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किसानों की आवाज बना आंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, सिरोंचा में जल्द धान खरीद केंद्र खोलने की उठी मांग

तहसीलदार के माध्यम से जिला कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन, किसानों की आर्थिक परेशानी पर जताई चिंता

सदानंद इंगिली की रिपोर्ट

गढ़चिरौली जिले के सिरोंचा तालुका में गर्मी के धान की कटाई पूरी होने के बावजूद अब तक सरकारी धान खरीद केंद्र शुरू नहीं होने से किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर आंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल गडचिरोली इकाई ने तहसीलदार के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द सरकारी बेसिक धान खरीद केंद्र शुरू करने की मांग उठाई है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते केंद्र शुरू नहीं किया गया तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।

किसानों को औने-पौने दाम पर धान बेचने की मजबूरी

ज्ञापन में बताया गया कि सिरोंचा तालुका के अधिकांश किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। गर्मी के मौसम की फसल तैयार होने और कटाई पूरी हो जाने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि सरकार जल्द खरीद केंद्र शुरू करेगी, ताकि वे समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेच सकें। लेकिन सरकारी व्यवस्था में देरी के कारण किसान मजबूरी में निजी व्यापारियों को कम कीमत पर धान बेच रहे हैं।

संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ व्यापारी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर बेहद कम दरों पर धान खरीद रहे हैं। इससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। खेती में पहले ही लागत बढ़ चुकी है और खाद, बीज, मजदूरी व सिंचाई पर किसानों का खर्च काफी बढ़ गया है। ऐसे में कम दाम पर फसल बेचने से किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है।

बढ़ती लागत ने किसानों की चिंता बढ़ाई

ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार खेती की लागत काफी अधिक रही। डीजल, खाद, कीटनाशक और मजदूरी की बढ़ती कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान उम्मीद लगाए बैठे थे कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदेगी, जिससे उन्हें राहत मिलेगी। लेकिन खरीद केंद्र शुरू नहीं होने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।

किसानों का कहना है कि यदि जल्द सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई तो उन्हें कर्ज और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। कई किसान पहले से ही बैंकों और साहूकारों के कर्ज में दबे हुए हैं और समय पर भुगतान न मिलने से उनकी स्थिति और गंभीर हो सकती है।

संगठन ने रखीं चार प्रमुख मांगें

आंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल की ओर से प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी गईं। संगठन ने मांग की कि सिरोंचा तालुका में तुरंत सरकारी बेसिक धान खरीद केंद्र खोला जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

इसके अलावा किसानों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में कहा गया कि टोकन सिस्टम पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार की संभावना न रहे।

संगठन ने यह भी मांग की कि धान खरीद के बाद किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कई बार भुगतान में देरी होने से किसानों को अतिरिक्त आर्थिक संकट झेलना पड़ता है। वहीं, खरीद केंद्र शुरू न होने के कारण जिन किसानों को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा दिए जाने की भी मांग की गई।

प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

ज्ञापन सौंपते समय संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों का शोषण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकारी केंद्र समय पर शुरू नहीं किए गए तो किसानों का भरोसा व्यवस्था से उठ जाएगा।

पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं समय पर लागू नहीं होने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर खरीद केंद्र शुरू कराने की मांग की।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे संगठन के पदाधिकारी

ज्ञापन सौंपने के दौरान आंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद गडचिरौली जिला कार्याध्यक्ष नरसिंहा सिलवेरी, सिरोंचा तालुका अध्यक्ष सदानंद इंगिली, राष्ट्रीय बजरंग दल सिरोंचा तालुका अध्यक्ष प्रशांत येनगंदूला, अशोक इंगिली, राष्ट्रीय किसान परिषद के नागभूषणम चकिनारपुवार, वरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर चेम्मकरी, राजबापू पान्ते, शेखर येंपली, वेंकटेश कडेकरी, राजू भंडारी, संपत दाया, बापू नस्कुरी, साई कल्लुरी, नागेश येल्लेला और राकेश वैशाख सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

संगठन के नेताओं ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

किसानों को राहत देने के लिए जल्द फैसले की उम्मीद

सिरोंचा क्षेत्र के किसानों की निगाहें अब जिला प्रशासन और राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हुई हैं। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कदम उठाकर सरकारी धान खरीद केंद्र शुरू करेगा, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके और आर्थिक संकट से राहत मिल पाए।

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