16 अक्टूबर 2026 6:02 अपराह्न

देवरिया के तैराकों ने जीते 8 पदक, अंतरा सिंह ने तीन स्वर्ण जीतकर बढ़ाया जिले का गौरव

अंबेडकर नगर राज्य स्तरीय शॉर्ट कोर्स तैराकी प्रतियोगिता में देवरिया के पदक विजेता अंतरा सिंह, अंशुल कुमार निषाद और रोहन चौहान के साथ रिपोर्टर इरफान अली लारी की तस्वीर।

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🔴 इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया के होनहार तैराकों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और शानदार खेल कौशल के दम पर जनपद का नाम रोशन किया है। अंबेडकर नगर में 10 और 11 अक्टूबर को आयोजित राज्य स्तरीय शॉर्ट कोर्स तैराकी प्रतियोगिता में देवरिया की छह सदस्यीय टीम ने पहले ही दिन आठ पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस उपलब्धि में अंतरा सिंह का प्रदर्शन सबसे अधिक उल्लेखनीय रहा, जिन्होंने तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं अंशुल कुमार निषाद ने चार रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जबकि रोहन चौहान ने भी रजत पदक अपने नाम किया। खिलाड़ियों की इस सफलता से देवरिया के खेल जगत में उत्साह का माहौल है।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में देवरिया की दमदार शुरुआत

अंबेडकर नगर में आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए तैराकों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। ऐसे मुकाबलों में खिलाड़ियों को अपनी गति, तकनीक, शारीरिक क्षमता और अभ्यास का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। देवरिया तैराकी संघ के तत्वावधान में प्रतियोगिता में शामिल हुई जिले की टीम ने पहले ही दिन शानदार परिणाम देकर अपनी तैयारी और खेल के प्रति समर्पण को साबित किया। आठ पदकों की उपलब्धि ने न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि उनके प्रशिक्षकों, अभिभावकों और खेल से जुड़े पदाधिकारियों को भी गौरवान्वित किया।

तैराकी ऐसा खेल है जिसमें कुछ सेकंड का अंतर भी परिणाम बदल सकता है। इसलिए प्रतियोगिता में सफलता हासिल करने के लिए नियमित अभ्यास, सही तकनीक, अनुशासन और मानसिक एकाग्रता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। देवरिया के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतकर संकेत दिया है कि जिले में तैराकी की प्रतिभा को आगे बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं।

अंतरा सिंह ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर रचा सफलता का अध्याय

प्रतियोगिता में अंतरा सिंह ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। बालिका वर्ग में उन्होंने 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक, 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 100 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस प्रकार अंतरा ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर देवरिया की टीम को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई। तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में शीर्ष स्थान हासिल करना उनकी तैयारी, तकनीकी दक्षता और निरंतर मेहनत को दर्शाता है।

ब्रेस्टस्ट्रोक में तैराक को हाथों और पैरों की गति के बीच बेहतर तालमेल बनाना पड़ता है। वहीं इंडिविजुअल मेडले में निर्धारित नियमों के अनुसार विभिन्न तैराकी शैलियों का प्रदर्शन करना होता है। इन दोनों प्रकार की स्पर्धाओं में सफलता के लिए तकनीक के साथ-साथ सहनशक्ति और गति पर नियंत्रण भी जरूरी है। अंतरा सिंह ने इन मुकाबलों में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी बहुमुखी क्षमता का परिचय दिया। उनकी उपलब्धि जिले की अन्य बालिका खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकती है।

अंशुल कुमार निषाद के नाम चार रजत पदक

देवरिया के अंशुल कुमार निषाद ने भी प्रतियोगिता में असाधारण निरंतरता दिखाई। उन्होंने बालक वर्ग की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक, 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक, 100 मीटर फ्रीस्टाइल और 100 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धाओं में दूसरा स्थान हासिल किया। इन चार मुकाबलों में रजत पदक जीतकर अंशुल ने टीम की पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अलग-अलग तैराकी स्पर्धाओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना उनकी मेहनत और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।

