इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। रामपुर कारखाना विकास खंड के सभागार में शिक्षा विभाग की ओर से ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर ब्लॉक स्तरीय चित्रकला प्रदर्शनी एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘सेवा और समर्पण के 25 वर्ष—जनसेवा से देश सेवा’ अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में विकास खंड के विभिन्न विद्यालयों से चयनित छात्र-छात्राओं ने अपनी चित्रकला के माध्यम से भारत को लेकर अपने सपनों, विचारों और कल्पनाओं को रंगों में अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में बच्चों की बनाई चित्रकलाओं में विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल तकनीक, विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे विषय प्रमुखता से दिखाई दिए। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए यह दिखाने का प्रयास किया कि देश के भविष्य को लेकर उनके मन में किस तरह की कल्पनाएं और आकांक्षाएं हैं।
बच्चों की कल्पना में दिखाई दिया भविष्य का भारत
चित्रकला प्रदर्शनी में शामिल छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग रंगों और कलात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से अपने सपनों के भारत की तस्वीर प्रस्तुत की। किसी चित्र में स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त भारत का संदेश दिखाई दिया तो किसी में आधुनिक तकनीक और डिजिटल सुविधाओं से जुड़ा देश नजर आया। कुछ विद्यार्थियों ने विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को अपनी कला का विषय बनाया।
प्रदर्शनी में बच्चों की कल्पनाओं में ऐसा भारत दिखाई दिया, जहां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता को विशेष महत्व दिया गया है। विद्यार्थियों ने अपनी उम्र और अनुभव के अनुरूप देश के भविष्य को समझने तथा उसे चित्रों के माध्यम से सामने रखने का प्रयास किया।
इस दौरान विद्यालयों से चयनित छात्र-छात्राओं की चित्रकलाओं को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया। शिक्षकों और अतिथियों ने विद्यार्थियों के चित्रों को देखा तथा उनकी रचनात्मक सोच और कलात्मक अभिव्यक्ति के बारे में जानकारी ली।
कला विचारों को अभिव्यक्ति देने का माध्यम: दिवाकर चन्द्र यादव
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष दिवाकर चन्द्र यादव ने विद्यार्थियों की चित्रकलाओं का अवलोकन करने के बाद उन्हें संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा तैयार की गई ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय की चित्रकलाएं उनकी जागरूक सोच और देश के भविष्य के प्रति उनकी कल्पना को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से जिस भारत की तस्वीर प्रस्तुत की है, उसे देखकर गर्व की अनुभूति होती है। उनके अनुसार, चित्रकला केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं है, बल्कि यह बच्चों के विचारों, भावनाओं और कल्पनाओं को व्यक्त करने का प्रभावी माध्यम भी है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि किसी विद्यार्थी ने पर्यावरण संरक्षण को अपनी चित्रकला का विषय बनाया है तो किसी ने विज्ञान, तकनीक और इसरो की उपलब्धियों को कैनवास पर उतारने का प्रयास किया है। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाओं को मंच मिलना जरूरी है।
ग्रामीण विद्यालयों की प्रतिभाओं को मिला मंच
कार्यक्रम के दौरान यह भी सामने आया कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में रचनात्मक प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत केवल उनकी प्रतिभा को पहचानने और उसे उचित मंच उपलब्ध कराने की है। चित्रकला प्रदर्शनी इसी दिशा में एक अवसर के रूप में सामने आई, जहां अलग-अलग विद्यालयों से चयनित विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को विषय की समझ विकसित करने और अपनी कल्पना को स्वतंत्र रूप से चित्रों में उतारने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा प्रस्तुत चित्रों में उनके आसपास के सामाजिक परिवेश के साथ-साथ भविष्य के भारत की कल्पना भी दिखाई दी।
अतिथियों ने विद्यार्थियों से चित्रों पर की बातचीत
प्रदर्शनी के दौरान अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए चित्रों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से उनके चित्रों में दर्शाए गए विषयों, भावनाओं और कल्पनाओं के बारे में बातचीत की। विद्यार्थियों ने भी अपने-अपने चित्रों के पीछे की सोच और संदेश के बारे में जानकारी दी।
इस संवाद से बच्चों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति को समझाने और सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की कला को प्रोत्साहित किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मिला पुरस्कार
चित्रकला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में UPS भीमपुर के नैतिक गोंड ने प्रथम स्थान, UPS नौतन की जूल्ली कुमारी ने द्वितीय स्थान और PS भीखमपुर की शिवन्या कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों और शिक्षकों ने बधाई दी। इस अवसर पर अन्य प्रतिभागी विद्यार्थियों का भी उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता के माध्यम से विजेताओं का चयन करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में कला, रचनात्मकता और देश के भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करना भी रहा।
शिक्षा के साथ रचनात्मक प्रतिभा को बढ़ावा
‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे विषयों पर आयोजित चित्रकला कार्यक्रम विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से अलग अपनी कल्पनाशीलता व्यक्त करने का अवसर देते हैं। ऐसे आयोजनों में बच्चे अपने आसपास दिखाई देने वाली समस्याओं, देश की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को अपनी दृष्टि से चित्रों में प्रस्तुत करते हैं।
रामपुर कारखाना ब्लॉक स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में भी विद्यार्थियों की चित्रकलाओं में स्वच्छता, पर्यावरण, विज्ञान, तकनीक और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों की मौजूदगी इस बात की ओर संकेत करती है कि बच्चों के बीच इन मुद्दों को लेकर जागरूकता विकसित हो रही है।
कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी सुश्री प्रियंका चौधरी, सहायक विकास अधिकारी कृषि श्री अभय प्रताप पाल, शिक्षा विभाग के एआरपी श्री श्रीराम गुप्ता, शिक्षक संघ अध्यक्ष श्री निर्भय राय, श्री संजय यादव, श्री दीनदयाल यादव सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनकी रचनात्मक प्रतिभा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। चित्रकला प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सपनों का भारत केवल कागज पर बने रंग-बिरंगे चित्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके विचारों और भविष्य को लेकर उनकी उम्मीदों की अभिव्यक्ति के रूप में भी सामने आया।













