इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया/सलेमपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत पार्टी के सांसदों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही देवरिया जनपद में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सलेमपुर में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मझौली मोड़ पर एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव समेत गिरफ्तार किए गए सभी नेताओं को तत्काल रिहा किए जाने की मांग उठाई।
सपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी के सांसद लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और निर्वाचन आयोग तक मार्च करने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार किया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़ा करता है। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही सलेमपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध का रास्ता अपनाया और धरने के माध्यम से अपना आक्रोश व्यक्त किया।
निर्वाचन आयोग के खिलाफ मार्च के दौरान हुई गिरफ्तारी
मिली जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी के सांसद दिल्ली में संसद भवन से निर्वाचन आयोग की ओर मार्च कर रहे थे। पार्टी सांसद निर्वाचन आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी आपत्ति और राजनीतिक विरोध दर्ज कराने के लिए मार्च कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने अखिलेश यादव सहित समाजवादी पार्टी के सांसदों को हिरासत में ले लिया।
अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की खबर समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं तक पहुंची तो सलेमपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने तत्काल एकजुट होकर मझौली मोड़ पर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर सपा नेताओं और समर्थकों की भीड़ जुट गई।
मझौली मोड़ पर जमीन पर बैठकर दिया धरना
अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मझौली मोड़ पर जमीन पर बैठकर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के समर्थन में आवाज उठाई और अखिलेश यादव को रिहा करने की मांग की।
धरने में शामिल नेताओं का कहना था कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने तथा संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार है। ऐसे में सांसदों को मार्च के दौरान गिरफ्तार किया जाना उचित नहीं है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की सूचना ने उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर किया। धरने के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ दिखाई दी। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
करीब आधे घंटे बाद मिली रिहाई की सूचना
मझौली मोड़ पर सपा कार्यकर्ताओं का धरना करीब आधे घंटे तक चला। इसी बीच प्रदर्शनकारियों को सूचना मिली कि अखिलेश यादव को रिहा कर दिया गया है। रिहाई की खबर मिलते ही धरने पर बैठे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी के विरोध में अपनी आवाज उठाना था। जैसे ही अखिलेश यादव की रिहाई की सूचना मिली, उन्होंने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर ली स्थिति की जानकारी
सलेमपुर में धरना प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद कोतवाली सलेमपुर के प्रभारी निरीक्षक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और वहां मौजूद नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की गतिविधियों की जानकारी ली।
धरने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति सामान्य रही। अखिलेश यादव की रिहाई की सूचना मिलने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने भी अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और धीरे-धीरे मौके से हटने लगे।
स्थानीय नेताओं ने जताया विरोध
धरना प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के कई स्थानीय नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। नेताओं ने अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ खड़ी है।
सपा नेताओं ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों की अपनी आपत्तियां हो सकती हैं। इन मुद्दों को लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी बात रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
धरने में शामिल कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के समर्थन में अपनी एकजुटता दिखाई। स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों ने भी कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने की अपील की।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
सलेमपुर में आयोजित धरना प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ और स्थानीय नेता मौजूद रहे। इनमें स्वामीनाथ यादव, मनबोध प्रसाद, पूर्व विधायक हरे राम यादव, विधानसभा सलेमपुर अध्यक्ष रामप्रकाश यादव, श्यामदेव यादव, मंजूर आलम, विजय यादव, पवन यादव, प्रधान सोनू पांडेय, श्रीमती रंजना भारती, प्रमोद गौतम, पवन यादव, ब्लॉक अध्यक्ष अवधेश यादव, टुन्नु वर्मा, वीरेंद्र यादव, अवधेश गौड़, गोरख यादव, सौरभ यादव, दिनेश भारती, अवनीश गोलू यादव, प्रेमशंकर यादव, जामवंत विश्वकर्मा, राजित यादव, अंकित श्रीवास्तव, संदीप यादव, अरशद सिद्दीकी, कुंदन कनौजिया, अरविंद गौड़, अमन निगम, शेषनाथ, रणविजय, मुकेश राजभर, संदीप यादव और देवेंद्र यादव सहित अन्य कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल रहे।
पार्टी नेताओं ने कहा कि कार्यकर्ता संगठन और नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और राजनीतिक मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी आगे भी अपनी आवाज उठाती रहेगी।
गिरफ्तारी की सूचना से स्थानीय राजनीति में बढ़ी हलचल
अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की खबर ने सलेमपुर और आसपास के राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित किया। सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने बिना किसी पूर्व तैयारी के धरना शुरू कर दिया। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि पार्टी कार्यकर्ताओं में राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति सक्रियता और जुड़ाव बना हुआ है।
धरना समाप्त होने के बाद स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की रिहाई की सूचना को राहत की बात बताया। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी की ओर से उठाए जा रहे राजनीतिक और लोकतांत्रिक मुद्दों पर अपना समर्थन दोहराया।
सलेमपुर में हुआ यह प्रदर्शन फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया, लेकिन अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के मुद्दे ने स्थानीय स्तर पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को एकजुट कर दिया। पार्टी नेताओं ने आने वाले समय में भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की बात कही।













