गरीबी ने भेजा था परदेस, विवाद में चली गई जान… सऊदी अरब में प्रयागराज के युवक की हत्या से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सऊदी अरब में हत्या के शिकार प्रयागराज निवासी आकाश सरोज और रिपोर्टर अंजनी कुमार त्रिपाठी की तस्वीर के साथ तैयार फीचर इमेज

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अंजनी कुमार त्रिपाठी की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने और बेहतर भविष्य की उम्मीद में सऊदी अरब गए 23 वर्षीय युवक आकाश सरोज की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। आरोप है कि उसके साथ रहने वाले एक बांग्लादेशी युवक ने मामूली विवाद के बाद ईंट-पत्थर से हमला कर उसकी जान ले ली। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रयागराज के बहरिया थाना क्षेत्र स्थित दलीपुर गांव का रहने वाला आकाश सरोज इसी साल जनवरी महीने में रोज़गार की तलाश में सऊदी अरब गया था। वहां वह अल-अहसा नखलिस्तान शहर के अबू-स्लासा इलाके में बकरी चराने का काम करता था। परिजनों के अनुसार, आकाश बेहद मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था, जिसने परिवार की गरीबी मिटाने के लिए विदेश जाकर काम करने का फैसला लिया था। लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि उसकी जिंदगी इतनी दर्दनाक तरीके से खत्म हो जाएगी।

परिवार की उम्मीद था आकाश

आकाश सरोज चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। उसने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की थी, लेकिन आर्थिक परिस्थितियां इतनी मजबूत नहीं थीं कि वह आगे की पढ़ाई जारी रख पाता। पिता गुलाब सरोज मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घर की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए आकाश ने विदेश जाकर कमाने का निर्णय लिया था।

परिवार को उम्मीद थी कि आकाश की कमाई से घर की हालत सुधरेगी, छोटे भाइयों की पढ़ाई पूरी होगी और परिवार को आर्थिक राहत मिलेगी। लेकिन अब वही बेटा हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गया। गांव में लोग इस घटना को सुनकर स्तब्ध हैं।

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कमरे में रहने वाले युवक पर हत्या का आरोप

परिजनों के मुताबिक, आकाश जिस कमरे में रहता था, वहीं एक बांग्लादेशी युवक भी उसके साथ रहता था। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद के बाद बांग्लादेशी युवक ने आकाश पर ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी 9 मई की दोपहर परिवार को दी गई। जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। मां और अन्य परिजन बेसुध हो गए। पड़ोसियों और रिश्तेदारों की भीड़ घर पर जुट गई।

आरोपी को सऊदी पुलिस ने किया गिरफ्तार

मृतक के भाई ने बताया कि घटना के बाद सऊदी अरब की पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक घटना के पीछे विवाद की असली वजह पूरी तरह सामने नहीं आ सकी है।

परिवार का कहना है कि उन्हें सिर्फ इतना बताया गया है कि दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद हमला हुआ। अब वे चाहते हैं कि आरोपी को सख्त सजा मिले और भारत सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे।

शव को भारत लाने की मांग

आकाश की मौत के बाद परिवार की सबसे बड़ी चिंता उसका शव भारत लाने को लेकर है। परिजनों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वे खुद शव लाने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकते।

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परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि सरकार हस्तक्षेप कर आकाश का शव जल्द भारत लाने में मदद करे, ताकि अंतिम संस्कार अपने गांव में किया जा सके।

गांव के लोगों ने भी सरकार से मानवीय आधार पर सहायता देने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विदेशों में काम करने वाले गरीब मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सरकार को और गंभीर कदम उठाने चाहिए।

विदेशों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर विदेशों में काम करने वाले भारतीय मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। खासतौर पर खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के युवा रोजगार के लिए जाते हैं। इनमें अधिकतर गरीब परिवारों से आते हैं और कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं।

कई बार भाषा, संस्कृति और काम के दबाव के कारण वहां विवाद की स्थिति भी बन जाती है। ऐसे मामलों में भारतीय मजदूरों को कानूनी और सामाजिक सहायता समय पर नहीं मिल पाती। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार को विदेश जाने वाले श्रमिकों के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र और हेल्पलाइन व्यवस्था विकसित करनी चाहिए।

गांव में पसरा मातम

दलीपुर गांव में इस समय मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस घर से कुछ महीने पहले बेहतर भविष्य के सपने लेकर युवक विदेश गया था, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और आंसू हैं। परिजन बार-बार यही कह रहे हैं कि गरीबी ने उनके बेटे को घर से दूर भेजा और अब वही परदेस उसकी मौत की वजह बन गया।

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मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। पिता गुमसुम बैठे हैं और गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में लगे हैं। परिवार को अब सिर्फ इस बात का इंतजार है कि आकाश का शव भारत पहुंचे ताकि उसे अंतिम विदाई दी जा सके।

प्रशासन से मदद की उम्मीद

स्थानीय लोगों और परिवार ने जिला प्रशासन से भी संपर्क किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय की मदद से जल्द ही शव को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी होगी। ग्रामीणों ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उन हजारों गरीब परिवारों की कहानी है जो बेहतर जिंदगी की तलाश में अपने बच्चों को विदेश भेजते हैं। लेकिन कई बार सपनों की यह यात्रा दर्दनाक अंत में बदल जाती है।

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Author: यायावर

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