17 अक्टूबर 2026 11:53 अपराह्न

‘मेहनत नहीं, माफिया तय करेंगे भविष्य?’ NEET विवाद पर सड़कों पर उतरे छात्र

आजमगढ़ में NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करते छात्र तथा संवाददाता जगदंबा उपाध्याय की फीचर इमेज

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जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट

आजमगढ़ में शनिवार को NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों के बीच समाजवादी छात्र सभा के जिला उपाध्यक्ष अखिलेश पाण्डेय के नेतृत्व में छात्र संगठनों ने जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सवाल उठाया कि यदि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा भी सुरक्षित नहीं रह गई, तो मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य आखिर किसके भरोसे रहेगा? युवाओं ने कहा कि वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद जब परीक्षा प्रक्रिया पर ही संदेह खड़ा हो जाए तो छात्रों का व्यवस्था से भरोसा टूटना स्वाभाविक है।

छात्रों ने कहा- “सपनों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”

प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं ने कहा कि NEET जैसी परीक्षा लाखों युवाओं के करियर और भविष्य का आधार होती है। ग्रामीण इलाकों से लेकर बड़े शहरों तक के छात्र दिन-रात मेहनत कर इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। कई परिवार अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई पर भारी खर्च करते हैं, लेकिन पेपर लीक और धांधली जैसी घटनाएं उनकी उम्मीदों को झकझोर देती हैं।

छात्रों का कहना था कि अगर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र माफियाओं तक पहुंच जाता है तो इसका सीधा नुकसान उन छात्रों को होता है जो ईमानदारी से पढ़ाई करते हैं। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं बल्कि देश के शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता का सवाल बन चुका है।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन

छात्र संगठनों की ओर से जिला प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि NEET परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़े तो पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए ताकि किसी भी स्तर पर सच्चाई दब न सके।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि परीक्षा धांधली में शामिल गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। छात्रों ने आरोप लगाया कि वर्षों से परीक्षा माफिया युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और अब सरकार को निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।

“परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए”

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने केवल जांच की मांग ही नहीं उठाई, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुधारों की जरूरत पर भी जोर दिया। छात्रों ने कहा कि प्रश्नपत्र वितरण से लेकर परीक्षा केंद्रों की निगरानी तक पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए और परीक्षा संचालन में शामिल एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए। छात्रों का कहना था कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो युवाओं का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा।

अभिभावकों में भी दिखी चिंता

प्रदर्शन में शामिल अभिभावकों ने कहा कि आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बेहद कठिन और महंगी हो चुकी है। छात्र वर्षों तक कोचिंग और पढ़ाई में अपना पूरा समय लगा देते हैं। कई परिवार अपनी बचत तक बच्चों की पढ़ाई में खर्च कर देते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगें तो यह बेहद चिंता का विषय है।

अभिभावकों ने कहा कि लगातार सामने आ रही धांधली की खबरों से छात्रों पर मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है। कई छात्र निराशा और असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार को इस पूरे मामले में संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।

युवाओं ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने साफ कहा कि यदि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

समाजवादी छात्र सभा के जिला उपाध्यक्ष अखिलेश पाण्डेय ने कहा कि देश के मेहनती छात्रों का हक किसी भी माफिया या भ्रष्ट तंत्र के हाथों बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र संगठनों की यह लड़ाई केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता की लड़ाई है।

बड़ी संख्या में छात्र रहे मौजूद

इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान अभिनव यादव, दिवाकर मौर्या, शुभम यादव, रविकांत यादव, विकास यादव, रितेश यादव, रविशंकर समेत कई छात्र नेता और अभिभावक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।


फोकस कीफ्रेज: NEET परीक्षा धांधली विरोध आजमगढ़

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