इरफान अली लारी की रिपोर्ट
Deoria एक नवविवाहिता का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की हर संभावित दिशा से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और परिजनों के बयान मिलने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों के संबंध में स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
कमरे का दरवाजा तोड़ने पर हुआ घटना का खुलासा
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह घर के लोगों ने देखा कि विवाहिता काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आई। कई बार आवाज लगाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया।
दरवाजा खुलते ही भीतर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। विवाहिता का शव फंदे से लटका हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में पूरे गांव में घटना की खबर फैल गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई।
करीब 14 माह पहले हुआ था विवाह
मृतका की पहचान कृति राजभर के रूप में हुई है। उनका विवाह लगभग 14 महीने पहले हुआ था। बताया जा रहा है कि विवाह के बाद वह अपने ससुराल में रह रही थीं।
परिवार की स्थिति भी सामान्य नहीं थी। मृतका के पति राकेश राजभर गुजरात में निजी नौकरी करते हैं और घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। वहीं उनके ससुर दिल्ली में रहते हैं। घर में वृद्ध सास ही रहती थीं। दंपती की अभी कोई संतान नहीं थी।
मायके से भी जुड़ी थी जिम्मेदारियां
परिजनों के अनुसार मृतका मूल रूप से हरखवली गांव की रहने वाली थीं। उनके परिवार में पिता बीरबल राजभर तथा दो छोटे भाई हैं। विवाह के बाद भी उनका मायके से लगातार संपर्क बना हुआ था।
घटना के बाद मायके पक्ष के लोग भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
घटना से पहले किसी विवाद की जानकारी नहीं
स्थानीय लोगों और पड़ोसियों का कहना है कि घटना से एक दिन पहले तक घर में किसी प्रकार के विवाद या तनाव जैसी कोई जानकारी सामने नहीं आई थी। इसी कारण अचानक हुई इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया।
हालांकि पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि घटना से पहले किसी प्रकार का मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद अथवा अन्य कोई कारण तो नहीं था। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पुलिस, राजस्व और फॉरेंसिक टीम ने किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। नायब तहसीलदार हरि प्रसाद तथा हल्का लेखपाल नीतीश सिंह ने आवश्यक राजस्व संबंधी कार्रवाई पूरी की।
वहीं पुलिस की ओर से उपनिरीक्षक सत्यदेव और उपनिरीक्षक राकेश कुमार यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए ताकि वैज्ञानिक जांच के आधार पर घटना के वास्तविक कारणों तक पहुंचा जा सके।
घटनास्थल से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
पुलिस जांच के दौरान कमरे की तलाशी ली गई, लेकिन घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। ऐसे में पुलिस फिलहाल किसी एक कारण को आधार मानकर जांच नहीं कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा परिजनों एवं अन्य संबंधित लोगों के बयान जांच का महत्वपूर्ण आधार होंगे। यदि जांच में कोई नई जानकारी सामने आती है तो उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मृत्यु के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
जांच अधिकारी सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। यदि किसी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसी के अनुरूप आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की
पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी तथ्यों का वैज्ञानिक एवं कानूनी आधार पर परीक्षण किया जाएगा।
जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।













