कामां

गंगा दशहरा पर बड़ा हादसा : विमल कुंड जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ में घुसी बेकाबू कार, 20 घायल, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

कामां के पवित्र धार्मिक आयोजन में मचा हड़कंप

मोदी की रिपोर्ट

डीग जिले के मां क्षेत्र में गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित धार्मिक स्नान के दौरान एक गंभीर सड़क दुर्घटना ने मृतकों की आस्था से जुड़े इस पर्व पर स्नान कराया। तीर्थराज विक्रम कुंड में स्नान करने जा रहे आध्यात्म की भीड़ में एक विशाल निरीक्षण कार के अनियंत्रित तीरों से करीब 20 लोग घायल हो गए। धिक्कार में महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य मोहरे शामिल हैं। कई लोग गंभीर रूप से शामिल होने के लिए उच्च चिकित्सा भर्ती के लिए आवेदन करने आए हैं।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राक्षस-गायक का राक्षस बन गया और धार्मिक उत्सव का माहौल कुछ ही समय में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति में बदल गया।

विमल कुंड की ओर जा रही थी वैश्यों की भारी भीड़

गंगा दशहरा के अवसर पर तीर्थराज विमल कुंड में स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी वजह से सुबह से ही बड़ी संख्या में विश्राम स्नान और पूजा-साहित्य के लिए विमल कुंड की ओर बढ़ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के, कामां की दिशा से आ रही एक कार अचानक बंद हो गई और सीधे व्यवसाय के समूह में जा घुसे।

कार की प्रमाणिकता काफी तेज बताई जा रही है। वाहन कई लोगों को अपनी पहाड़ी पर ले गया और बाद में सड़क पर पलट गया। दुर्घटना के बाद मौसिकी पर मौजूद लोगों में त्राहि-त्राहि मच गई। कई अधूरी सड़कों पर गिर पड़े, जबकि आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत संकट की सहायता शुरू कर दी।

स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाला

दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय नागरिकों, सामाजिक दार्शनिकों और स्वयंसेवकों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। लोगों ने रेस्ट को सुरक्षित स्थान पर सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया।

तीर्थराज विमल कुंड सेवा समिति से जुड़े समाजसेवियों ने बताया कि अचानक इतना बड़ा हादसा हुआ कि किसी को प्रतिक्रिया देने का अवसर तक नहीं मिला। स्वयंसेवकों पर मौजूद स्वयंसेवकों ने एम्बुलेंस सेवाओं की जानकारी दी और कई यात्रियों को निजी सुविधाओं की सहायता से अस्पताल तक पहुंचाया।

अस्पताल में उपचार जारी, गंभीर श्रद्धांजलि दी गई

सभी घायलों को पहले कामां के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां मजदूरों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार कई लोग मामूली रूप से प्रभावित हैं, जबकि कुछ अभ्यर्थियों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल और अन्य उच्च चिकित्सा रोगियों में भर्ती कराया गया है।

हादसे की खबर फैलते ही अस्पताल में और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पशुधन और स्वास्थ्य कर्मियों को एक साथ बड़ी संख्या में नरसंहार का सामना करना पड़ा।

पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया

घटना की जानकारी ही कामां थाना पुलिस की मुठभेड़ पर पहुंची। पुलिस ने डीजल वाहनों को अपने व्यवसाय में ले लिया है और कार चालक से पूछताछ शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में तेज गति और वाहनों के नियंत्रण से बाहर जाने को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पुलिस महानिदेशकों का बयान दर्ज किया जा रहा है और यह भी जांच की जा रही है कि वाहन चालकों की दुर्घटना या अन्य किसी तकनीकी कारण से दुर्घटना हुई है।

धार्मिक उत्सव का कैथोलिक पलभर में परिवर्तन

गंगा दशहरा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व पर संपूर्ण उत्साह और श्रद्धा के साथ विमल कुंड पहुंच रहे थे। परिवार के साथ आए लोगों का उद्देश्य पुण्य स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेना था, लेकिन अचानक इस दुर्घटना में पूरे समारोह को शामिल कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद हर ओर चीख-पुकार सुनाई दी। घायल लोगों को बाहर निकालने और अस्पताल में भर्ती कराने के लिए लोग अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार सहायता लेकर आएं।

औद्योगिक उद्यम पर उठे गंभीर प्रश्न

इस दुर्घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और बौद्धों ने संवैधानिक संपत्ति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि गंगा दशहरा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में हर साल हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं, इसके बावजूद सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोचिंग के लिए स्थापित आकर्षक बैरिकेडिंग को नहीं छोड़ा गया और कोलेजियम की दुकानों को भी पूरी तरह से नियंत्रित नहीं किया गया। यदि भीड़ वाले इलाके में समूह के प्रवेश पर साकेत से रोक लगाई जाती तो इस प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सकता था।

कई संस्थागत प्रशासन ने मांग की है कि भविष्य में बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान विशेष यातायात योजना बनाई जाए, आश्रम की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और अतिरिक्त बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए।

जांच पूरी होने का इंतजार

निगरानी पुलिस और प्रशासन दुर्घटना के सभी प्रावधानों की जांच में कहा गया है। दुर्घटना में घायल लोगों का इलाज जारी है और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सका कि दुर्घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और सुरक्षा व्यवस्था में कमी बताई गई थी।

गंगा दशहरा के अवसर पर यह हादसा न केवल कई परिवारों के लिए पीड़ादायक साबित हुआ, बल्कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन की आवश्यकता को भी एक बार फिर से शामिल किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button