16 अक्टूबर 2026 6:01 अपराह्न

देवरिया में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियां तेज, डीएम-एसपी ने घाटों का किया निरीक्षण

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🔴 इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया। दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने तहसील सलेमपुर क्षेत्र के नदावर घाट सहित विभिन्न विसर्जन घाटों और वहां तक पहुंचने वाले मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का विशेष जोर इस बात पर है कि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रहे।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, प्रकाश, पेयजल और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम पहले से सुनिश्चित किए जाने चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने तथा अपने दायित्वों का समय से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।

विसर्जन मार्गों पर नहीं होने दिया जाएगा अवरोध

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने विसर्जन मार्गों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतिमाओं को लेकर जाने वाले रास्तों पर किसी भी प्रकार का अवरोध नहीं रहना चाहिए। मार्गों को आवागमन के अनुकूल बनाए रखने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विसर्जन के समय श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन की ओर से मार्गों की साफ-सफाई, यातायात संचालन और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना को देखते हुए रास्तों की उपलब्धता और सुरक्षा संबंधी इंतजामों का समय रहते परीक्षण करना जरूरी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करें और किसी भी कमी को तत्काल दूर कराएं।

घाटों पर रोशनी, पेयजल और बैरिकेडिंग के निर्देश

जिलाधिकारी ने विसर्जन घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा बैरिकेडिंग के समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

नदी घाटों और जलाशयों पर विसर्जन के समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर जेसीबी और क्रेन की व्यवस्था रखने के साथ गोताखोरों तथा नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी अप्रत्याशित परिस्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना और संभावित दुर्घटनाओं से बचाव करना है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की पहले से जांच कर ली जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका तत्काल इस्तेमाल किया जा सके।

दुर्गा पूजा आयोजक समय से लें अनुमति

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दुर्गा पूजा पंडालों के आयोजकों से अपील की कि पंडाल स्थापित करने, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने और डीजे संचालित करने के लिए निर्धारित प्रारूप में समय रहते अनुमति प्राप्त कर लें। आयोजकों को अंतिम समय तक अनुमति के लिए इंतजार करने से बचना चाहिए।

उन्होंने बताया कि आयोजनों की पूर्व जानकारी उपलब्ध रहने से प्रशासन को कार्यक्रमों की प्रकृति, आयोजन स्थलों, प्रतिमा विसर्जन के संभावित समय और संबंधित व्यवस्थाओं का आकलन करने में आसानी होती है। इससे पुलिस एवं प्रशासन आवश्यक सुरक्षा प्रबंध पहले से तैयार कर सकते हैं और भीड़ तथा यातायात के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलती है।

जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सलेमपुर को निर्देश दिया कि पूजा समितियों और पंडाल आयोजकों को अनुमति के लिए निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराया जाए, ताकि सभी आयोजक आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी कर सकें और पर्व के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर किसी तरह की असमंजस की स्थिति न बने।

डीजे की आवाज और ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने की हिदायत

दुर्गा पूजा के दौरान निकलने वाली शोभायात्राओं और धार्मिक कार्यक्रमों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि डीजे की ऊंचाई और ध्वनि का स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप रखा जाए। आयोजकों को नियमों का पालन करते हुए ही ध्वनि यंत्रों का उपयोग करना होगा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि धार्मिक आयोजनों में सामान्य रूप से भजन, पारंपरिक गीत और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को प्राथमिकता दी जाए। ऐसा कोई कृत्य नहीं किया जाना चाहिए, जिससे किसी व्यक्ति या समुदाय की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचे अथवा सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।

प्रशासन का मानना है कि धार्मिक पर्वों की गरिमा बनाए रखने के लिए आयोजकों, श्रद्धालुओं और संबंधित विभागों का सहयोग जरूरी है। इसलिए पूजा समितियों से अपेक्षा की गई है कि वे नियमों का पालन करते हुए जिम्मेदारी के साथ कार्यक्रमों का संचालन करें।

पूजा पंडालों में विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने दुर्गा पूजा पंडालों में बिजली से संबंधित सुरक्षा उपायों को गंभीरता से लागू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत संबंधी सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएं, ताकि शॉर्ट सर्किट अथवा बिजली से जुड़ी किसी अन्य दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।

पूजा पंडालों में अस्थायी विद्युत कनेक्शन, रोशनी और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल होता है। ऐसे में तारों की सुरक्षित व्यवस्था और विद्युत उपकरणों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे पंडालों में आवश्यक सुरक्षा उपायों की निगरानी करें और जहां भी कोई कमी मिले, उसे तत्काल ठीक कराया जाए।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी जिला प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाने को कहा है। जिलाधिकारी ने नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों तथा खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जहां-जहां दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, झांकियां निकाली जानी हैं और विसर्जन कार्यक्रम आयोजित होने हैं, उन सभी स्थानों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की कि पूजा स्थलों, पंडालों के आसपास और विसर्जन मार्गों पर नियमित सफाई कराई जाए। इससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिलेगा और पर्व के दौरान गंदगी तथा अव्यवस्था की स्थिति से बचा जा सकेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

प्रशासन ने पर्व के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने आवश्यकतानुसार एंबुलेंस और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।

इसके साथ ही उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को लगातार भ्रमण करते हुए तैयारियों का जायजा लेने और किसी भी समस्या का समय रहते समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।

संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी

पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि विसर्जन घाटों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही विसर्जन मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए।

उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। किसी भी संभावित समस्या से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना भी जरूरी है।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संबंधित विभागों को आपसी सहयोग के साथ काम करने की हिदायत देते हुए कहा कि सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। प्रशासन का उद्देश्य है कि दुर्गा पूजा, धार्मिक आयोजनों और प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं में कोई कमी न रहे।

निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद

विसर्जन घाटों और मार्गों के निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सलेमपुर क्षितिज द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी सलेमपुर, नगर निकाय के अध्यक्ष, थानाध्यक्ष सलेमपुर सहित राजस्व विभाग के कर्मचारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की और संबंधित विभागों को निर्देशों के अनुरूप कार्य करने को कहा।

जिला प्रशासन की इन तैयारियों का मुख्य उद्देश्य दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित, व्यवस्थित तथा सौहार्दपूर्ण बनाना है। इसके लिए सरकारी विभागों के साथ-साथ पूजा समितियों और आम नागरिकों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। नियमों का पालन, समय पर अनुमति और प्रशासन के साथ समन्वय से पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।

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