देवरिया

जनगणना 2027 की तैयारियों में तेजी, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर देवरिया प्रशासन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। मकान सूचीकरण एवं सर्वेक्षण कार्य को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शुक्रवार को गूगल मीट के माध्यम से समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जनगणना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। इसलिए इससे जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को पूरी जिम्मेदारी, ईमानदारी और गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मकान सूचीकरण और सर्वे कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों में चल रहे मकान सूचीकरण कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अब तक किए गए सर्वेक्षण, उपलब्ध आंकड़ों तथा लंबित कार्यों की रिपोर्ट ली। साथ ही निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्यों में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो और सभी जानकारियां निर्धारित प्रारूप में सही तरीके से दर्ज की जाएं।

उन्होंने कहा कि मकान सूचीकरण जनगणना प्रक्रिया का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यदि इस चरण में आंकड़े सटीक और व्यवस्थित तरीके से संकलित किए जाएंगे तो आगे की पूरी जनगणना प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।

प्रगणकों की नियमित मॉनिटरिंग पर दिया जोर

जिलाधिकारी ने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात प्रगणकों की उपस्थिति और कार्यों की नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रगणक द्वारा किए जा रहे कार्यों का दैनिक मूल्यांकन किया जाए और यदि कहीं कोई समस्या या बाधा सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय अधिकारी समय-समय पर फील्ड निरीक्षण करें ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और यह सुनिश्चित हो सके कि सर्वेक्षण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार ही संचालित हो रहा है।

प्रतिदिन 1000 फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक तहसील में प्रतिदिन कम से कम 1000 फार्मर आईडी तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसे हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए।

इसके लिए लेखपालों, राजस्व निरीक्षकों और अन्य संबंधित कर्मियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसान पहचान से जुड़े कार्यों को जनगणना गतिविधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए तेजी से आगे बढ़ाया जाए ताकि निर्धारित समय सीमा में अधिकतम उपलब्धि प्राप्त की जा सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि फार्मर आईडी निर्माण की प्रगति का प्रतिदिन मूल्यांकन किया जाए और यदि किसी क्षेत्र में लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं हो रहा है तो वहां विशेष अभियान चलाकर स्थिति में सुधार लाया जाए।

समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरे करने के निर्देश

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बैठक में स्पष्ट किया कि शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबित कार्यों को तत्काल पूरा करने की रणनीति बनाई जाए और दैनिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार प्रगति सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे बड़े कार्यक्रम में देरी से कई प्रशासनिक और विकासात्मक योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

जनगणना का विकास योजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान

बैठक के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के आंकड़े सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, रोजगार और सामाजिक कल्याण जैसी योजनाओं का आधार जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही होते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि आंकड़े सही और अद्यतन होंगे तो शासन द्वारा बनाई जाने वाली योजनाएं भी अधिक प्रभावी होंगी और उनका लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सकेगा। इसी कारण जनगणना कार्य को अत्यंत गंभीरता के साथ संपन्न कराना आवश्यक है।

राजस्व कर्मियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने लेखपालों और अन्य राजस्व कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे जमीनी स्तर पर कार्यों की गति बढ़ाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर आवश्यक सूचनाओं का संकलन किया जाए तथा किसी भी परिवार को सूचीकरण प्रक्रिया से वंचित न रहने दिया जाए।

उन्होंने कहा कि जनगणना और किसान पहचान से जुड़े कार्यों को मिशन मोड में पूरा किया जाए ताकि जनपद प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी जगह बना सके।

नियमित समीक्षा और जवाबदेही तय होगी

बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में जनगणना एवं संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक तहसील की प्रगति रिपोर्ट का विश्लेषण किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी बेहतर कार्य करेंगे उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।

शासन की मंशा के अनुरूप होगा कार्य

समीक्षा बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे शासन की मंशा के अनुरूप पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 एक राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है और इसकी सफलता प्रशासनिक तंत्र की कार्यकुशलता पर निर्भर करती है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मकान सूचीकरण, सर्वेक्षण एवं फार्मर आईडी निर्माण जैसे सभी कार्यों में तेजी लाई जाए और निर्धारित समय के भीतर सभी लक्ष्यों को पूर्ण किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं बल्कि सटीक, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों का संकलन सुनिश्चित करना है, जिससे भविष्य की विकास योजनाओं को मजबूत आधार मिल सके।

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