करोड़ों का अश्लील नेटवर्क चलाने वाला इंजीनियर गिरफ्तार, एक गलती ने खोल दी काली कमाई की पूरी पोल
अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के हरदोई में पुलिस ने ऑनलाइन अश्लील सामग्री बेचकर करोड़ों रुपये कमाने वाले एक शातिर इंजीनियर को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। आरोपी पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अश्लील वीडियो और फोटो बेचने का कारोबार चला रहा था। पुलिस जांच में उसके बैंक खाते में लगभग 1.20 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। इसके अलावा उसके कब्जे से हजारों आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें भी बरामद की गई हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बीटेक पास यह युवक बेहद सुनियोजित तरीके से ऑनलाइन नेटवर्क बनाकर लोगों तक अश्लील कंटेंट पहुंचा रहा था। लेकिन एक छोटी सी गलती ने उसके पूरे साम्राज्य की पोल खोल दी और आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया।
प्रयागराज का इंजीनियर चला रहा था ऑनलाइन अश्लील कारोबार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विकास प्रयागराज का रहने वाला है। उसने वर्ष 2019 में प्रयागराज के यूनाइटेड कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उसने नौकरी करने के बजाय सोशल मीडिया के जरिए अवैध कमाई का रास्ता चुन लिया।
बताया जा रहा है कि विकास ने इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर कई चैनल और ग्रुप बनाकर अश्लील फोटो तथा वीडियो बेचने का नेटवर्क तैयार किया था। धीरे-धीरे उसका यह कारोबार इतना बड़ा हो गया कि हजारों लोग उसके चैनलों से जुड़ गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी करीब 21 अलग-अलग चैनल और ग्रुप संचालित कर रहा था। इन चैनलों के जरिए वह लोगों से पैसे लेकर आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध कराता था। शुरुआती दौर में उसने कम कीमत पर लोगों को जोड़ा और बाद में इसे बड़े ऑनलाइन नेटवर्क में बदल दिया।
7 हजार से ज्यादा लोगों तक पहुंचा नेटवर्क
हरदोई पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी के नेटवर्क से करीब 7 हजार लोग जुड़े हुए थे। यह सभी सदस्य टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के माध्यम से उससे अश्लील वीडियो और फोटो खरीदते थे।
आरोपी ने अपने ग्राहकों के लिए अलग-अलग सब्सक्रिप्शन प्लान भी तैयार कर रखे थे। पुलिस के मुताबिक वह 350 रुपये में मासिक प्लान, 450 रुपये में तीन महीने का प्लान और 600 रुपये में छह महीने का प्लान देता था।
सब्सक्रिप्शन लेने वाले लोगों को निजी चैनलों में जोड़ा जाता था, जहां नियमित रूप से आपत्तिजनक सामग्री साझा की जाती थी। पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने इस कारोबार के जरिए पिछले छह वर्षों में करोड़ों रुपये कमाए हैं।
AI से बने अश्लील वीडियो की शिकायत से खुला राज
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हरदोई के एक छात्र ने अप्रैल महीने में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। छात्र ने आरोप लगाया कि उसका AI तकनीक से तैयार किया गया अश्लील वीडियो टेलीग्राम पर वायरल किया गया है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और साइबर टीम ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध टेलीग्राम चैनलों की जानकारी मिली। तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंच गई।
जांच में पता चला कि प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र स्थित बमरौली इलाके में रहने वाला विकास ही इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पर निगरानी शुरू कर दी।
एक गलती बनी गिरफ्तारी की वजह
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी बेहद शातिर था और अपनी पहचान छिपाकर काम करता था। लेकिन उसने भुगतान लेने के लिए अपना बैंक खाता इस्तेमाल किया और यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
पुलिस ने एक मुखबिर के जरिए आरोपी से संपर्क कराया। मुखबिर ने उससे अश्लील वीडियो खरीदने की इच्छा जताई। आरोपी ने उसे अपने चैनल का सब्सक्रिप्शन लेने के लिए कहा और भुगतान हेतु बैंक खाता संख्या तथा IFSC कोड भेज दिया।
बस यहीं से पुलिस को मजबूत सबूत मिल गया। बैंक खाते की जानकारी मिलते ही साइबर सेल और पुलिस टीम सक्रिय हो गई। इसके बाद शहर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रोशन सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बैंक खाते में मिला करोड़ों का लेनदेन
पुलिस जांच में आरोपी के बैंक खाते से करीब 1.20 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम केवल शुरुआती जांच में सामने आई है और आगे की जांच में और बड़े वित्तीय खुलासे हो सकते हैं।
साइबर विशेषज्ञ अब आरोपी के अन्य बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और ऑनलाइन पेमेंट माध्यमों की भी जांच कर रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने कई फर्जी आईडी और खातों का इस्तेमाल भी किया हो सकता है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े ऑनलाइन नेटवर्क या गिरोह से जुड़ा था या अकेले ही यह कारोबार चला रहा था।
10 हजार वीडियो और 40 हजार फोटो बरामद
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त कर लिए हैं। फोरेंसिक जांच में अब तक लगभग 10 हजार आपत्तिजनक वीडियो और 40 हजार अश्लील तस्वीरें बरामद की गई हैं।
अधिकारियों के मुताबिक कई फाइलें पासवर्ड प्रोटेक्टेड थीं, जिन्हें साइबर एक्सपर्ट की मदद से खोला जा रहा है। जांच एजेंसियों को शक है कि इनमें से कई सामग्री AI तकनीक की मदद से तैयार की गई हो सकती है।
इस मामले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल अश्लीलता के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया बना अवैध कारोबार का अड्डा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों पर निजी चैनल बनाकर लोग अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक आने के बाद फर्जी अश्लील वीडियो बनाना पहले की तुलना में आसान हो गया है। इससे साइबर अपराधों में भी तेजी आई है।
हरदोई पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही उन लोगों की सूची भी तैयार की जा रही है जिन्होंने आरोपी के चैनलों की सदस्यता ले रखी थी।
पुलिस करेगी बड़ी कार्रवाई
सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर अपराध, आईटी एक्ट और अश्लील सामग्री प्रसारित करने से संबंधित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि आरोपी के डिजिटल नेटवर्क, बैंक खातों और ऑनलाइन गतिविधियों की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं आरोपी नाबालिगों को भी इस नेटवर्क में शामिल तो नहीं कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध चैनल या आपत्तिजनक सामग्री की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।








