लॉक स्तरीय रैली छह और सात अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें आगे की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा।

इसके बाद जनपदीय रैली 14 और 15 अक्टूबर को आयोजित होगी। जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ी आगे मंडलीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।

17 और 18 अक्टूबर को होगी मंडलीय रैली

विद्यालयीय खेल प्रतियोगिताओं के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंडलीय रैली 17 और 18 अक्टूबर को आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए ने अधिकारियों से कहा कि सभी प्रतियोगिताओं को निर्धारित समय पर पूरा कराया जाए और खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

शिक्षा विभाग के अनुसार जनपदीय और मंडलीय रैली ऋषि गुरुकुलम, राजापुर में आयोजित होगी। प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

एक कांस्य पदक ने बढ़ाई नई उम्मीद

उच्च प्राथमिक विद्यालय इटौरा की बालिका वालीबाल टीम की उपलब्धि केवल एक पदक जीतने तक सीमित नहीं है। यह सफलता उन छात्राओं के लिए प्रेरणा बन सकती है जो पढ़ाई के साथ खेलों में अपना भविष्य तलाश रही हैं। 14 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं ने प्रदेश की प्रतियोगिता में जिस स्तर का प्रदर्शन किया है, उससे यह उम्मीद मजबूत हुई है कि आने वाले समय में चित्रकूट से और भी खिलाड़ी राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

प्रदेश में तीसरा स्थान, 25 वर्ष बाद कांस्य पदक और विनीता व रिंकी का राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन—इन तीन उपलब्धियों ने चित्रकूट के विद्यालयी खेलों को नई चर्चा दी है। अब जरूरत इस सफलता को आगे बढ़ाने की है, ताकि एक प्रतियोगिता की जीत आने वाले वर्षों में मजबूत खेल संस्कृति का आधार बन सके। खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और शिक्षा विभाग का प्रोत्साहन मिलकर जिले की नई खेल प्रतिभाओं के लिए रास्ता खोल सकता है।

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