डेढ़ साल के मासूम को 8 बार पटककर मौत के घाट उतारा, CCTV ने खोली दरिंदगी की पूरी कहानी
रिश्तों को शर्मसार करने वाली दरिंदगी, शादी का दबाव ठुकराने पर डेढ़ साल के बच्चे की निर्मम हत्या
ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में सामने आया डेढ़ वर्षीय मासूम आरव हत्याकांड पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला मामला बन गया है। जिस उम्र में एक बच्चा ठीक से बोलना भी नहीं सीख पाता, उस उम्र में उसे ऐसी क्रूरता का शिकार होना पड़ा जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप उठती है। इस घटना ने न केवल मानवता को शर्मसार किया है बल्कि रिश्तों के भीतर पनप रही विकृत मानसिकता को भी उजागर कर दिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने एकतरफा विवाह की जिद और बदले की भावना में मासूम को निशाना बनाया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
शनिवार दोपहर हुई दिल दहला देने वाली वारदात
घटना शिकोहाबाद थाना क्षेत्र की यादव कॉलोनी की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार आरव की मां रति देवी पिछले कई महीनों से वैवाहिक विवाद के चलते अपने मायके में रह रही थीं। वह अपने परिवार के साथ कानूनी सलाह लेने के लिए शिकोहाबाद पहुंची थीं। उनके साथ उनकी मां और डेढ़ वर्षीय पुत्र आरव भी मौजूद था।
इसी दौरान परिवार का रिश्तेदार विराज उर्फ जितेंद्र पाठक वहां पहुंचा। परिवार के लोगों को उस पर किसी प्रकार का संदेह नहीं था क्योंकि वह रिश्तेदारी से जुड़ा हुआ था। आरोपी ने बच्चे को चॉकलेट दिलाने की बात कहकर अपने साथ ले लिया। कुछ देर बाद जो हुआ उसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी बच्चे को सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए कई बार जमीन पर पटक दिया। गंभीर चोटों के कारण मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने शव को नाले में फेंक दिया और वहां से फरार हो गया।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली वारदात की परतें
घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जब सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सामने आई तो लोगों के होश उड़ गए। फुटेज में आरोपी बच्चे को लेकर जाता और उसके साथ क्रूरता करता दिखाई दिया।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जिसने भी यह दृश्य देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। स्थानीय नागरिकों ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए कठोरतम दंड की मांग की।
शादी के लिए दबाव और बदले की साजिश
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए, वे और भी चौंकाने वाले हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी लंबे समय से रति देवी पर शादी करने का दबाव बना रहा था। महिला ने उसके प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया था।
इस अस्वीकार को आरोपी अपनी बेइज्जती मान बैठा। बदले की भावना उसके मन में इतनी गहराई तक बैठ गई कि उसने महिला को मानसिक पीड़ा पहुंचाने के लिए उसके मासूम बेटे को निशाना बना लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल हत्या का मामला नहीं है, बल्कि महिलाओं की स्वतंत्र इच्छा को स्वीकार न कर पाने वाली विकृत मानसिकता का भी उदाहरण है। समाज में बढ़ रही ऐसी सोच भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
चार पुलिस टीमों ने शुरू की तलाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कई विशेष टीमों का गठन किया गया। आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई।
पुलिस ने तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। लगातार चल रहे अभियान के बाद पुलिस को आरोपी की लोकेशन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
मुठभेड़ के बाद आरोपी गिरफ्तार
रविवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी शिकोहाबाद क्षेत्र के एक गांव के पास देखा गया है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे घेरने का प्रयास किया।
बताया जाता है कि पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सके।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
मासूम आरव की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। मां रति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि किसी भी मां के लिए अपने बच्चे को इस तरह खो देना जीवन का सबसे बड़ा दुख होता है। परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है और चाहता है कि दोषी को ऐसी सजा मिले जो समाज के लिए नजीर बने।
मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिसने उनके बेटे के साथ इतनी बेरहमी दिखाई है, उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। परिवार और स्थानीय लोग लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
समाज के लिए गंभीर चेतावनी
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी भी है। रिश्तों में विश्वास की जगह जबरन अधिकार जताने की प्रवृत्ति, महिलाओं की इच्छा का सम्मान न करना और बदले की भावना में निर्दोष बच्चों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि परिवारों और समाज को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप और परामर्श व्यवस्था भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हथियार बरामद होने के कारण शस्त्र अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। जांच अधिकारी घटना से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं ताकि अदालत में मजबूत पैरवी की जा सके।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी को कठोर दंड का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि मामला एक मासूम बच्चे की योजनाबद्ध हत्या से जुड़ा है, इसलिए इसे अत्यंत गंभीर अपराध माना जा रहा है।
डेढ़ वर्षीय आरव अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी दर्दनाक मौत ने पूरे समाज को कई सवालों के सामने खड़ा कर दिया है। क्या किसी व्यक्ति का अहंकार इतना बड़ा हो सकता है कि वह एक निर्दोष बच्चे की जान ले ले? क्या रिश्तों की मर्यादा और इंसानियत इतनी कमजोर हो गई है?
यह घटना बताती है कि बदले और जुनून की मानसिकता किस हद तक खतरनाक हो सकती है। समाज और कानून दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे अपराधियों को सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई अन्य मासूम ऐसी दरिंदगी का शिकार न बने।
नन्हे आरव की याद हमेशा लोगों के दिलों में रहेगी और न्याय की यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक दोषी को उसके अपराध की उचित सजा नहीं मिल जाती।







