इरफान अली लारी की रिपोर्ट
भाटपार रानी। भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष, एकात्म मानववाद के प्रणेता और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भाटपार रानी क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।
भाटपार रानी उपनगर के रतसिया रोड स्थित भाजपा कैंप कार्यालय पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके जीवन, राजनीतिक चिंतन, संगठन क्षमता और अंत्योदय की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक सभा कुंवर कुशवाहा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय राजनीति में ऐसे चिंतक के रूप में याद किए जाते हैं, जिन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण को विकास की केंद्रीय अवधारणा से जोड़ा। उनका मानना था कि विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे।
अंत्योदय को जनकल्याण से जोड़ने पर जोर
विधायक सभा कुंवर कुशवाहा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का विचार आज भी सामाजिक विकास और राष्ट्र निर्माण के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। उनके चिंतन में व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के बीच संतुलन स्थापित करने पर विशेष जोर दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राजनीति को केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे समाज की सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़कर देखा। उनके विचारों में गरीब, वंचित और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सुधार को विशेष स्थान प्राप्त था।
विधायक ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को आगे बढ़ाने का प्रयास भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और प्रदेश सरकारों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों के बीच सेवा कार्यों को भी प्राथमिकता दें।
राष्ट्र सेवा और स्वदेशी चिंतन की प्रेरणा
भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राघवेन्द्र वीर विक्रम सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन राष्ट्र सेवा, स्वदेशी चिंतन, संगठन निर्माण और अंत्योदय की भावना से जुड़ा रहा। उनके विचार आज भी कार्यकर्ताओं को सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को केवल जयंती या स्मृति कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें समाज के बीच ले जाना आवश्यक है। उनके चिंतन और कार्यों से नई पीढ़ी को परिचित कराना भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसके लिए कार्यकर्ताओं को उनके जीवन संघर्ष, संगठन क्षमता और सामाजिक चिंतन को व्यापक स्तर पर लोगों के बीच रखने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा मंडल अध्यक्ष विशंभर पांडेय ने की। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और समाज के बीच सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सुरेश तिवारी, राजेंद्र जायसवाल, राजेश गुप्ता, आनंद पियूष उपाध्याय, अमित शाही, केके मिश्रा, जितेंद्र जायसवाल, विजय बरनवाल, धर्मेंद्र सिंह, धर्मेंद्र कुशवाहा, रीतुराज गुप्ता, कमलेश गुप्ता, दिनेश चौरसिया, सोनू वर्मा, प्रहलाद सिंह, हरिकेश कुशवाहा, सुरेंद्र चौहान, हनुमंत तिवारी, सत्य प्रकाश कुशवाहा और रवींद्र कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भिंगारी बाजार मंडल में भी मनाई गई जयंती
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर भाटपार रानी क्षेत्र के भिंगारी बाजार मंडल में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। घाटी मंडल के भिंगारी बाजार में भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल शाही की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन भारतीय समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित हुआ था। उनके विचारों में सामाजिक समरसता, सेवा, राष्ट्रहित और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया।
राजकुमार शाही ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका चिंतन समाज में सेवा और समरसता की भावना को मजबूत करने पर केंद्रित था। उन्होंने भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को महत्व देते हुए देश की परिस्थितियों के अनुरूप विकास और व्यवस्था की अवधारणा पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का योगदान केवल राजनीतिक क्षेत्र तक सीमित नहीं था। उनके विचारों का प्रभाव सामाजिक जीवन, आर्थिक चिंतन और संगठनात्मक कार्यशैली पर भी दिखाई देता है। आज आवश्यकता है कि उनके विचारों को नई पीढ़ी तक सरल भाषा में पहुंचाया जाए और उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के लिए सकारात्मक कार्य किए जाएं।
कार्यक्रम में सुरेंद्र सिंह टुनटुन, अजीत शाही, राहुल शाही, रिंकू शाही, गुड्डू शाही, रामप्रवेश कुशवाहा, बब्बन सागर, अरविंद कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यकर्ताओं ने लिया विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
दोनों कार्यक्रमों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और उनके विचारों को याद करते हुए कार्यकर्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि किसी महापुरुष की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उन्हें याद करना नहीं, बल्कि उनके विचारों को व्यवहार और सामाजिक जीवन में उतारना भी है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का विचार समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देता है। यही कारण है कि उनके जीवन और चिंतन पर आधारित कार्यक्रमों को संगठन स्तर पर महत्वपूर्ण माना जाता है।
भाटपार रानी और भिंगारी बाजार में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि के साथ आयोजित इन कार्यक्रमों में संगठन की एकजुटता, सेवा भावना और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।













