हरकेश नगर मोक्षधाम का बदला स्वरूप : ओमप्रकाश भड़ाना के नेतृत्व में उजाड़ श्मशान बना हरियाली और स्वच्छता का प्रतीक
नई दिल्ली: हरकेश नगर मोक्षधाम अब बना प्रेरणादायक उदाहरण
परवेज़ अंसारी की रिपोर्ट
राजधानी दिल्ली के हरकेश नगर स्थित मोक्षधाम (श्मशान घाट) ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसा बदलाव देखा है, जो आज पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन चुका है। कभी गंदगी, झाड़-झंखाड़ और अव्यवस्थाओं से घिरा रहने वाला यह श्मशान घाट अब हरियाली, स्वच्छता और शांत वातावरण के कारण लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस परिवर्तन का श्रेय मोक्ष धाम हरकेश नगर सेवा समिति के महासचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश भड़ाना और उनके साथ जुड़े स्थानीय नागरिकों को दिया जा रहा है, जिन्होंने लगातार वर्षों तक मेहनत कर इस स्थान की तस्वीर बदल दी।
वर्षों की मेहनत से बदली पहचान
ओमप्रकाश भड़ाना के अनुसार, हरकेश नगर मोक्षधाम की नींव वर्ष 2016 में रखी गई थी। उस समय यह पूरा इलाका ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी क्षेत्र था, जहां कीकर के पेड़, घनी झाड़ियां और भारी मात्रा में गंदगी फैली हुई थी। सबसे पहले दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से भूमि का आवश्यक स्वीकृति कार्य पूरा कराया गया। इसके बाद इलाके की सफाई और समतलीकरण का बड़ा अभियान शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि श्मशान परिसर को व्यवस्थित बनाने के लिए करीब 300 ट्रक मलबा और कचरा हटाकर बाहर भेजा गया। इसके बाद जमीन को समतल कर धीरे-धीरे इसे विकसित करने का कार्य शुरू हुआ। पिछले आठ वर्षों से लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम है कि आज यह स्थान पूरी तरह बदल चुका है।
छह महीने में दिखाई दिया व्यापक बदलाव
हाल के छह महीनों में मोक्षधाम के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। इस दौरान पूरे परिसर की साफ-सफाई कराई गई, टूटी हुई बाउंड्री की मरम्मत की गई और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई। परिसर में नई एलईडी लाइटें लगाई गईं, जिससे रात के समय भी पूरा क्षेत्र रोशन रहता है।
इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने के लिए बेंच लगाई गईं, पेयजल की व्यवस्था की गई तथा शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की गईं। परिसर तक पहुंचने वाली सड़क की मरम्मत कर लोगों के आवागमन को भी आसान बनाया गया।
5000 से अधिक पौधों ने बदला पूरा वातावरण
हरकेश नगर मोक्षधाम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हरियाली है। यहां लगभग 5000 पेड़ और आकर्षक फूलों वाले पौधे लगाए गए हैं। परिसर में नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन, अशोक, बेल, अमरूद, अनार, अंजीर सहित कई प्रकार के फलदार और छायादार वृक्ष लगाए गए हैं।
इसके साथ ही औषधीय महत्व रखने वाली अनेक जड़ी-बूटियों का भी रोपण किया गया है। चारों ओर फैली हरियाली और रंग-बिरंगे फूलों ने इस स्थान को एक सुंदर उद्यान जैसा स्वरूप प्रदान कर दिया है। आज यहां आने वाले लोगों को पहले की तुलना में कहीं अधिक शांत, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण मिलता है।
“दुख की घड़ी में भी मिले सम्मानजनक वातावरण” – ओमप्रकाश भड़ाना
मोक्ष धाम हरकेश नगर सेवा समिति के महासचिव ओमप्रकाश भड़ाना का कहना है कि किसी भी क्षेत्र का श्मशान घाट केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं होता, बल्कि वह समाज की संवेदनशीलता और व्यवस्था का भी प्रतीक होता है। उनका मानना है कि जब कोई व्यक्ति अपने प्रियजन को अंतिम विदाई देने आता है, तब उसे स्वच्छ, सुरक्षित और शांत वातावरण मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह कार्य किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज के सहयोग का परिणाम है। स्थानीय युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के नागरिकों ने श्रमदान और आर्थिक सहयोग देकर इस अभियान को सफल बनाया। उन्होंने भविष्य में भी मोक्षधाम की देखभाल और हरियाली बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
स्थानीय लोगों ने की खुले दिल से सराहना
मोक्षधाम के बदले स्वरूप को देखकर स्थानीय लोगों ने समिति और उसके पदाधिकारियों के प्रयासों की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले यहां गंदगी, बदबू और अंधेरे के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब पूरा परिसर साफ-सुथरा, व्यवस्थित और शांत दिखाई देता है।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि सुबह और शाम आसपास के लोग यहां टहलने भी आते हैं तथा लगाए गए पौधों की देखभाल में भी सहयोग करते हैं। इससे पूरे क्षेत्र का वातावरण पहले से कहीं अधिक बेहतर हुआ है।
प्रशासन ने भी सराहा जनसहभागिता का मॉडल
स्थानीय प्रशासन ने भी हरकेश नगर मोक्षधाम के कायाकल्प की सराहना करते हुए इसे जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि स्थानीय संस्थाएं और नागरिक इसी तरह मिलकर सार्वजनिक स्थलों के विकास की जिम्मेदारी निभाएं तो शहर के अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय बदलाव संभव है।
हर महीने चलेगा सफाई और पौधारोपण अभियान
मोक्ष धाम हरकेश नगर सेवा समिति ने निर्णय लिया है कि परिसर की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने के लिए प्रत्येक महीने नियमित सफाई अभियान चलाया जाएगा। साथ ही समय-समय पर नए पौधे लगाए जाएंगे और पुराने पौधों का संरक्षण किया जाएगा ताकि आने वाले वर्षों में भी यह परिसर हरियाली और स्वच्छता की मिसाल बना रहे।
रजिस्टर्ड समिति कर रही है संचालन
हरकेश नगर मोक्षधाम का संचालन मोक्ष धाम हरकेश नगर सेवा समिति द्वारा किया जा रहा है, जो एक पंजीकृत संस्था है। समिति का उद्देश्य केवल अंतिम संस्कार की व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि पूरे परिसर को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक सहभागिता का केंद्र बनाना भी है।
समिति का कहना है कि भविष्य में भी परिसर में नई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और इसे ऐसा स्थान बनाया जाएगा, जहां अंतिम विदाई देने आने वाले लोगों को सम्मानजनक, शांत और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
हरकेश नगर मोक्षधाम का यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज और स्थानीय संस्थाएं मिलकर संकल्प लें तो किसी भी उपेक्षित सार्वजनिक स्थल की तस्वीर बदली जा सकती है। वर्षों की सतत मेहनत, जनसहयोग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता ने इस श्मशान घाट को एक नई पहचान दी है। आज यह केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं, बल्कि स्वच्छता, हरियाली और सामुदायिक भागीदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।










