16 अक्टूबर 2026 7:07 अपराह्न

अखिलेश यादव का चुनाव आयोग और भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- 2024 में हराया था, 2027 में भी हराएंगे

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव आयोग और भाजपा पर मतदाता सूची को लेकर आरोप लगाते हुए, साथ में रिपोर्टर कमलेश कुमार चौधरी की तस्वीर

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

The specified slider id does not exist.

कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और भारतीय जनता पार्टी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के समर्थक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। अखिलेश यादव ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अधिक सतर्कता बरती और इसका परिणाम यह रहा कि पार्टी ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को पीछे छोड़ते हुए बेहतर प्रदर्शन किया।

अखिलेश यादव ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी की रणनीति का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी वर्ष 2024 में भाजपा को हरा चुकी है और 2027 में भी उसे हराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अपने पक्ष के 27 हजार मत बढ़ाने और भाजपा के कथित फर्जी मतों को 27 हजार तक कम कराने के अभियान पर काम करेगी।

2022 में वोटर लिस्ट को लेकर लगाए गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2017 में उन्हें चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उसकी संस्थागत विश्वसनीयता पर भरोसा था, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान परिस्थितियों में बदलाव दिखाई दिया। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी से जुड़े मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें लगातार सामने आई थीं।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने निजी कंपनियों के माध्यम से गांव-गांव फॉर्म-7 भेजे थे। उनके मुताबिक इन फॉर्मों का इस्तेमाल मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा था और समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए प्रहरियों’ ने ऐसे मामलों को पकड़ा।

उन्होंने कहा कि बाद में उत्तर प्रदेश में फॉर्म-7 की प्रक्रिया को बंद किया गया, लेकिन जिन अधिकारियों पर कथित अनियमितताओं के आरोप लगे, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। अखिलेश ने चुनाव आयोग से उसकी विश्वसनीयता बनाए रखने की अपील करते हुए मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पर जोर दिया।

2027 को लेकर अखिलेश यादव ने बताया चुनावी प्लान

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बूथ स्तर तक अपनी तैयारियों को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अधिक सतर्कता बरती थी। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि 2024 में भाजपा को हराया गया और अब 2027 में भी पार्टी इसी रणनीतिक सतर्कता के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य प्रत्येक सीट पर अपने मतदाताओं को संगठित करना और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना पर निगरानी रखना है। उनके बयान के अनुसार, पार्टी 27 हजार अतिरिक्त वोट अपने पक्ष में जोड़ने तथा भाजपा के कथित फर्जी वोटों को हटवाने की दिशा में काम करेगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल संगठनात्मक तैयारियां तेज कर रहे हैं। मतदाता सूची, बूथ प्रबंधन और चुनावी तैयारियां राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बनते जा रहे हैं।

सत्ता में आए तो खिलाड़ियों और कलाकारों को 21 लाख की सम्मान राशि

अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में खिलाड़ियों और कलाकारों के लिए सम्मान राशि बढ़ाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर खिलाड़ियों और कलाकारों को 21 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।

उन्होंने यश भारती सम्मान को दोबारा शुरू करने की बात कही। अखिलेश यादव के अनुसार, पूर्व में यश भारती सम्मान से जुड़े लोगों को हर महीने 50 हजार रुपये की धनराशि दी जाती थी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इस मासिक धनराशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा।

अखिलेश ने कलाकारों, साहित्यकारों, खिलाड़ियों और अन्य क्षेत्रों में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने से प्रदेश में खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

सैफई मॉडल को लेकर अखिलेश का गोरखपुर पर निशाना

प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने सैफई को लेकर होने वाली राजनीतिक टिप्पणियों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग सैफई पर सवाल उठाते हैं, उन्हें गोरखपुर को सैफई से प्रेरणा लेने की सलाह देनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यदि गोरखपुर ने सैफई से प्रेरणा ली होती तो वहां भी विकास का अलग मॉडल दिखाई देता। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर मेट्रो चलनी थी, वहां अब नाव चलने की स्थिति है।

उनका यह बयान बारिश और जलभराव से जुड़ी परिस्थितियों के संदर्भ में आया। उन्होंने स्थानीय विकास और नागरिक सुविधाओं को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग अपने गांव और शहर के लिए अपेक्षित काम नहीं कर सकते, उनसे प्रदेश के लिए क्या उम्मीद की जा सकती है।

सांसदों के गोद लिए गांवों को लेकर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने भाजपा सांसदों द्वारा गोद लिए गए गांवों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन गांवों को भाजपा के सांसदों और नेताओं ने गोद लिया था, वहां विकास कार्य दिखाई देने चाहिए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के जिन नेताओं ने गांवों को गोद लिया, वे बाद में उन गांवों को अनाथ छोड़ गए। गोरखपुर की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वहां जो कुछ हो रहा है, वह आपसी लड़ाई का परिणाम है। इसी क्रम में उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी का मुकाबला किसी राजनीतिक दल के बजाय किसी ‘वाहिनी’ से हो सकता है।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर फिर उठाए सवाल

चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को अपनी विश्वसनीयता बचानी चाहिए। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर सकती है।

अखिलेश यादव ने विशेष रूप से मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया की निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर अपने संगठन और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखेगी।

इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होंगे अखिलेश

30 सितंबर को प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव शामिल नहीं होंगे। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने स्वयं इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को उनके कुछ दूसरे कार्यक्रम पहले से निर्धारित हैं, जिसके कारण वह गठबंधन की बैठक में उपस्थित नहीं हो पाएंगे।

अखिलेश यादव ने बताया कि इस संबंध में उनकी कांग्रेस अध्यक्ष से भी बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से इस बैठक में पार्टी का कोई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होगा।

इंडिया गठबंधन के भीतर विभिन्न दलों के बीच समन्वय को लेकर समय-समय पर बैठकें होती रही हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी की ओर से किसी वरिष्ठ नेता का बैठक में प्रतिनिधित्व करना पार्टी के स्तर पर गठबंधन की प्रक्रिया में उसकी भागीदारी बनाए रखने का संकेत है।

चुनाव आयुक्त के दौरे को लेकर भी अखिलेश की प्रतिक्रिया

चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के वाराणसी और मेरठ दौरे को रद्द किए जाने के सवाल पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दौरा रद्द किया जाना अच्छा हुआ। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव आयुक्त वहां जाते तो ‘जेन जी’ अपने तरीके से उनका विरोध कर सकती थी।

अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से संबंधित अपने पुराने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि आगामी चुनावों में मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण होगी।

2027 के चुनाव से पहले मतदाता सूची बनेगी बड़ा मुद्दा

अखिलेश यादव के ताजा बयान से यह संकेत मिलता है कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची, बूथ स्तर की निगरानी और चुनावी पारदर्शिता को प्रमुख मुद्दों में शामिल करने की तैयारी कर रही है। पार्टी की रणनीति में अपने समर्थक मतदाताओं की पहचान, मतदाता सूची की जांच और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिखाई दे रहा है।

वहीं खिलाड़ियों और कलाकारों के लिए सम्मान राशि तथा यश भारती सम्मान को दोबारा शुरू करने की घोषणा के जरिए अखिलेश यादव ने सांस्कृतिक और खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अपनी पार्टी की प्रस्तावित नीतियों का संकेत दिया है।

अखिलेश यादव के बयानों में जहां एक ओर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए गए, वहीं दूसरी ओर 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की रणनीति और संभावित घोषणाओं की दिशा भी सामने आई। इन बयानों पर भाजपा और चुनाव आयोग की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रिया आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें