16 अक्टूबर 2026 5:59 अपराह्न

प्रेमानंद महाराज का आश्रम विवादों में, लकी बिष्ट ने किया संत का बचाव; गुमशुदगी और गुटबाजी के आरोपों से गरमाया मामला

प्रेमानंद महाराज और लकी बिष्ट की तस्वीर के साथ आश्रम विवाद को दर्शाती फीचर इमेज, रिपोर्टर दुर्गा प्रसाद शुक्ला

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दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट

मथुरा-वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज का श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम इन दिनों कई आरोपों और विवादों को लेकर चर्चा में है। एक ओर आश्रम से जुड़े एक शिष्य की मौत का मामला सामने आया है, वहीं दूसरी ओर दो साल से लापता बताए जा रहे एक युवक की तलाश में उसके परिजन आश्रम के बाहर धरना देने पहुंचे। इसी बीच दिनेश फलाहारी महाराज ने आश्रम में कथित गुटबाजी और बिल्डर लॉबी के प्रभाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। विवाद बढ़ने के बीच पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने वीडियो जारी कर प्रेमानंद महाराज का बचाव किया है और संत पर आरोप लगाने वालों के साथ-साथ आश्रम में आने वाले सेलिब्रिटीज की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।

हालांकि, सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले में संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

शिष्य की मौत के बाद उठे सवाल

मामले ने उस समय ज्यादा तूल पकड़ा, जब 25 सितंबर को प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य द्वारा आश्रम की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या किए जाने की खबर सामने आई। घटना के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे।

संत प्रेमानंद महाराज लंबे समय से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से लोग उनके दर्शन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में आश्रम से जुड़ी किसी भी घटना का चर्चा में आना स्वाभाविक है। शिष्य की मौत के बाद सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में आश्रम को लेकर तरह-तरह के दावे सामने आने लगे।

इसी बीच आश्रम में रहने वाले एक बालक के कथित रूप से गायब होने का मामला भी सामने आया। उसके परिजनों ने वृंदावन पहुंचकर आश्रम के बाहर धरना-प्रदर्शन किया, जिससे विवाद और गहरा गया।

दो साल से बेटे की तलाश, वृंदावन पहुंचा परिवार

मेरठ से एक दंपती अपने लापता बेटे प्रिंस की तलाश में वृंदावन पहुंचा। परिवार का दावा है कि वे पिछले करीब दो वर्षों से बेटे को खोज रहे हैं। परिजनों के अनुसार प्रिंस वर्ष 2024 में परिवार के साथ श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम में आयोजित एकांतिक वार्ता में शामिल होने आया था।

परिवार का कहना है कि वार्ता समाप्त होने के बाद परिवार के अन्य सदस्य बाहर निकल आए, लेकिन प्रिंस उनके साथ नहीं आया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार की चिंता बढ़ती चली गई।

अब दो साल बाद भी बेटे का सुराग नहीं मिलने का दावा करते हुए परिवार वृंदावन पहुंचा और आश्रम के बाहर धरना दिया। परिजनों ने इस दौरान अपने साथ कथित मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया। इन आरोपों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने के लिए जांच और संबंधित पक्षों के बयान महत्वपूर्ण हैं।

दिनेश फलाहारी महाराज के आरोपों से बढ़ी गर्मी

विवाद के बीच दिनेश फलाहारी महाराज ने भी आश्रम की अंदरूनी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आश्रम में गुटबाजी होने और कथित रूप से बिल्डर लॉबी के प्रभाव में आने जैसे आरोप लगाए हैं।

इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आश्रम की आंतरिक गतिविधियों और वहां होने वाले निर्णयों को लेकर भी बहस शुरू हो गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना जरूरी है।

लकी बिष्ट ने वीडियो जारी कर किया बचाव

विवाद के बीच पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट का एक वीडियो सामने आया है। उन्होंने प्रेमानंद महाराज का बचाव करते हुए लोगों से संत के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को लेकर संयम बरतने की अपील की।

लकी बिष्ट ने कहा कि लोगों को इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए कि इंसानियत शर्मिंदा हो जाए। उनके मुताबिक ऐसे लोगों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, जिनका जीवन समाज की भलाई के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करनी है तो देश में राजनीति के लिए बहुत से दूसरे मुद्दे और लोग हैं।

उन्होंने प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य की ओर इशारा करते हुए भी कहा कि एक संत, जो जीवन के अंतिम पड़ाव में हैं, उनके ऊपर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।

‘क्या प्रेमानंद महाराज ने लोगों को गायब किया?’

