मौसम का महाअलर्ट : 15 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली का खतरा, 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

रिपोर्टर कमलेश कुमार चौधरी के साथ मौसम विभाग के महाअलर्ट को दर्शाती फीचर इमेज, जिसमें तेज आंधी, भारी बारिश, बिजली गिरने और तूफानी हवाओं का दृश्य दिखाया गया है।

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कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

देशभर में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को आने वाले दिनों में मौसम से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत अपने साथ कई चुनौतियां भी लेकर आ रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 3 जून से देश के कई हिस्सों में तेज बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम अचानक करवट लेने वाला है, जिसके चलते जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। कई क्षेत्रों में हवा की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।

क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में उत्तर-पूर्वी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले वायुमंडलीय स्तर पर एक मजबूत चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही 3 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया और प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश करने जा रहा है।

इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है और अस्थिरता उत्पन्न हो रही है। यही कारण है कि देश के विभिन्न हिस्सों में तेज गर्जना, बिजली चमकने, बारिश और आंधी जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना है।

15 राज्यों के लिए जारी हुआ विशेष अलर्ट

मौसम विभाग ने जिन राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल और तमिलनाडु प्रमुख हैं।

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इन राज्यों में अलग-अलग स्तर की वर्षा गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कई संवेदनशील इलाकों में भारी वर्षा, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।

दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मौसम का सबसे ज्यादा असर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 3 जून को मौसम पूरी तरह बदलने की संभावना है। दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चल सकती है। हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

वहीं उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। राजधानी लखनऊ में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और बादलों की आवाजाही के बीच बारिश की संभावना बनी रहेगी।

बिहार और झारखंड में भी बढ़ेगा मौसम का प्रभाव

बिहार में 3 से 5 जून के बीच कई जिलों में बारिश और आंधी का सिलसिला जारी रह सकता है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

झारखंड में रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और पलामू सहित कई जिलों में तेज बारिश के साथ तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकता है भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम का असर सबसे गंभीर रूप से देखने को मिल सकता है। देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ तथा अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आंधी की संभावना है।

लगातार बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है।

हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और किन्नौर में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। कई संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले मौसम संबंधी जानकारी लेना आवश्यक होगा।

जम्मू-कश्मीर में भी खराब रहेगा मौसम

जम्मू-कश्मीर के जम्मू, पुंछ, कुपवाड़ा, अनंतनाग और उधमपुर सहित अनेक क्षेत्रों में 3 से 5 जून के बीच बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है।

मौसम विभाग ने पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि लगातार वर्षा से स्थानीय स्तर पर नुकसान की आशंका बनी हुई है।

पूर्वी भारत में भी बारिश और आंधी का दौर

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में भी मौसम का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

विशेष रूप से असम के कुछ क्षेत्रों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ी

दक्षिण भारत के राज्यों केरल और तमिलनाडु में मानसूनी गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार दोनों राज्यों के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

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समुद्री तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाएं चलने की संभावना के कारण समुद्री गतिविधियों पर प्रभाव पड़ सकता है।

प्रमुख शहरों का अनुमानित तापमान

3 जून को देश के प्रमुख शहरों में तापमान सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है क्योंकि बादल और बारिश गर्मी को कुछ हद तक नियंत्रित करेंगे।

दिल्ली और लखनऊ में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस, पटना और जयपुर में 39 डिग्री सेल्सियस, मुंबई में 33 डिग्री सेल्सियस, चेन्नई में 36 डिग्री सेल्सियस तथा कोलकाता में 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत सुहावना रहेगा। शिमला में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और नैनीताल में 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। आकाशीय बिजली की चेतावनी मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

वाहन चालकों को भी खराब दृश्यता और तेज हवाओं के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। किसानों को खेतों में कार्य करते समय मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

3 जून से देश के कई हिस्सों में मौसम का रुख पूरी तरह बदलने वाला है। जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर तेज बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं लोगों के लिए मुश्किलें भी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए सतर्क रहना और ताजा मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखना आने वाले दिनों में बेहद जरूरी होगा।

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Author: यायावर

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