विमल कुंड पर उबलता आक्रोश : छठे दिन भी जारी धरना, संतों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

कामां क्षेत्र में विमल कुंड जल भराव को लेकर संतों द्वारा प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए दृश्य

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✍️हिमांशु मोदी की रिपोर्ट

राजस्थान के डीग- कामवन (कामां) क्षेत्र में स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र तीर्थराज विमल कुंड को लेकर जनभावनाएं अब उफान पर हैं। पिछले पांच दिनों से लगातार जारी धरना प्रदर्शन आज छठे दिन में प्रवेश कर चुका है और इसके साथ ही आंदोलन ने एक निर्णायक मोड़ ले लिया है। दिव्यांग धर्मशारण बाबा ब्रजवासी के नेतृत्व में शुरू हुआ यह विरोध अब साधु-संतों और स्थानीय लोगों के व्यापक समर्थन के कारण एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है।

आस्था पर संकट, जल के बिना सूखता विश्वास

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से प्रशासन द्वारा विमल कुंड में नियमित और पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं की जा रही है। इसका सीधा असर न केवल कुंड की स्वच्छता पर पड़ रहा है, बल्कि इसकी धार्मिक गरिमा भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि यह सिर्फ पानी का मुद्दा नहीं है, बल्कि उनकी आस्था और परंपरा से जुड़ा सवाल है।

बार-बार गुहार के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया। इसी निराशा और आक्रोश के चलते लोगों ने धरना प्रदर्शन का रास्ता चुना।

संतों का मोर्चा: आंदोलन को मिली नई धार

धरना स्थल पर साधु-संतों की बढ़ती भागीदारी ने इस आंदोलन को नई ऊर्जा दी है। भूरा बाबा, सर्वेश्वर दास और हरिबोल दास बाबा जैसे संतों के नेतृत्व में विमल कुंड के सूरज घाट पर लगातार धरना जारी है। संत समाज का कहना है कि जब तक कुंड में स्थायी रूप से स्वच्छ जल की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।

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ज्ञापन का सिलसिला जारी, बढ़ता दबाव

श्री तीर्थराज सेवा समिति के तत्वावधान में प्रतिदिन मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जा रहा है। सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं एकजुट होकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही हैं। इससे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

आत्मदाह की चेतावनी से मचा हड़कंप

धरना दे रहे धर्मशारण बाबा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विमल कुंड में स्थायी जल भराव की व्यवस्था नहीं की गई, तो सोमवार को बड़ा आंदोलन किया जाएगा और आत्मदाह तक का कदम उठाया जा सकता है। इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों में भारी रोष, सरकार पर सवाल

कामां क्षेत्र के धार्मिक और सामाजिक लोगों में इस मुद्दे को लेकर गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि जब आस्था के केंद्र ही उपेक्षा का शिकार होंगे, तो जनता का विश्वास कैसे कायम रहेगा। सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठने लगे हैं।

क्या होगा आगे? प्रशासन की परीक्षा

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन इस बढ़ते आंदोलन को कैसे संभालता है। क्या जल्द कोई ठोस समाधान निकलेगा या यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा? यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया, तो यह मुद्दा पूरे क्षेत्र में व्यापक विरोध का कारण बन सकता है।

❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

विमल कुंड में विवाद का मुख्य कारण क्या है?
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मुख्य कारण कुंड में नियमित और पर्याप्त जल आपूर्ति का अभाव है, जिससे धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

धरना प्रदर्शन कितने दिनों से चल रहा है?

धरना प्रदर्शन पांच दिन पूरा कर चुका है और आज छठे दिन भी जारी है।

प्रदर्शन का नेतृत्व कौन कर रहा है?

दिव्यांग धर्मशारण बाबा ब्रजवासी इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।

क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है?

अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में आक्रोश बना हुआ है।

क्या आंदोलन और बढ़ सकता है?

हाँ, संतों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन और आत्मदाह तक किया जा सकता है।

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Author: यायावर

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