16 अक्टूबर 2026 7:07 अपराह्न

ताइक्वांडो के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, अनुशासन और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन

आजमगढ़ में अंतरविद्यालयीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के दौरान मुकाबले, पदक और ट्रॉफी के साथ खिलाड़ी तथा रिपोर्टर जगदम्बा उपाध्याय

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विभिन्न जनपदों से पहुंचे खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, खेल प्रतिभा के साथ अनुशासन और आत्मविश्वास का दिया परिचय

जगदम्बा उपाध्याय की रिपोर्ट

आजमगढ़। बी.के.एस. एजुकेशनल स्कूल, नीबी, बेलइसा, आजमगढ़ में आज अंतरविद्यालयीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण और भव्य आयोजन किया गया। आजमगढ़ ताइक्वांडो एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में पूर्वांचल और आसपास के विभिन्न जनपदों से आए छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खेल परिसर में सुबह से ही खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों की मौजूदगी से उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

प्रतियोगिता में बलिया, देवरिया, प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी और जौनपुर सहित कई जनपदों के प्रतिभागियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अलग-अलग वर्गों में खिलाड़ियों के बीच हुए मुकाबलों में तकनीक, फुर्ती, आत्मविश्वास और अनुशासन की झलक देखने को मिली। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल विजेता चुनना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को खेल के माध्यम से आत्मविश्वास, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना भी रहा।

मुकाबलों में दिखी खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता

अंतरविद्यालयीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने विभिन्न मुकाबलों में अपनी मेहनत और प्रशिक्षण का परिचय दिया। मैदान में उतरते ही प्रतिभागियों ने खेल भावना के साथ प्रतिद्वंद्वी का सामना किया। कई मुकाबलों में खिलाड़ियों की तेज गति, संतुलन बनाए रखने की क्षमता और तकनीकी कौशल विशेष रूप से दिखाई दिया।

ताइक्वांडो जैसे खेल में केवल शारीरिक ताकत ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि सही समय पर सही तकनीक का इस्तेमाल, संयम, अनुशासन और मानसिक एकाग्रता भी अहम भूमिका निभाते हैं। प्रतियोगिता में प्रतिभागी खिलाड़ियों ने इन सभी पहलुओं का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों और अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया।

विभिन्न विद्यालयों से आए खिलाड़ियों को एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला। इससे उन्हें अपनी क्षमताओं को परखने के साथ-साथ अलग-अलग प्रशिक्षण पद्धतियों और खेल तकनीकों को करीब से समझने का भी अवसर प्राप्त हुआ।

अतिथियों ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक श्री राम भवन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजन टीम का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री वीरू यादव तथा विशिष्ट अतिथि श्री हरिओम श्रीवास्तव ने भी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका हौसला बढ़ाया।

आजमगढ़ ताइक्वांडो एसोसिएशन की कोषाध्यक्ष सुश्री साइमा तस्लीम ने भी प्रतियोगिता में सहभागिता की। अतिथियों ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेलों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उनका कहना था कि खेल विद्यार्थियों में शारीरिक क्षमता विकसित करने के साथ ही अनुशासन, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मरक्षा की भावना को मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालयी स्तर पर इस तरह की प्रतियोगिताओं के आयोजन से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच मिलता है। प्रतियोगिताओं का अनुभव भविष्य में खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

खेल के साथ आत्मरक्षा और अनुशासन का संदेश

ताइक्वांडो को केवल प्रतिस्पर्धात्मक खेल के रूप में देखने के बजाय इसे आत्मरक्षा और व्यक्तित्व विकास से जोड़कर भी देखा जाता है। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में अनुशासन और खेल भावना पर विशेष ध्यान दिया गया।

ताइक्वांडो का नियमित प्रशिक्षण बच्चों और युवाओं में शारीरिक सक्रियता बढ़ाने के साथ-साथ एकाग्रता और आत्मनियंत्रण विकसित करने में सहायक हो सकता है। विद्यालयों में ऐसे खेलों को प्रोत्साहन मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलता है।

प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग मुकाबले आयोजित किए गए, जिनमें खिलाड़ियों ने अपने प्रशिक्षण और अभ्यास का प्रदर्शन किया। मैदान पर मुकाबलों के दौरान प्रशिक्षकों और रेफरी की निगरानी में खेल प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।

विकास यादव के नेतृत्व में हुआ आयोजन

अंतरविद्यालयीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के आयोजन और संचालन की जिम्मेदारी श्री विकास यादव के नेतृत्व में निभाई गई। आयोजन को सफल बनाने में टीम के अन्य सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आयोजन टीम में आकाश यादव, सौरभ यादव, सत्यम यादव और दिव्यांशु कुमार ने सक्रिय योगदान दिया। खिलाड़ियों के स्वागत, प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं और मुकाबलों के संचालन से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने में टीम के सदस्यों की भूमिका रही।

वहीं प्रतियोगिता के तकनीकी एवं खेल संचालन में कोच एवं रेफरी शशांक आनंद, राहुल कुमार, मिथिलेश यादव और मोहित सोनकर का विशेष योगदान रहा। रेफरी और प्रशिक्षकों की देखरेख में खिलाड़ियों ने निर्धारित नियमों के अनुसार अपने मुकाबले खेले।

विभिन्न जनपदों के खिलाड़ियों को मिला प्रतिस्पर्धात्मक मंच

आजमगढ़ में आयोजित इस अंतरविद्यालयीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता की एक खास बात यह रही कि इसमें केवल स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थी ही शामिल नहीं हुए, बल्कि अलग-अलग जनपदों से खिलाड़ी पहुंचे। इससे प्रतियोगिता का दायरा व्यापक हुआ और खिलाड़ियों को दूसरे क्षेत्रों के प्रतिभागियों के साथ मुकाबला करने का अवसर मिला।

बलिया, देवरिया, प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी और जौनपुर सहित विभिन्न जनपदों से आए खिलाड़ियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अलग-अलग स्थानों से आए प्रतिभागियों के बीच मुकाबले ने प्रतियोगिता को और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाया।

विद्यालय स्तर पर इस प्रकार के आयोजनों का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि इससे खिलाड़ियों के बीच आपसी परिचय और खेल संबंध विकसित होते हैं। एक ही खेल में रुचि रखने वाले विद्यार्थी एक-दूसरे से सीखने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर प्राप्त करते हैं।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान

प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों के लिए सम्मान का यह क्षण उनके अभ्यास और मेहनत को प्रोत्साहित करने वाला रहा।

विजेताओं के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी सराहा गया। खेल प्रतियोगिता का महत्व केवल पदक या पुरस्कार तक सीमित नहीं होता। प्रतियोगिता में भाग लेना, नियमों का पालन करना, प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना और जीत-हार को खेल भावना के साथ स्वीकार करना भी खिलाड़ी के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

आयोजकों की ओर से प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया। खिलाड़ियों के लिए ऐसे मंच उनके अंदर प्रतिस्पर्धा की स्वस्थ भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने जताया आभार

कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद बी.के.एस. एजुकेशनल स्कूल प्रबंधन ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, रेफरी और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ खेलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

विद्यालय की ओर से भविष्य में भी विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। प्रबंधन का प्रयास है कि विद्यार्थी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल, अनुशासन, आत्मरक्षा और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्रों में भी आगे बढ़ें।

आजमगढ़ में आयोजित यह अंतरविद्यालयीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर बनी। विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागियों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया। खिलाड़ियों के उत्साह, प्रशिक्षकों की मेहनत और आयोजन समिति के समन्वय से प्रतियोगिता खेल भावना के साथ संपन्न हुई।

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