ठाकुर बख्श सिंह और सर्वेश यादव की रिपोर्ट
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। शहर के विभिन्न हिस्सों में स्कूलों, सरकारी कार्यालयों, निजी संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए। इसी क्रम में लखनऊ के कई मदरसों में भी तिरंगा फहराया गया और विद्यार्थियों ने प्रभात फेरी तथा तिरंगा यात्रा निकालकर आजादी के पर्व को उत्साह के साथ मनाया।
मदरसों से निकले नन्हे तलबा के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज और जुबान पर देशभक्ति के नारे थे। तेज धूप और उमस भरे मौसम के बावजूद बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ। पारंपरिक कुर्ता-पायजामा और टोपी पहने ये बच्चे जब हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर निकले तो आसपास मौजूद लोगों की निगाहें भी उनकी ओर टिक गईं। बच्चों की टोली में राष्ट्र के प्रति सम्मान, उत्साह और एकता का संदेश साफ दिखाई दे रहा था।
ठाकुरगंज में तिरंगे के साथ निकली प्रभात फेरी
लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र में स्थित मदरसा इमादादुल उलूम के विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस पर विशेष प्रभात फेरी निकाली। सुबह से ही बच्चों में आयोजन को लेकर उत्साह दिखाई दिया। निर्धारित कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी पारंपरिक पोशाक में मदरसे से बाहर निकले और हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़े।
प्रभात फेरी के दौरान बच्चों ने देशभक्ति से जुड़े नारे लगाए। उनके बीच ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’, ‘हिंदुस्तान हमारा है’ और ‘हिंदुस्तान की रक्षा कौन करेगा—हम करेंगे’ जैसे नारों की गूंज सुनाई देती रही। छोटे-छोटे बच्चों के चेहरों पर उत्साह और हाथों में लहराता तिरंगा पूरे वातावरण को स्वतंत्रता दिवस के रंग में रंगता नजर आया।
तेज धूप के कारण बच्चों को काफी गर्मी का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उनकी कदमताल जारी रही। पसीने से तर-बतर होने के बाद भी बच्चों ने तिरंगे को सम्मान के साथ थामे रखा। उनकी इस भावना ने वहां मौजूद लोगों को प्रभावित किया।
कुर्ता-पायजामा और टोपी में दिखा देशप्रेम का उत्साह
प्रभात फेरी में शामिल अधिकांश बच्चे पारंपरिक कुर्ता-पायजामा और टोपी पहने हुए थे। उनके हाथों में तिरंगा था और वे अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहे थे। बच्चों के इस रूप ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को एक अलग पहचान दी।
इस दौरान देशभक्ति के नारों के साथ बच्चों ने भारत की एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया। सड़क किनारे खड़े लोगों ने भी बच्चों की इस यात्रा को उत्सुकता से देखा। कई लोगों के लिए यह दृश्य इसलिए भी खास रहा क्योंकि स्वतंत्रता दिवस का उत्सव केवल किसी एक वर्ग या संस्थान तक सीमित न होकर समाज के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ता दिखाई दिया।
तिरंगे के साथ सामने आई साझा विरासत की तस्वीर
लखनऊ की पहचान लंबे समय से उसकी मिश्रित सांस्कृतिक परंपरा और गंगा-जमुनी तहजीब से जुड़ी रही है। स्वतंत्रता दिवस पर मदरसे के विद्यार्थियों की तिरंगा यात्रा में भी इसी साझा विरासत की झलक दिखाई दी।
बच्चों ने किसी राजनीतिक या विवादित मुद्दे के बजाय राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देश के प्रति प्रेम को अपने कार्यक्रम का केंद्र बनाया। हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़ती बच्चों की टोली ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय पर्व समाज के प्रत्येक वर्ग को एक साझा भावनात्मक सूत्र में जोड़ने का अवसर देता है।
स्वतंत्रता दिवस का महत्व केवल ध्वजारोहण या समारोह तक सीमित नहीं है। यह दिन उन बलिदानों को याद करने का अवसर है, जिनके कारण भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की। ऐसे अवसर पर बच्चों की भागीदारी उन्हें देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों से जोड़ने का माध्यम भी बनती है।
