देवरिया

विकास कार्यों की समीक्षा में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दिए सख्त निर्देश

जलवायु परिवर्तन के मद्देनज़र कृषि, सिंचाई और विद्युत विभागों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया। जनपद के समग्र विकास एवं किसानों की समस्याओं के प्रभावी समाधान को लेकर गांधी सभागार, विकास भवन देवरिया में प्रदेश के कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया। इस दौरान कृषि मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कृषि, पशुपालन, उद्यान, सिंचाई, विद्युत और नलकूप विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा सभी योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बदलते मौसम और घटती वर्षा की स्थिति किसानों के लिए नई चुनौतियां लेकर आ रही है। ऐसे में कृषि विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कम पानी में तैयार होने वाली फसलों के प्रति किसानों को जागरूक किया जाए तथा उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही किसानों को समय से गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए ताकि खेती की तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

किसानों को समय पर मिले बीज और सिंचाई की सुविधा

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद के सभी राजकीय नलकूपों को शत-प्रतिशत क्रियाशील बनाया जाए। जिन नलकूपों में तकनीकी खराबियां हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए ताकि किसानों को सिंचाई के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि खेती की सफलता के लिए समय पर सिंचाई अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नहरों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए अंतिम छोर यानी टेल तक पानी पहुंचाया जाए। कई बार नहरों का पानी अंतिम गांवों तक नहीं पहुंच पाता, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति को समाप्त करने के लिए अधिकारियों को प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

विद्युत विभाग को शिकायतों के त्वरित निस्तारण का आदेश

बैठक में विद्युत आपूर्ति से संबंधित मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युत आपूर्ति का समय और रोस्टर स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक किया जाए, जिससे आम लोगों को इसकी जानकारी मिल सके।

उन्होंने विद्युत विभाग को यह भी निर्देश दिया कि बिजली से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। समीक्षा के दौरान विकास खंड गौरीबाजार क्षेत्र में विद्युत संबंधी शिकायतों की संख्या अधिक पाए जाने पर कृषि मंत्री ने अधीक्षण अभियंता को विशेष रूप से निर्देशित किया कि क्षेत्र की समस्याओं का तत्काल समाधान कर लोगों को राहत प्रदान की जाए।

गो-आश्रय स्थलों में पशुओं के लिए बेहतर व्यवस्था के निर्देश

गर्मी के मौसम को देखते हुए कृषि मंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आश्रय स्थलों में रहने वाले पशुओं को भीषण गर्मी से बचाने के लिए पर्याप्त छायादार स्थान, स्वच्छ पेयजल, भूसा तथा हरे चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पशुपालकों को भी गर्मी के दौरान पशुओं की देखभाल और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाए। पशुओं के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए ताकि गर्मी के कारण किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

सड़कों के किनारे होगा वृक्षारोपण

पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि मंत्री ने नवनिर्मित सड़कों के किनारे व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जाए ताकि वे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकें।

इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे अधूरे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अमृत सरोवर और तालाबों की सफाई पर विशेष जोर

बैठक में जल संरक्षण और ग्रामीण स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। कृषि मंत्री ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी अमृत सरोवरों, तालाबों और पोखरों की नियमित साफ-सफाई कराई जाए।

उन्होंने कहा कि गांवों का गंदा पानी सीधे तालाबों में जाने से रोका जाए ताकि जल स्रोत प्रदूषित न हों और पशुओं को स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके। तालाबों का संरक्षण ग्रामीण पर्यावरण और जल संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इस दिशा में विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है।

विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

समीक्षा बैठक के समापन पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, जिससे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के प्रभावी अनुपालन का आश्वासन दिया।

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