18 अक्टूबर 2026 4:52 पूर्वाह्न

बहु-बेटियों के सम्मान की लड़ाई ; चित्रकूट में पीड़ितों की आवाज़ बने संजय सिंह राणा

डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास खड़े संजय सिंह राणा, सामाजिक न्याय के संदेश के साथ

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🖊️ चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना न केवल समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है, बल्कि सरकार के “मिशन नारी शक्ति” जैसे अभियानों की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े करती है। पीड़िता के परिजनों का दुख और आक्रोश साफ तौर पर इस बात की गवाही देता है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे समाजसेवी, दिलाया भरोसा

इस संवेदनशील मामले में भीम आर्मी जय भीम संगठन के प्रदेश महासचिव धर्मेन्द्र भास्कर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उनके साथ संगठन के नवनियुक्त पदाधिकारी संजय सिंह राणा भी मौजूद रहे, जिन्होंने पीड़ित परिवार की पीड़ा को समझते हुए हर स्तर पर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया।

संजय सिंह राणा का पहला दौरा बना जनआवाज़

भीम आर्मी जय भीम संगठन चित्रकूट के नवनियुक्त संजय सिंह राणा का यह पहला दौरा ही पीड़ितों की आवाज़ बन गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी बहु, बेटी या महिला के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि समाज में कहीं भी अत्याचार की घटना होती है, तो संगठन पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

पुलिस कार्रवाई: आरोपियों की गिरफ्तारी

घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी से न्याय की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, बल्कि पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए कठोर और समयबद्ध कार्रवाई भी आवश्यक है।

जनता से अपील: अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं

संजय सिंह राणा ने जिलेवासियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या महिलाओं, बहु-बेटियों के साथ उत्पीड़न होता है, तो उसकी सूचना तुरंत संगठन को दें। उन्होंने कहा कि समाज तभी सुरक्षित बन सकता है जब हर व्यक्ति अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का साहस करे।

दो दशकों का संघर्ष: जनजागृति से समाजसेवा तक

संजय सिंह राणा का सामाजिक जीवन किसी परिचय का मोहताज नहीं है। पिछले दो दशकों से वह बुंदेलखंड के पाठा क्षेत्र में मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार सक्रिय हैं। आदिवासी क्षेत्रों में जनजागृति फैलाना, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करना उनका प्रमुख उद्देश्य रहा है।

राणा पिछले डेढ़ दशक से एक प्रतिष्ठित संस्थान के साथ लेखकीय सहयोगी के रूप में भी जुड़े हुए हैं। उनकी लेखनी समाज के हाशिये पर खड़े लोगों की आवाज बनकर उभरी है। आज उनकी समाजसेवा एक नए मुकाम पर पहुंच रही है, और यह घटना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में सामने आई है।

नारी सम्मान पर बड़ा सवाल, समाज को जागना होगा

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून और योजनाएं जमीन पर कितनी प्रभावी हैं। जब तक समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना नहीं आएगी, तब तक ऐसे अपराधों पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा।

संजय सिंह राणा जैसे समाजसेवियों की पहल इस दिशा में एक उम्मीद जरूर जगाती है, लेकिन यह लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है।

❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

घटना कहां की है?

यह घटना चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव की है।

पीड़ित परिवार से कौन मिला?

भीम आर्मी जय भीम संगठन के प्रदेश महासचिव धर्मेन्द्र भास्कर और संजय सिंह राणा ने मुलाकात की।

क्या आरोपियों की गिरफ्तारी हुई?

हाँ, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

संजय सिंह राणा क्या करते हैं?

वह पिछले दो दशकों से बुंदेलखंड में समाजसेवा और जनजागृति का कार्य कर रहे हैं।

संगठन की अपील क्या है?

महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के अत्याचार की सूचना तुरंत देने की अपील की गई है।

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