कपूरथला के मदरसे में भी निकली तिरंगा यात्रा
लखनऊ के कपूरथला क्षेत्र में भी स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। बड़ा चांदगंज स्थित मदरसा हनफिया जिया उल कुरान में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने मिलकर तिरंगा यात्रा और प्रभात फेरी निकाली।
तिरंगा यात्रा के दौरान छात्र हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर आगे बढ़े। देशभक्ति गीतों और नारों के बीच यात्रा का माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा। विद्यार्थियों के साथ स्थानीय नागरिकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को सामुदायिक स्वरूप दिया।
यात्रा के दौरान भारत की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों के हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति गीतों से वातावरण में स्वतंत्रता दिवस की भावना स्पष्ट रूप से महसूस की गई।
शिक्षक ने मुख्यमंत्री और देशवासियों को दी शुभकामनाएं
मदरसा हनफिया जिया उल कुरान के शिक्षक कारी जमील निजामी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रदेश और देश के सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया है।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों और सामाजिक वर्गों से जुड़े लोगों की भागीदारी रही। उनके अनुसार, राष्ट्रीय पर्व सभी नागरिकों को एक साथ आने और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का अवसर देता है।
बच्चों के नारों से गूंजता रहा वातावरण
लखनऊ के अलग-अलग मदरसों से निकली प्रभात फेरियों में बच्चों का उत्साह देखने लायक रहा। कहीं तिरंगा हाथों में था तो कहीं देशभक्ति गीतों की धुन वातावरण में गूंज रही थी। छोटे बच्चों के नारों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को जीवंत बना दिया।
‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ और ‘हिंदुस्तान हमारा है’ जैसे नारों के बीच बच्चों ने अपने तरीके से देश के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया। गर्मी और धूप भी उनके उत्साह को कम नहीं कर सकी।
इन आयोजनों में बच्चों की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी रहा कि उन्हें राष्ट्रीय पर्व के महत्व को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला। तिरंगा यात्रा, प्रभात फेरी और ध्वजारोहण जैसे कार्यक्रम बच्चों में अनुशासन, सामूहिक सहभागिता और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान की भावना विकसित करने में भूमिका निभाते हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर एकता और भाईचारे का संदेश
लखनऊ के ठाकुरगंज से लेकर कपूरथला तक सामने आईं इन तस्वीरों में स्वतंत्रता दिवस के उत्सव का व्यापक स्वरूप दिखाई दिया। मदरसों के विद्यार्थियों ने तिरंगा लेकर सड़कों पर मार्च किया और देशभक्ति के नारों के माध्यम से अपना उत्साह व्यक्त किया।
इन आयोजनों ने यह भी दिखाया कि राष्ट्रीय पर्व की भावना समाज के अलग-अलग वर्गों को एक साथ जोड़ सकती है। बच्चों की तिरंगा यात्रा में राष्ट्रीय ध्वज केंद्र में रहा और उसके साथ देश की एकता, अखंडता तथा भाईचारे का संदेश सामने आया।
स्वतंत्रता दिवस केवल अतीत की उपलब्धियों को याद करने का दिन नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के प्रति जिम्मेदारी को समझने का अवसर भी है। ऐसे आयोजनों में बच्चों की भागीदारी इस संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम करती है।
लखनऊ में मदरसों के नन्हे तलबा की इन प्रभात फेरियों और तिरंगा यात्राओं ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को एक खास रंग दिया। तपती धूप में भी हाथों में तिरंगा थामे आगे बढ़ते बच्चों ने अपने उत्साह से यह संदेश दिया कि राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना उम्र, पहनावे या संस्थान की सीमाओं से परे होती है। ठाकुरगंज और कपूरथला से सामने आए ये दृश्य स्वतंत्रता दिवस पर देश की साझा विरासत, एकता और भाईचारे की भावना को रेखांकित करते नजर आए।

























