16 अक्टूबर 2026 6:35 अपराह्न

ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, देवरिया के भाटपार रानी में कांग्रेसियों का प्रदर्शन

देवरिया के भाटपार रानी में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता, प्रदर्शन की तस्वीरों के साथ समाचार दर्पण के रिपोर्टर इरफान अली लारी।

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

The specified slider id does not exist.

🔴 इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जिले के भाटपार रानी में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। टाउन एरिया स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने जुटे कांग्रेसियों ने लोकतंत्र की रक्षा, मताधिकार की सुरक्षा और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘ज्ञानेश हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में अघोषित आपातकाल का उल्लेख करने वाली तख्तियां लेकर पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि लोकतंत्र में जनता का मत सबसे महत्वपूर्ण होता है और चुनाव व्यवस्था पर उठने वाले सवालों का जवाब पारदर्शिता तथा संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जोड़ते हुए अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही। हालांकि, प्रदर्शन में लगाए गए राजनीतिक आरोप कांग्रेस नेताओं के दावे हैं।

राजकिशोर यादव बोले—देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात

कांग्रेस के जिला महासचिव राजकिशोर यादव ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, इंडिया गठबंधन के सांसद ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

राजकिशोर यादव ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता को सवाल पूछने और सरकार से जवाबदेही मांगने का पूरा अधिकार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मताधिकार से संबंधित शिकायतों और कथित वोट लूट के मुद्दे पर उठने वाले सवालों का संतोषजनक जवाब देने के बजाय दमनकारी रवैया अपनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, संविधान की भावना और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक तथा राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी वास्तविक ताकत निष्पक्ष प्रक्रिया, नागरिक स्वतंत्रता और जनता के विश्वास में निहित है। कांग्रेस नेता ने चुनाव व्यवस्था से जुड़े विवादों पर निष्पक्ष जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।

सत्यपाल सिंह ‘कन्हैया’ ने भाजपा सरकार पर लगाए आरोप

भाटपार रानी के ब्लॉक अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ‘कन्हैया’ ने अपने संबोधन में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की सत्ता और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जिम्मेदारी है।

कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने की अपील की। उनके मुताबिक, मतदाता के अधिकारों से जुड़े किसी भी सवाल को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उसका समाधान संवैधानिक व्यवस्था के भीतर होना चाहिए।

सलीम अली बोले—डराने से पीछे नहीं हटेगा कांग्रेस का आंदोलन

कांग्रेस के जिला सचिव सलीम अली ने कहा कि जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े सवाल उठाने वालों को डराने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग से लोगों में भय का वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता ऐसे दबाव से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

सलीम अली ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना और जनहित से जुड़े सवाल उठाना राजनीतिक तथा नागरिक अधिकारों का हिस्सा है। उनके अनुसार, किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता इसी बात से तय होती है कि असहमति रखने वालों की बात को किस तरह सुना जाता है।

जितेन्द्र यादव ने सांसदों के साथ व्यवहार पर उठाए सवाल

कांग्रेस के जिला सचिव जितेन्द्र यादव ने कहा कि जब देश की संसद के सदस्यों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल उठते हैं, तो आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों की सुनवाई को लेकर भी चिंता पैदा होती है। उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और आम लोगों, दोनों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा, असहमति और शांतिपूर्ण विरोध किसी भी लोकतांत्रिक समाज की आवश्यक विशेषताएं हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संविधान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रहने का आह्वान किया।

जावेद अख्तर ने चुनावी व्यवस्था को लेकर जताई चिंता

प्रदर्शन में शामिल जावेद अख्तर ने भाजपा और ज्ञानेश कुमार के बीच कथित गठजोड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक ढांचे पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा कायम रखने के लिए निष्पक्षता और पारदर्शिता को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि मतदाता का विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और इसे बनाए रखने के लिए संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधनों में कहा कि चुनाव और मताधिकार से संबंधित शिकायतों का समाधान निष्पक्ष तरीके से किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज को लेकर उठने वाले सवालों पर उचित स्पष्टीकरण मिलने से जनता का विश्वास मजबूत होता है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की प्रतिबद्धता जताई।

महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता

भाटपार रानी टाउन एरिया में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आयोजित यह प्रदर्शन लोकतंत्र, मताधिकार और राजनीतिक जवाबदेही के मुद्दों पर केंद्रित रहा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में लिखित संदेशों वाली तख्तियां लेकर नारेबाजी की। ‘ज्ञानेश हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारों के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी राजनीतिक मांगों को सामने रखा। कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की बात कही।

प्रदर्शन में हरिश्चंद्र यादव, विराट यादव, गौरव यादव, बृजकिशोर चौहान, शहाबुद्दीन अंसारी, उपेन्द्र यादव काशी, नूर साहिल, मोनू अंसारी, दिनेश रावत, मुश्ताक खान और रामप्रवेश यादव सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग के समर्थन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

लोकतंत्र और मताधिकार बना विरोध प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा

भाटपार रानी में हुए इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया, संवैधानिक अधिकारों और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इस्तीफे की मांग दोहराई। वहीं, उनके आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकतंत्र में जनता के मत की अहमियत सर्वोपरि है और चुनावी व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता आवश्यक है। प्रदर्शन के दौरान उठाए गए सवालों के बीच यह स्पष्ट है कि भाटपार रानी में कांग्रेस ने अपने राजनीतिक विरोध को सार्वजनिक रूप से दर्ज कराया और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का संदेश दिया।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें