रील बनाने का शौक बना जानलेवा : तालाब में डूबने से 16 वर्षीय छात्र की मौत
दोस्तों के साथ वीडियो शूट करने गया था किशोर, चार घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिला शव
रिपोर्ट: इरफान अली लारी
गोरखपुर। सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने का बढ़ता क्रेज अब युवाओं और किशोरों के लिए खतरनाक साबित होने लगा है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक दर्दनाक हादसे में 10वीं कक्षा के 16 वर्षीय छात्र की तालाब में डूबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि छात्र अपने दोस्तों के साथ तालाब पर गया था, जहां वे सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील बना रहे थे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते उसकी जिंदगी खत्म हो गई। घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि स्थानीय लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं।
बेलिपार थाना क्षेत्र के तालाब में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना गोरखपुर जिले के बेलिपार थाना क्षेत्र के भौवापार गांव स्थित एक तालाब में हुई। तालाब गांव के शिव मंदिर के पास स्थित है और स्थानीय लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध माना जाता है।
मृतक की पहचान बेलिपार क्षेत्र के बागही गांव निवासी शिवम गुप्ता (16 वर्ष) के रूप में हुई है। शिवम स्थानीय विद्यालय में कक्षा 10 का छात्र था और पढ़ाई के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहता था।
बताया जाता है कि बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे शिवम अपने तीन दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से तालाब के पास पहुंचा था। चारों दोस्तों का उद्देश्य वहां घूमने के साथ-साथ वीडियो और रील बनाना भी था।
रील शूट करते समय तालाब में उतरे दो किशोर
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब पर पहुंचने के बाद चारों दोस्तों ने वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की। इस दौरान दो लड़के नहाने के लिए तालाब में उतर गए। एक लड़का किनारे पर बैठकर उनके कपड़ों और अन्य सामान की निगरानी कर रहा था, जबकि चौथा दोस्त मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद स्थिति अचानक भयावह हो गई। नहाते समय शिवम धीरे-धीरे तालाब के उस हिस्से में पहुंच गया जहां पानी काफी गहरा था। उसे गहराई का अंदाजा नहीं था और वह अचानक डूबने लगा।
दोस्त ने बचाने की कोशिश की लेकिन नहीं बच सकी जान
जब मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा किशोर ने शिवम को पानी में संघर्ष करते देखा तो वह तुरंत उसे बचाने के लिए तालाब में कूद गया। उसने शिवम तक पहुंचने की कोशिश भी की, लेकिन पानी की गहराई और घबराहट के कारण वह उसे सुरक्षित बाहर नहीं निकाल सका।
कुछ ही क्षणों में शिवम पानी में पूरी तरह लापता हो गया। इसके बाद उसके दोस्तों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और स्थानीय निवासी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तत्काल अपने स्तर पर खोजबीन और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस और एसडीआरएफ
घटना की जानकारी मिलते ही बेलिपार थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने हालात का जायजा लेने के बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को सूचना दी।
कुछ ही समय में एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू किया गया। तालाब की गहराई अधिक होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। लगभग चार घंटे तक लगातार खोजबीन चलती रही। आखिरकार एसडीआरएफ की टीम ने तालाब से शिवम का शव बरामद कर लिया।
परिवार में मचा कोहराम
शव मिलने की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। बेटे का शव देखकर माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य बदहवास हो गए। पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवम बेहद मिलनसार और होनहार छात्र था। उसकी असमय मृत्यु ने गांव के हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के सभी औपचारिक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने से हुई मौत का प्रतीत होता है। फिर भी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया की बढ़ती दीवानगी पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने के बढ़ते जुनून को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स पाने की चाह में कई युवा और किशोर जोखिम भरे स्थानों पर वीडियो शूट करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों से रेलवे ट्रैक, नदी, झरनों, पहाड़ों और जलाशयों के पास रील बनाते समय हादसों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद युवाओं में जागरूकता की कमी दिखाई देती है।
सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया गतिविधि या मनोरंजन से अधिक महत्वपूर्ण जीवन की सुरक्षा है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और उन्हें जोखिम भरे स्थानों पर जाने से रोकना चाहिए।
गोरखपुर की यह दुखद घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता के पीछे भागते हुए अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना घातक साबित हो सकता है। रील बनाने के दौरान हुई इस दर्दनाक मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कुछ सेकंड की वीडियो के लिए उठाया गया छोटा-सा जोखिम भी कभी-कभी पूरी जिंदगी छीन सकता है।