फ्रीस्टाइल स्पर्धा में गति और पानी में शरीर की स्थिति का विशेष महत्व होता है, जबकि ब्रेस्टस्ट्रोक और इंडिविजुअल मेडले में तकनीकी नियंत्रण की अलग-अलग चुनौतियां होती हैं। अंशुल ने इन स्पर्धाओं में पदक जीतकर यह दिखाया कि वे विभिन्न प्रारूपों में मुकाबला करने की क्षमता रखते हैं। उनकी सफलता के पीछे नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए की गई तैयारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही होगी। आने वाले मुकाबलों में भी उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।

रोहन चौहान ने 200 मीटर बैकस्ट्रोक में जीता रजत

देवरिया की टीम के एक अन्य खिलाड़ी रोहन चौहान ने 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। बैकस्ट्रोक में तैराक पीठ के बल तैरता है और उसे गति के साथ अपनी दिशा तथा लय बनाए रखनी होती है। 200 मीटर की दूरी में शुरुआती तेजी के साथ ऊर्जा का सही प्रबंधन भी अहम होता है। रोहन ने इस स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल कर जिले की पदक उपलब्धि में अपना योगदान दिया।

अंतरा सिंह के तीन स्वर्ण, अंशुल कुमार निषाद के चार रजत और रोहन चौहान के एक रजत पदक को मिलाकर देवरिया के इन तीन खिलाड़ियों ने पहले दिन कुल आठ पदक जीते। यह प्रदर्शन जिले के लिए उत्साहजनक है और बताता है कि खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलता रहे तो वे राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा को और निखार सकते हैं।

तैराकी संघ के पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों को दी बधाई

देवरिया के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर जिला तैराकी संघ के पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। संघ के अध्यक्ष गंगतेश्वर सिंह, सचिव देवानंद भारती और उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ उनके अभिभावकों को भी बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि जनपद के लिए गौरव का विषय है।

संघ के अन्य पदाधिकारियों उपाध्यक्ष विवेकानंद शर्मा, कोषाध्यक्ष संजीव कुमार दुबे और उपसचिव नीरज शर्मा ने भी खिलाड़ियों की सफलता पर खुशी जाहिर की। उन्होंने प्रतियोगिता के दूसरे दिन होने वाले मुकाबलों के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर संघ से जुड़े लोगों में उत्साह है और उम्मीद की जा रही है कि प्रतियोगिता में भागीदारी से उन्हें आगे के मुकाबलों के लिए अनुभव तथा आत्मविश्वास मिलेगा।

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना जरूरी

किसी भी जिले में खेलों का विकास केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं होता। इसके लिए प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान, नियमित प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन, अभ्यास के लिए बेहतर सुविधाएं और अभिभावकों का सहयोग भी जरूरी है। तैराकी जैसे खेल में सुरक्षित और उपयुक्त प्रशिक्षण व्यवस्था का विशेष महत्व है। यदि युवा खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही सही मार्गदर्शन मिले, तो वे जिला और राज्य स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान बना सकते हैं।

देवरिया के तैराकों की इस सफलता ने जिले के खेल प्रेमियों को खुशी का अवसर दिया है। अंतरा सिंह के तीन स्वर्ण पदक, अंशुल कुमार निषाद के चार रजत पदक और रोहन चौहान के एक रजत पदक ने टीम के प्रदर्शन को यादगार बनाया। अब प्रतियोगिता के दूसरे दिन के मुकाबलों पर भी सभी की निगाहें रहेंगी। खिलाड़ियों की यह उपलब्धि संदेश देती है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से सफलता की नई राह बनाई जा सकती है।

अंबेडकर नगर में देवरिया के तैराकों ने पहले दिन जिस तरह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, उससे जनपद में तैराकी को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धि पर संघ के पदाधिकारियों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों की शुभकामनाएं उनके मनोबल को और मजबूत कर सकती हैं। अब सभी को उम्मीद है कि देवरिया के ये होनहार खिलाड़ी भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन करेंगे।

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