औरामा ग्राम पंचायत में उमड़ा आस्था का सैलाब, विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
हनुमान भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम बना छठा मंगलवार
कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
लखनऊ। ज्येष्ठ माह के छठे मंगलवार के अवसर पर औरामा ग्राम पंचायत में धार्मिक आस्था, जनसेवा और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। क्षेत्र के पूर्व प्रधान विनोद शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
मंगलवार को सुबह से ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। आयोजन स्थल पर बजरंगबली के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों तथा बच्चों ने कार्यक्रम में भागीदारी निभाई।
हनुमान जी की कृपा से निरंतर जारी है सेवा का क्रम
पूर्व प्रधान विनोद शुक्ला ने बताया कि वे वर्षों से ज्येष्ठ माह के मंगल पर्व पर विशाल भंडारे का आयोजन करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि भगवान हनुमान की कृपा और क्षेत्रवासियों के सहयोग से यह सेवा कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने और सेवा की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी बनते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष क्षेत्र के लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाता है।
भीषण गर्मी में गन्ने के रस से किया गया स्वागत
जून माह की भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। भंडारे में पहुंचने वाले लोगों का गन्ने के ताजे रस से स्वागत किया गया। गर्म मौसम में शीतल पेय के रूप में गन्ने के रस की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
आयोजकों ने बताया कि लोगों को गर्मी से राहत दिलाने के उद्देश्य से पर्याप्त मात्रा में ठंडे पेयजल और गन्ने के रस की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
सब्जी-पूड़ी और बूंदी के प्रसाद का लिया आनंद
भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए स्वादिष्ट प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। प्रसाद के रूप में सब्जी-पूड़ी और बूंदी वितरित की गई, जिसे लोगों ने बड़े प्रेम और श्रद्धा के साथ ग्रहण किया। आयोजन समिति के स्वयंसेवक पूरे समय व्यवस्था संभालते रहे और सभी आगंतुकों को सम्मानपूर्वक प्रसाद वितरित करते रहे।
भंडारे में शामिल लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन केवल धार्मिक आस्था को ही नहीं बढ़ाते बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने परिवार सहित पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्रा समेत कई नेताओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्रा ने भी पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। उनके साथ क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, वरिष्ठ नागरिक तथा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को समाज के लिए आवश्यक बताते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक विषयों पर भी चर्चा हुई और क्षेत्र के विकास को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का बना उदाहरण
विशाल भंडारा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का भी उदाहरण बना। विभिन्न वर्गों, समुदायों और आयु वर्ग के लोगों ने बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। विशेष रूप से युवाओं को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने में भी इन आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
देर शाम तक चलता रहा श्रद्धालुओं का आगमन
भंडारे में श्रद्धालुओं का आगमन देर शाम तक जारी रहा। आयोजन समिति के सदस्य लगातार व्यवस्थाओं में जुटे रहे ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और सुव्यवस्थित प्रबंधन देखने को मिला।
कार्यक्रम के समापन पर पूर्व प्रधान विनोद शुक्ला ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का स्नेह और भगवान हनुमान का आशीर्वाद ही ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार जनसेवा और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का संकल्प दोहराया।
औरामा ग्राम पंचायत में आयोजित यह विशाल भंडारा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सेवा, सहयोग और सामाजिक एकता का प्रेरणादायक संदेश भी देकर गया। क्षेत्र के लोगों के लिए यह आयोजन लंबे समय तक यादगार बना रहेगा।







