आम तोड़ने के दौरान पेड़ से गिरा मासूम, हाथ टूटा ; 108 एंबुलेंस की तत्परता से पहुंचा अस्पताल
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। जनपद देवरिया के भाटपार रानी क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में आम तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ा एक बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पेड़ से नीचे गिरने के कारण उसके हाथ में गंभीर चोट आई और फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों की सूझबूझ और 108 एंबुलेंस सेवा की त्वरित कार्रवाई से घायल बालक को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
टीकमपार गांव में हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाटपार रानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टीकमपार निवासी हजरत अंसारी का पुत्र अलफ़ाज़ अंसारी अपने घर के पास स्थित एक आम के पेड़ पर फल तोड़ने के लिए चढ़ा था। इसी दौरान उसका पैर अचानक फिसल गया और वह संतुलन खो बैठा। देखते ही देखते बालक कई फीट ऊंचाई से जमीन पर आ गिरा।
पेड़ से गिरने के कारण अलफ़ाज़ को गंभीर चोटें आईं। विशेष रूप से उसका बायां हाथ बुरी तरह चोटिल हो गया और टूट गया। गिरने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। बालक दर्द से कराह रहा था, जिससे परिवार के लोग काफी चिंतित हो उठे।
ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता
घटना के तुरंत बाद गांव के लोगों ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घायल बालक की मदद के लिए प्रयास शुरू कर दिए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए प्रदेश सरकार की 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस टीम सक्रिय हो गई और निर्धारित समय में घटनास्थल पर पहुंच गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एंबुलेंस सेवा समय पर नहीं पहुंचती तो घायल बालक की परेशानी और बढ़ सकती थी। ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सा सहायता मिलना अत्यंत आवश्यक होता है।
108 एंबुलेंस कर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस सेवा के आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन (ईएमटी) अखिलेश तथा चालक इंद्रेश ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। एंबुलेंस टीम ने घायल बालक की स्थिति का आकलन किया और उसे प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई।
ईएमटी ने घायल हाथ को सुरक्षित तरीके से स्थिर करते हुए आवश्यक उपचार दिया, ताकि अस्पताल पहुंचने तक स्थिति और अधिक गंभीर न हो। इसके बाद बालक को सावधानीपूर्वक एंबुलेंस में बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भाटपार रानी पहुंचाया गया।
ग्रामीणों और परिजनों ने एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई ने घायल बच्चे को समय पर उपचार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भाटपार रानी में चिकित्सकों ने घायल बालक का प्राथमिक उपचार किया। जांच के दौरान पता चला कि उसके बाएं हाथ में गंभीर फ्रैक्चर है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं।
बालक की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उसे देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे आगे के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर रवाना हो गए।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मियों के मौसम में बच्चे अक्सर आम, जामुन और अन्य फलों को तोड़ने के लिए पेड़ों पर चढ़ जाते हैं। ऐसे समय में दुर्घटनाओं की संभावना काफी बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को बच्चों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए और उन्हें ऊंचे पेड़ों पर अकेले चढ़ने से रोकना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
आपातकालीन सेवाओं का महत्व फिर आया सामने
टीकमपार गांव की यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी संकट की घड़ी में जीवन रक्षक साबित हो सकती हैं। 108 एंबुलेंस सेवा ने त्वरित प्रतिक्रिया देकर घायल बालक को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई, जिससे उसे आवश्यक उपचार मिल सका।
स्थानीय लोगों ने सरकार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सेवाएं आम लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही हैं। समय पर सहायता मिलने से कई गंभीर मामलों में मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
भाटपार रानी क्षेत्र के टीकमपार गांव में आम तोड़ने के दौरान पेड़ से गिरकर घायल हुए बालक अलफ़ाज़ अंसारी की घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवा की त्वरित कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सहायता कितनी महत्वपूर्ण होती है। क्षेत्रीय लोगों की प्रार्थना है कि घायल बालक जल्द स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन में लौटे।







