16 अक्टूबर 2026 6:01 अपराह्न

18 भंडारों की परंपरा के बाद 19वें आयोजन की तैयारी, 26 अक्टूबर को दादा जत्ती आला धाम में लगेगा भंडारा

हरियाणा के झज्जर जिले के छारा गांव स्थित दादा जत्ती आला धाम के 19वें विशाल भंडारे का पोस्टर, रिपोर्टर जोगिंदर सिंह उर्फ कालू छारा की तस्वीर और आयोजन संबंधी जानकारी।

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जोगिंदर सिंह उर्फ कालू छारा की रिपोर्ट

छारा (झज्जर)। गांव छारा स्थित दादा जत्ती आला धाम में 26 अक्टूबर, सोमवार को शुद्ध देसी घी का 19वां वार्षिक भंडारा आयोजित किया जाएगा। धाम में लगातार 18 भंडारों के आयोजन के बाद होने वाला यह धार्मिक आयोजन आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव और सामूहिक सहभागिता की परंपरा को आगे बढ़ाएगा। आयोजन को लेकर जारी आमंत्रण के माध्यम से श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया गया है।

दादा जत्ती आला धाम कमेटी की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सुबह आठ बजे हवन किया जाएगा, जबकि सुबह दस बजे भंडारा शुरू होगा। गांव छारा, जिला झज्जर, हरियाणा में होने वाले इस आयोजन में ग्रामवासियों की सहभागिता को विशेष महत्व दिया गया है। आयोजकों की ओर से भंडारे को शुद्ध देसी घी से जोड़ते हुए वार्षिक धार्मिक परंपरा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

लगातार 18 भंडारों की परंपरा, 19वें आयोजन का पड़ाव

लगातार 18 वर्षों तक भंडारे की परंपरा को बनाए रखना किसी भी सामूहिक आयोजन के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन केवल धार्मिक आस्था की अभिव्यक्ति नहीं होते, बल्कि ग्रामीण समाज में मेल-मिलाप और परस्पर सहयोग के अवसर भी बनते हैं। भंडारे में एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा लोगों को आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर सामाजिक एकता का संदेश देती है।

ग्रामीण समाज में धार्मिक आयोजनों की भूमिका

ग्रामीण जीवन में धार्मिक स्थलों की भूमिका पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहती। इनके आसपास होने वाले सामूहिक कार्यक्रम लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर देते हैं। दादा जत्ती आला धाम का वार्षिक भंडारा भी इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण है। 19वें आयोजन के माध्यम से वर्षों से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ समाज में सद्भाव और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा।

सामाजिक समानता और सेवा का संदेश

भंडारे जैसे आयोजनों की सार्थकता तब और बढ़ जाती है, जब उनमें सभी लोगों के प्रति समान सम्मान, सहयोग और अपनत्व का भाव दिखाई देता है। समाज में आर्थिक और सामाजिक भिन्नताओं के बावजूद एक साथ बैठकर भोजन करना आपसी दूरी कम करने का माध्यम बन सकता है। ऐसे अवसर ग्रामीण समाज की सामूहिक शक्ति और परंपराओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी सामने लाते हैं।

श्रद्धालुओं को आमंत्रण, संपर्क नंबर जारी

आयोजन के लिए दादा जत्ती आला धाम कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से धार्मिक आयोजन की गरिमा बनाए रखने और आपसी सद्भाव के साथ सहभागिता करने की अपेक्षा है। 26 अक्टूबर को होने वाला यह भंडारा छारा गांव की धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

धाम कमेटी की ओर से जारी आमंत्रण-पत्र में संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9812069525, 9812783377, 9992477630, 9812413500 और 9671127882 दिए गए हैं।

परंपरा के साथ सद्भाव को आगे बढ़ाने का अवसर

18 भंडारों के बाद 19वें आयोजन की यह निरंतरता इस बात को रेखांकित करती है कि सामूहिक प्रयासों से परंपराएं लंबे समय तक जीवित रहती हैं। दादा जत्ती आला धाम में होने वाला वार्षिक भंडारा धार्मिक आस्था के साथ सेवा, सहयोग और सामाजिक सद्भाव की भावना को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा।

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