लकी बिष्ट ने आश्रम से लोगों के कथित रूप से गायब होने के आरोपों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लापता हुआ है तो जांच होनी चाहिए, लेकिन सीधे प्रेमानंद महाराज पर जिम्मेदारी डालना उचित नहीं है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रेमानंद महाराज ने किसी व्यक्ति को गायब किया है? उनके इस बयान का मकसद यह बताना था कि किसी घटना के लिए सीधे संत को जिम्मेदार ठहराने से पहले उसके पीछे के वास्तविक तथ्यों की जांच जरूरी है।

लकी बिष्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के लापता होने का मामला है तो पुलिस और जांच एजेंसियों को उसकी तह तक जाना चाहिए। केवल आरोपों और चर्चाओं के आधार पर किसी व्यक्ति की छवि खराब करना उचित नहीं है।

सेलिब्रिटीज की चुप्पी पर भी उठाए सवाल

प्रेमानंद महाराज के आश्रम में देश की कई जानी-मानी हस्तियों और सेलिब्रिटीज के पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो पहले भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे हैं। इसी संदर्भ में लकी बिष्ट ने अब सेलिब्रिटीज की चुप्पी पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि जो लोग पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम में आशीर्वाद लेने जाते थे, आज विवाद खड़ा होने के बाद उनके मुंह से कोई आवाज नहीं निकल रही है। उनका कहना था कि शायद इन लोगों को डर है कि विवाद में बोलने पर उनके बारे में लोग क्या सोचेंगे।

लकी बिष्ट ने यह भी सवाल उठाया कि जब कोई संत लोकप्रिय होता है तो लोग उसके साथ खड़े होते हैं, लेकिन जब उसी संत पर सवाल उठते हैं तो वे लोग सार्वजनिक रूप से कुछ कहने से बचने लगते हैं।

क्या सच में आश्रम छोड़कर गए प्रेमानंद महाराज?

विवाद के बीच कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा भी किया जा रहा है कि आश्रम में कथित गुटबाजी से परेशान होकर प्रेमानंद महाराज श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित बेलवन आश्रम चले गए हैं।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। किसी संत के आश्रम बदलने या किसी अन्य स्थान पर रहने के पीछे कई व्यक्तिगत, आध्यात्मिक या प्रशासनिक कारण हो सकते हैं। इसलिए केवल मीडिया रिपोर्टों के आधार पर इसे विवाद से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा, जब तक स्वयं प्रेमानंद महाराज या आश्रम प्रबंधन की ओर से स्थिति स्पष्ट न की जाए।

जांच से ही साफ होगी विवाद की असली तस्वीर

प्रेमानंद महाराज का आश्रम विवाद अब कई अलग-अलग घटनाओं और आरोपों के बीच उलझता दिखाई दे रहा है। एक तरफ शिष्य की आत्महत्या का मामला है, दूसरी तरफ लापता युवक प्रिंस को लेकर उसके परिवार के गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा आश्रम में कथित गुटबाजी और बिल्डर लॉबी के प्रभाव जैसे दावे भी चर्चा में हैं।

इन सभी मामलों को अलग-अलग देखना जरूरी है। किसी व्यक्ति की मौत, किसी युवक की गुमशुदगी और आश्रम की आंतरिक व्यवस्था से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आ सकती है। खासकर लापता प्रिंस के मामले में परिवार को अपने बेटे के बारे में जवाब और सुराग मिलना सबसे अहम है।

विवाद के बीच लकी बिष्ट का प्रेमानंद महाराज के समर्थन में सामने आना भी चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने जहां संत पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर लोगों से संयम बरतने की अपील की, वहीं सेलिब्रिटीज की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए। अब निगाहें इस बात पर हैं कि आश्रम प्रबंधन, पुलिस और आरोप लगाने वाले पक्ष इन मामलों पर आगे क्या स्पष्ट करते हैं।

फिलहाल प्रेमानंद महाराज का आश्रम विवाद आरोपों, दावों और प्रत्यारोपों के बीच है। इस पूरे प्रकरण में सबसे जरूरी है कि भावनाओं और सोशल मीडिया चर्चाओं से अलग हटकर तथ्यों की जांच हो और यदि किसी व्यक्ति के साथ अपराध हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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