एलपीजी टैंकर बना आग का गोला, चालक की जिंदा जलकर मौत, पांच लोग गंभीर रूप से झुलसे
डिवाइडर से टकराते ही मचा धमाका, चार घंटे तक चला राहत एवं बचाव अभियान
रिपोर्ट: चुन्नीलाल प्रधान
कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। प्रयागराज-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कोखराज टोल प्लाजा के समीप एलपीजी गैस से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही पलों में टैंकर आग के विशाल गोले में तब्दील हो गया। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटों और काले धुएं ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में टैंकर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमों ने करीब चार घंटे तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया।
हादसे के बाद मच गई अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब छह बजे एलपीजी गैस से लदा टैंकर कोखराज टोल प्लाजा के समीप अचानक संतुलन खो बैठा और डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर के तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही सेकेंड में आग ने पूरे टैंकर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारी, राहगीर और वाहन चालक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हादसे के बाद कई किलोमीटर दूर तक काला धुआं दिखाई देता रहा। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोई भी व्यक्ति टैंकर के नजदीक जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
केबिन में फंसे चालक की दर्दनाक मौत
हादसे के समय टैंकर के केबिन में दो लोग सवार थे। आग लगते ही उनमें से एक व्यक्ति किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन वह भी गंभीर रूप से झुलस गया। दूसरा व्यक्ति केबिन के अंदर ही फंस गया और आग की लपटों से बाहर नहीं निकल सका। जब दमकल कर्मियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया तो केबिन के भीतर से केवल कंकाल बरामद हुआ। आशंका जताई जा रही है कि मृतक टैंकर चालक था, जिसकी आग में जिंदा जलकर मौत हो गई।
टोल प्लाजा के कर्मचारी भी झुलसे
हादसे की चपेट में टोल प्लाजा पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी भी आ गए। आग और गैस की गर्म लपटों के कारण कई कर्मचारी झुलस गए। इस हादसे में कुल पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि हुई है। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
चार घंटे तक चला राहत और बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दमकल की कई गाड़ियों को आग बुझाने के लिए लगाया गया। एलपीजी गैस से भरे टैंकर में लगी आग लगातार भड़कती रही, जिससे राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया।
पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण प्रजापत स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे बचाव अभियान की निगरानी की। सुरक्षा के मद्देनजर टोल प्लाजा के आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
वीडियो में दिखी हादसे की भयावह तस्वीर
घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में टैंकर से निकलती आग की ऊंची लपटें और आसमान तक उठता काला धुआं साफ दिखाई दे रहा है। आसपास मौजूद लोग दूर से इस भयावह दृश्य को अपने मोबाइल फोन में कैद करते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतना भीषण हादसा नहीं देखा था।
पुलिस ने शुरू की जांच
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा टैंकर के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के कारण हुआ। हालांकि वाहन के नियंत्रण खोने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। टैंकर की गति, चालक की स्थिति और वाहन की तकनीकी खामियों समेत सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर एलपीजी और अन्य ज्वलनशील पदार्थों से भरे वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वाहनों के लिए नियमित तकनीकी जांच, निर्धारित गति सीमा का पालन और आपातकालीन सुरक्षा उपायों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि टोल प्लाजा और संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास आपदा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत कार्य किया जा सके।
कोखराज टोल प्लाजा के पास हुआ यह हादसा न केवल एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना है, बल्कि यह ज्वलनशील पदार्थों के परिवहन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीर परीक्षा भी है। एक चालक की जान चली गई, कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए और घंटों तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इतनी बड़ी दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।









