अमरावती में धान खरीद केंद्र शुरू करने की मांग पर किसानों का उग्र प्रदर्शन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धान खरीद केंद्र न खुलने से बढ़ी किसानों की परेशानी, सड़क पर उतरे ग्रामीण
सदानंद इंगिली की रिपोर्ट
गढ़चिरौली जिले के सिरोंचा तालुका क्षेत्र में धान खरीद केंद्र शुरू न होने से किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। नारायणपुर, अमरावती, करसपाली, मेदाराम और रंगायपाली गांवों के सैकड़ों किसानों ने अमरावती में तत्काल धान खरीद केंद्र शुरू करने की मांग को लेकर मुख्य मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि वे कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। यही कारण है कि उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
तैयार फसल के बावजूद खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं
सिरोंचा तालुका का यह क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि आधारित है और यहां बड़ी संख्या में किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। इस वर्ष किसानों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत करके अच्छी फसल तैयार की है। खेतों से धान की कटाई और भंडारण का कार्य भी काफी हद तक पूरा हो चुका है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्र शुरू नहीं होने से किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि जब तक सरकारी खरीद केंद्र नहीं खुलता, तब तक वे अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाने को मजबूर हैं। कई किसानों के पास भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे फसल खराब होने का भी खतरा बना हुआ है।
निजी व्यापारियों के हाथों औने-पौने दाम पर बिक रहा धान
प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद व्यवस्था शुरू न होने का सबसे बड़ा लाभ निजी व्यापारियों को मिल रहा है। व्यापारी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर धान को बाजार मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी कम कीमत पर खरीद रहे हैं।
किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य का लाभ तभी मिल सकता है जब खरीद केंद्र समय पर शुरू हों। वर्तमान स्थिति में किसान आर्थिक दबाव के कारण अपनी उपज कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर पहले ही भारी खर्च हो चुका है। ऐसे में यदि फसल का उचित मूल्य नहीं मिलेगा तो किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो जाएगी।
पहले भी सौंपे जा चुके हैं ज्ञापन
प्रदर्शन में शामिल किसानों ने बताया कि उन्होंने इससे पहले भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन देकर अपनी मांग रखी थी। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया था और जल्द समाधान की उम्मीद भी जताई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
किसानों का कहना है कि लगातार अनदेखी के कारण ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते खरीद केंद्र शुरू कर दिया जाता तो किसानों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन
अमरावती में हुए प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मुख्य मार्ग पर एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पुरुष और महिला किसान मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांग पूरी तरह से न्यायसंगत है और प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
आंदोलन के दौरान किसानों ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना नहीं है, बल्कि सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी वास्तविक समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
प्रशासन को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही अमरावती में धान खरीद केंद्र शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा। किसानों ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर धरना, रैली और चक्का जाम जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
किसानों का कहना है कि जब तक उनकी उपज की खरीद की समुचित व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए तत्काल खरीद केंद्र संचालित किया जाए।
पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद
प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और यातायात को नियंत्रित किया।

हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, फिर भी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया।
विभिन्न गांवों से पहुंचे सैकड़ों किसान
इस आंदोलन में नारायणपुर, मेदाराम, अमरावती, रंगायपाली, करसपाली सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने एक स्वर में कहा कि यह केवल किसी एक गांव की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों का मुद्दा है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय पर खरीद केंद्र शुरू हो जाए तो किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
किसानों की मांग पर प्रशासन की अगली परीक्षा
अमरावती में धान खरीद केंद्र को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। किसानों का धैर्य जवाब देता नजर आ रहा है और वे अपनी मांगों को लेकर लगातार मुखर होते जा रहे हैं।
अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल किसान अपनी मांग पर अडिग हैं और अमरावती में तत्काल धान खरीद केंद्र शुरू किए जाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहरा रहे हैं।








