मिश्री लाल कोरी की रिपोर्ट
नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। बाढ़ और भूस्खलन के बीच काली गंडकी नदी के किनारे पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया और कुछ ही सेकेंड में मिट्टी, चट्टानों और पत्थरों का विशाल मलबा नदी में समा गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इसकी भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। आसपास मौजूद लोगों की चीख-पुकार के बीच पहाड़ का हिस्सा तेजी से नीचे आया और नदी का प्रवाह कुछ समय के लिए मलबे से प्रभावित हुआ।
कुछ सेकेंड में ढह गया विशाल पहाड़
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पहाड़ की ढलान शुरुआत में सामान्य दिखाई देती है। अचानक ऊपरी हिस्सा टूटता है और मिट्टी-पत्थरों का मलबा तेजी से नीचे की ओर खिसकने लगता है। देखते ही देखते पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा काली गंडकी नदी में जा गिरता है। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच जाती है और उनकी चीखें सुनाई देती हैं।
घटना नेपाल के पर्वतीय क्षेत्र में लगातार कई दिनों से हो रही भारी बारिश के बीच हुई। बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और कई स्थानों पर नदियों के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि हुई है।
तीन दिनों की बारिश ने बढ़ाई तबाही
नेपाल के कई हिस्सों में लगातार बारिश के बाद बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। मनांग, म्याग्दी, बागलुंग, पर्वत और पाल्पा सहित कई जिले प्रभावित हुए हैं। दक्षिणी तराई के कुछ इलाकों में भी जलभराव और कटाव की स्थिति बनी है।
बारिश के कारण कई जगह सड़कें और पुल प्रभावित हुए हैं। पहाड़ों से मलबा आने के कारण आवागमन बाधित हुआ है, जबकि नदी किनारे के इलाकों में बढ़ते जलस्तर ने खतरा बढ़ा दिया है। राहत और बचाव दलों को भी खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच काम करना पड़ रहा है।
24 लोगों की मौत, 14 अब भी लापता
उपलब्ध अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है, जबकि 14 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बागलुंग में 10, म्याग्दी में छह और मनांग में दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। लुंबिनी प्रांत के पाल्पा में पांच लोगों की जान गई है, जबकि धनुषा जिले की मिथिला नगरपालिका में भूस्खलन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हुई है।
लापता लोगों में मनांग के 10, म्याग्दी के तीन और बागलुंग का एक व्यक्ति शामिल बताया गया है। लमजुंग में दो लोग घायल हुए हैं, जबकि बागलुंग और म्याग्दी में भी एक-एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है।
747 परिवार सीधे प्रभावित
भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से करीब 747 परिवार सीधे प्रभावित हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 143 घर पूरी तरह तबाह हुए हैं, जबकि 51 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। गंडकी प्रांत में 195 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त और 26 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त बताए गए हैं। इसके अलावा करीब 270 अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
प्राकृतिक आपदा के कारण करीब 1,500 लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। प्रभावित परिवारों के सामने तत्काल राहत, सुरक्षित आवास, भोजन, पेयजल और दूसरी आवश्यक सुविधाओं की चुनौती बनी हुई है।
पर्वत जिले में सबसे अधिक भौतिक नुकसान
गंडकी प्रांत के पर्वत जिले में नुकसान विशेष रूप से गंभीर बताया जा रहा है। यहां 106 घर पूरी तरह नष्ट हुए हैं और चार मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके चलते 162 परिवारों के करीब 540 लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।
बाढ़ और भूस्खलन से कई पुलों तथा सरकारी ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क और राहत सामग्री की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
काली गंडकी नदी बनी तबाही का बड़ा कारण
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार काली गंडकी नदी ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। लगातार बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ा और कई स्थानों पर कटाव तथा बाढ़ की स्थिति पैदा हुई। नारायणी और तिनाउ नदियों से जुड़े इलाकों में भी बाढ़, कटाव और जलभराव की सूचना है।
काली गंडकी नदी में पहाड़ का हिस्सा गिरने की घटना ने इस प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को और उजागर कर दिया है। सामने आए वीडियो में मलबे का विशाल हिस्सा कुछ ही सेकेंड में नदी की ओर बढ़ता दिखाई देता है।
दूसरे वीडियो में भी दिखा भूस्खलन का भयावह दृश्य
नेपाल में जारी बारिश और भूस्खलन से जुड़ा एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है। इसमें पहाड़ी ढलान के अचानक खिसकने और मलबे के तेजी से नीचे आने का दृश्य दिखाई देता है। अलग-अलग स्थानों से सामने आए वीडियो नेपाल के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के बाद पैदा हुए खतरे को दर्शाते हैं।
सड़क, पुल और बिजली ढांचे पर भी असर
बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल के कई हिस्सों में सड़क और पुल संपर्क प्रभावित हुआ है। काली गंडकी नदी के उफान के कारण स्यांग्जा और गुल्मी को जोड़ने वाला एक पक्का पुल बहने की भी जानकारी सामने आई है। इससे दोनों जिलों के बीच सड़क संपर्क बाधित हुआ।
बढ़ते जलस्तर के कारण काली गंडकी ‘ए’ जलविद्युत परियोजना से जुड़े संचालन पर भी असर पड़ा। इसके अलावा काली गंडकी कॉरिडोर की बिजली प्रसारण व्यवस्था और कुछ अन्य जलविद्युत परियोजनाओं पर भी नुकसान का असर पड़ा है।
मनांग में हिमस्खलन ने बढ़ाई चुनौती
भारी बारिश और खराब मौसम के बीच मनांग जिले के हिमलुंग हिमाल क्षेत्र में हिमस्खलन की घटना भी सामने आई है। इस घटना में दो लोगों की मौत की सूचना है, जबकि अन्य लोगों की तलाश और बचाव अभियान खराब मौसम के कारण चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, लगातार बारिश और बाधित संपर्क मार्गों के कारण राहत एवं बचाव दलों के सामने कई स्तर की चुनौतियां हैं। लापता लोगों की तलाश के साथ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
राहत और बचाव के सामने बड़ी चुनौती
नेपाल में लगातार बारिश के कारण स्थिति तेजी से बदल रही है। जिन इलाकों में भूस्खलन हो चुका है, वहां दोबारा मलबा खिसकने का खतरा बना हुआ है। वहीं नदियों के बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे बसे लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। ऐसे में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर देना पड़ रहा है।
24 लोगों की मौत, 14 लोगों के लापता होने, 747 परिवारों के सीधे प्रभावित होने और बड़ी संख्या में घरों के क्षतिग्रस्त होने से नेपाल में मौजूदा प्राकृतिक आपदा के व्यापक प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। काली गंडकी नदी में पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिरने का दृश्य इस त्रासदी की भयावह तस्वीर सामने रखता है। प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव और नुकसान के आकलन का काम जारी है।













