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खान सर के कोचिंग सेंटर फायरिंग केस में बड़ा खुलासा : उत्तर प्रदेश से निकला कनेक्शन, दो सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार

मैनपुरी से गिरफ्तार हुआ गार्ड, गांव वालों ने कहा- ‘उसे झूठा फंसाया जा रहा है’

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

पटना के चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट के बाहर हुई फायरिंग और हिंसा के मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। इस बहुचर्चित मामले में अब उत्तर प्रदेश का भी सीधा संबंध सामने आया है। बिहार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संस्थान के दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से हुई है। वहीं दूसरी ओर, मामले में खान सर के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की खबर ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक चर्चा में ला दिया है।

फायरिंग की घटना के बाद से पुलिस लगातार वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। इसी कड़ी में सुरक्षा गार्डों की गिरफ्तारी को अहम माना जा रहा है।

मैनपुरी के गाड़िया गांव से पकड़ा गया प्रदीप कुमार

पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि फायरिंग मामले में नामजद सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बेवर थाना क्षेत्र स्थित गाड़िया गांव का रहने वाला है। बिहार पुलिस ने उसे मैनपुरी से गिरफ्तार किया। इसके अलावा दूसरे सुरक्षा गार्ड तालेश्वर को भी हिरासत में लिया गया है।

जैसे ही प्रदीप कुमार की गिरफ्तारी की सूचना उसके पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। ग्रामीणों के बीच दिनभर इसी मामले को लेकर बातचीत होती रही। कई लोगों ने इस कार्रवाई पर आश्चर्य व्यक्त किया और प्रदीप के व्यक्तित्व को लेकर अपनी राय खुलकर सामने रखी।

वायरल वीडियो बना गिरफ्तारी का आधार

पटना में कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद के दौरान हुई फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार इसी वीडियो में प्रदीप कुमार कथित रूप से हथियार चलाते हुए दिखाई दिया था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी पहचान सुनिश्चित की और कानूनी कार्रवाई शुरू की।

जांच एजेंसियों का मानना है कि वीडियो इस पूरे मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के दौरान किस परिस्थिति में गोली चली और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या थे।

गांव वालों को नहीं हो रहा विश्वास

प्रदीप कुमार की गिरफ्तारी के बाद उसके गांव के लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यक्ति को वे वर्षों से जानते हैं, उसके बारे में ऐसे आरोपों पर विश्वास करना उनके लिए आसान नहीं है। गांव निवासी टिंकू यादव ने बताया कि प्रदीप बचपन से ही शांत और मिलनसार स्वभाव का व्यक्ति रहा है। उनका कहना है कि गांव में उसका किसी से कोई विवाद नहीं रहा और वह हमेशा सामाजिक गतिविधियों में भाग लेता रहा है। टिंकू यादव के अनुसार प्रदीप को जानने वाले अधिकांश लोग उसकी गिरफ्तारी से हैरान हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रदीप का परिवार भी स्थायी रूप से गांव में नहीं रहता। उसकी मां, पत्नी और तीन बच्चे नोएडा में रहते हैं। परिवार के सदस्य केवल त्योहारों या विशेष अवसरों पर ही गांव आते-जाते हैं।

चाची ने कहा- बहुत अच्छा लड़का है प्रदीप

प्रदीप कुमार की चाची गीता देवी ने भी उसकी गिरफ्तारी पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदीप एक संस्कारी और सामाजिक युवक है। उनके अनुसार वह हमेशा धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहता है। गीता देवी ने बताया कि प्रदीप ने गांव में कई बार कथा और भागवत जैसे धार्मिक आयोजनों का सहयोग किया है। उन्होंने दावा किया कि उसका स्वभाव किसी प्रकार की हिंसक गतिविधि से मेल नहीं खाता और उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी की खबर सुनने के बाद परिवार के लोग बेहद परेशान हैं। गांव के कई लोग भी इस घटनाक्रम से भावनात्मक रूप से प्रभावित हुए हैं।

ग्रामीणों ने बताई सकारात्मक छवि

गांव के अन्य लोगों ने भी प्रदीप के पक्ष में बयान दिए हैं। ग्रामीण शीलेश गुप्ता ने कहा कि प्रदीप का व्यवहार हमेशा सौम्य और सहयोगी रहा है। उनके अनुसार वह लड़ाई-झगड़े से दूर रहने वाला व्यक्ति है और गांव में उसकी पहचान एक सीधे-सादे युवक के रूप में रही है।

कुछ ग्रामीणों ने कहा कि वे वर्षों से प्रदीप को जानते हैं और उन्होंने कभी उसे किसी विवाद में शामिल होते नहीं देखा। उनका कहना है कि गांव में उसकी छवि एक जिम्मेदार और सामाजिक व्यक्ति की रही है। हालांकि, ग्रामीणों की राय और पुलिस जांच दो अलग-अलग पहलू हैं। पुलिस फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी प्रमाणों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

खान सर पर भी दर्ज हुआ मामला

इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट और उसके संचालक खान सर का नाम सामने आना है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना के दौरान संस्थान प्रबंधन की क्या भूमिका रही, सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और फायरिंग की परिस्थितियां क्या थीं। पुलिस की आगे की कार्रवाई और अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्य इस मामले की दिशा तय करेंगे।

जांच जारी, कई सवालों के जवाब अभी बाकी

पटना फायरिंग केस अब केवल एक स्थानीय विवाद का मामला नहीं रह गया है। इसमें कई कानूनी, प्रशासनिक और सामाजिक पहलू जुड़ चुके हैं। एक ओर पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर गिरफ्तार गार्ड के गांव के लोग उसके समर्थन में सामने आ रहे हैं।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। सुरक्षा गार्डों की गिरफ्तारी के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां किन निष्कर्षों तक पहुंचती हैं और अदालत में क्या तथ्य सामने आते हैं। यह मामला शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, निजी सुरक्षा कर्मियों की भूमिका और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम सवाल भी खड़े कर रहा है, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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