17 अक्टूबर 2026 9:26 अपराह्न

स्वतंत्रता दिवस पर इप्टा ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण का लिया संकल्प

चाईबासा में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर इप्टा सदस्यों द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि, ध्वजारोहण और अमर शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण का दृश्य

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ब्यूरो रिपोर्ट, चाईबासा

चाईबासा में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की चाईबासा इकाई की ओर से देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान शहीद पार्क में स्थित शिला स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों को नमन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, शहर के नागरिक और इप्टा से जुड़े सदस्य मौजूद रहे। देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम और शहीदों की स्मृतियों से भावविभोर नजर आया।

शहीद पार्क में हुआ ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत शहीद पार्क में ध्वजारोहण के साथ हुई। इप्टा चाईबासा के संस्थापक तरुण मुहम्मद ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद स्कूली बच्चों और आम नागरिकों में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।

ध्वजारोहण के दौरान पूरा शहीद पार्क देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने ‘भारत माता की जय’, ‘महात्मा गांधी की जय’ और ‘वीर भगत सिंह अमर रहे’ जैसे नारों के साथ स्वतंत्रता आंदोलन के महान सेनानियों को याद किया। समारोह में बच्चों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को विशेष रूप से जीवंत बना दिया।

शहीदों को पुष्प अर्पित कर किया नमन

ध्वजारोहण के बाद इप्टा के सदस्यों और उपस्थित नागरिकों ने शहीद पार्क स्थित शिला स्तंभ पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आजादी केवल राजनीतिक स्वतंत्रता का नाम नहीं है, बल्कि यह उन मूल्यों और आदर्शों की रक्षा करने की जिम्मेदारी भी है, जिनके लिए देश के असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों ने संघर्ष किया। शहीदों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को उनके विचारों से परिचित कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

बच्चों और नागरिकों के बीच बांटी मिठाइयां

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान इप्टा की ओर से उपस्थित लोगों के बीच मिठाइयां वितरित की गईं। वहीं स्कूली बच्चों को चॉकलेट बांटकर उनके साथ राष्ट्रीय पर्व की खुशियां साझा की गईं। आयोजन में शामिल बच्चों में मिठाई और चॉकलेट मिलने को लेकर उत्साह दिखाई दिया।

इप्टा कार्यकर्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए। समाज के हर वर्ग की भागीदारी के साथ स्वतंत्रता दिवस को मनाने से राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना मजबूत होती है।

अमर शहीद राम भगवान केरकेट्टा को भी किया नमन

कार्यक्रम के दौरान इप्टा के सदस्यों ने पोस्ट ऑफिस चौक स्थित अमर शहीद राम भगवान केरकेट्टा की आदमकद प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके योगदान को याद किया गया।

इप्टा की ओर से कहा गया कि स्थानीय स्तर पर स्वतंत्रता आंदोलन और देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को जीवित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नई पीढ़ी को यह बताना जरूरी है कि आज मिली स्वतंत्रता के पीछे असंख्य लोगों का संघर्ष, त्याग और बलिदान जुड़ा हुआ है।

शहीद हमारे प्रेरणास्रोत : कैसर परवेज

समारोह को संबोधित करते हुए इप्टा चाईबासा के अध्यक्ष कैसर परवेज ने कहा कि देश के वीर शहीद आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उनके आदर्श समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शन का काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है, जब हम उनके सपनों और मूल्यों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें।

उन्होंने सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और देशहित को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार स्वतंत्रता दिवस देश के नागरिकों को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का भी अवसर है।

गांधी के आदर्शों पर चलने की जरूरत : संजय चौधरी

इप्टा के सचिव संजय चौधरी ने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलकर ही देश के समग्र विकास का रास्ता मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सत्य, अहिंसा, सामाजिक सद्भाव और जनहित को राष्ट्र निर्माण की बुनियादी आवश्यकताएं बताया।

उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन के दौरान जिन मूल्यों को लेकर संघर्ष किया गया, उन्हें वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करके ही लोकतांत्रिक भारत को और बेहतर बनाया जा सकता है।

तरुण मुहम्मद ने उठाए सामाजिक चुनौतियों पर सवाल

इप्टा के संस्थापक तरुण मुहम्मद ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी के 80 वर्ष बाद भी देश में भुखमरी, गरीबी और महंगाई जैसी समस्याएं मौजूद हैं। इसके साथ ही अंधविश्वास और जातिवाद जैसी सामाजिक बुराइयां भी समाज के सामने चुनौती बनी हुई हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश के अमर शहीदों ने ऐसे भारत का सपना देखा था? उनके अनुसार स्वतंत्रता सेनानियों की कल्पना ऐसे भारत की थी, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान और समान अवसर मिले तथा समाज में भेदभाव और शोषण के लिए कोई जगह न हो।

तरुण मुहम्मद ने कहा कि देश को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकार या किसी एक संस्था की नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान

तरुण मुहम्मद ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त और बेहतर भारत का निर्माण तभी संभव है, जब समाज के लोग अपने स्तर पर भी इसके खिलाफ जागरूकता पैदा करें। उन्होंने कहा कि शहीदों को श्रद्धांजलि देने का वास्तविक अर्थ उनके सपनों के भारत के निर्माण की दिशा में काम करना है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अपनी आवाज मजबूत करें और देश की एकता, भाईचारे तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल ध्वजारोहण और राष्ट्रगान तक सीमित रहने के बजाय आत्ममंथन और संकल्प का अवसर भी होना चाहिए।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

स्वतंत्रता दिवस समारोह में इप्टा से जुड़े तरुण मुहम्मद, कैसर परवेज, संजय चौधरी, शीतल बागे, राजू प्रजापति, पप्पू मछुआ, शिव शंकर राम, पल्लव डे, गिरीश दोदराजका और शीला महंता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। समारोह स्थल पर स्कूली बच्चों और आम नागरिकों की भी अच्छी-खासी भीड़ रही।

पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का माहौल बना रहा। शहीदों को श्रद्धांजलि, ध्वजारोहण, देशभक्ति के नारों और सामाजिक सरोकारों पर वक्ताओं के विचारों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को महज औपचारिक आयोजन से आगे बढ़ाकर सामाजिक चेतना से जोड़ दिया।

इप्टा चाईबासा के इस आयोजन में शहीदों के बलिदान को याद करने के साथ-साथ वर्तमान भारत की चुनौतियों पर विचार करने और बेहतर, समानतापूर्ण तथा भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया।

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