डीएम का औचक निरीक्षण : गेहूं खरीद केंद्रों पर पारदर्शिता की कसौटी, खाद केंद्रों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

देवरिया में डीएम मधुसूदन हुल्गी गेहूं क्रय केंद्र और खाद विक्रय केंद्र का निरीक्षण करते हुए, साथ में रिपोर्टर इरफान अली लारी की तस्वीर

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जिले में गेहूं खरीद व्यवस्था को पारदर्शी और किसानों के हित में संचालित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न गेहूं क्रय केंद्रों और पीसीएफ खाद विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने न केवल खरीद प्रक्रिया की बारीकी से जांच की, बल्कि किसानों को होने वाली संभावित समस्याओं को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी के इस निरीक्षण को जिले में चल रही गेहूं खरीद व्यवस्था और खाद वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और प्रशासन की पूरी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को न तो गेहूं बेचने में दिक्कत हो और न ही खाद लेने के लिए परेशान होना पड़े।

उसरा बाजार गेहूं क्रय केंद्र पर व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले उसरा बाजार स्थित गेहूं क्रय केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने क्रय केंद्र की पूरी व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से खरीद प्रक्रिया की जानकारी ली और यह सुनिश्चित किया कि सरकारी मानकों के अनुरूप ही गेहूं की खरीद की जा रही है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर कांटे का सत्यापन कराया। उन्होंने पहले गेहूं से भरे बोरे का वजन करवाया और उसके बाद खाली बोरे का वजन भी जांचा। जांच के दौरान कांटा पूरी तरह सही पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी प्रकार की गड़बड़ी या धोखाधड़ी न हो, इसके लिए वजन प्रणाली का सही होना बेहद जरूरी है।

See also  तुष्टिकरण की राजनीति पर जनता का फैसला, भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जीत का जश्न

डीएम ने यह भी कहा कि यदि कहीं से वजन में गड़बड़ी या खरीद में अनियमितता की शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और विनम्र व्यवहार के निर्देश

जिलाधिकारी ने मौके पर क्रय पंजिका, रजिस्टर और अन्य अभिलेखों का भी अवलोकन किया। उन्होंने रिकॉर्ड में दर्ज खरीद विवरण का मिलान कराया और अधिकारियों से पूछा कि किसानों की समस्याओं का समाधान किस प्रकार किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि किसानों के साथ सम्मानजनक और विनम्र व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि कई किसान दूरदराज गांवों से अपनी उपज लेकर आते हैं, ऐसे में उन्हें अनावश्यक इंतजार या असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी गेहूं क्रय केंद्र निर्धारित समय पर खुलें और खरीद प्रक्रिया बिना किसी बाधा के नियमित रूप से चलती रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

खाद संकट से बचाव के लिए पीसीएफ केंद्र का भी निरीक्षण

गेहूं क्रय केंद्र के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी परसिया मिश्र स्थित पीसीएफ खाद विक्रय केंद्र पहुंचे। यहां निरीक्षण के दौरान खाद की अनलोडिंग का कार्य चल रहा था। डीएम ने खाद भंडारण और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी केंद्र पर खाद की कमी न हो और वितरण प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित हो।

See also  बरांव में गरजे केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, बोले— विकास और जनकल्याण के नए युग में प्रवेश कर रहा देवरिया

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद वितरण के दौरान भी किसानों के साथ किसी प्रकार की भेदभावपूर्ण या मनमानी स्थिति न बनने पाए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

किसानों की समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी किसान को गेहूं बिक्री, भुगतान या खाद वितरण से संबंधित कोई दिक्कत आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

डीएम ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल खरीद प्रक्रिया पूरी करना नहीं है, बल्कि किसानों में विश्वास पैदा करना भी है। यदि किसान व्यवस्था से संतुष्ट होंगे तभी सरकारी खरीद प्रणाली का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सकेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि जिले के सभी क्रय केंद्रों के प्रभारी नियमित रूप से केंद्रों की निगरानी करें और किसी भी प्रकार की शिकायत सामने आने पर तुरंत कार्रवाई करें।

प्रशासनिक सक्रियता से किसानों में बढ़ा भरोसा

जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण से यह संदेश साफ गया कि प्रशासन गेहूं खरीद और खाद वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर है। किसानों के बीच भी इस कार्रवाई को सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से यह शिकायत रहती रही है कि कई बार खरीद केंद्रों पर देरी, वजन में गड़बड़ी और खाद की कमी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में डीएम का सीधे मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करना किसानों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।

See also  सुशील साहनी हत्याकांड का खुलासा : शराब पार्टी में विवाद बना मौत की वजह, चार आरोपी गिरफ्तार

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और जवाबदेही तय होने से खरीद व्यवस्था और अधिक पारदर्शी बनेगी। वहीं किसानों को भी अपनी उपज बेचने और कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन समय पर प्राप्त हो सकेंगे।

यायावर
Author: यायावर

यायावर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें