16 अक्टूबर 2026 9:21 अपराह्न

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 47 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ

देवरिया के भाटपाररानी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 47 जोड़ों के विवाह समारोह की तस्वीर, जिसमें 44 हिंदू जोड़ों का विवाह और तीन मुस्लिम जोड़ों का निकाह संपन्न हुआ

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र में रविवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित समारोह में 47 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। रतसिया मोड़ स्थित मां वैष्णो मैरेज हाल परिसर में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के जोड़ों का विवाह उनकी धार्मिक परंपराओं के अनुसार कराया गया। समारोह में 44 हिंदू जोड़ों ने विवाह संस्कार पूरा किया, जबकि तीन मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया।

सामूहिक विवाह समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बनाया। विवाह के अवसर पर नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों में उत्साह का माहौल रहा। अतिथियों ने नवदंपतियों को उनके नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देते हुए सुखी, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।

मां वैष्णो मैरेज हाल में आयोजित हुआ सामूहिक विवाह समारोह

समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम के लिए मां वैष्णो मैरेज हाल, रतसिया मोड़, भाटपाररानी को समारोह स्थल बनाया गया था। कार्यक्रम में विवाह के लिए चयनित जोड़े अपने परिजनों के साथ पहुंचे। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हिंदू जोड़ों का विवाह कराया गया, वहीं मुस्लिम जोड़ों के लिए निकाह की व्यवस्था की गई।

एक ही आयोजन स्थल पर अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न कराए जाने से समारोह में सामाजिक समरसता और सामुदायिक सहभागिता का वातावरण दिखाई दिया। आयोजन में शामिल लोगों ने नवविवाहित जोड़ों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

44 हिंदू जोड़ों का विवाह, तीन मुस्लिम जोड़ों का निकाह

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 47 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इनमें 44 हिंदू जोड़ों ने वैवाहिक रस्में पूरी कीं, जबकि तीन मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया।

समारोह का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के अवसर पर सरकारी सहायता उपलब्ध कराना और विवाह संबंधी आर्थिक बोझ को कम करना है। योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को निर्धारित वित्तीय सहायता और उपहार सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। सामूहिक रूप से विवाह आयोजित होने से लाभार्थी परिवारों को प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सुविधाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

सामूहिक विवाह समारोह में भाटपाररानी के विधायक सभाकुंवर कुशवाहा, बनकटा ब्लॉक प्रमुख बिंदा कुशवाहा, मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, भाटपाररानी के उपजिलाधिकारी, डीसी मनरेगा आलोक पांडेय और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके अलावा भाटपाररानी के खंड विकास अधिकारी प्रसिद्ध नाथ त्रिपाठी, बनकटा के खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडेय, सलेमपुर सांसद के प्रतिनिधि रामप्रकाश यादव तथा भाजपा जिला मंत्री रवि प्रकाश सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने आयोजन में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं।

समारोह में क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक और स्थानीय पत्रकार भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विवाह संपन्न कराने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया गया।

नवविवाहित जोड़ों को मिला आशीर्वाद

विवाह समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। सभी ने दंपतियों के सुख, समृद्धि और पारिवारिक जीवन में सफलता की कामना की।

नवविवाहित जोड़ों और उनके परिवारों के लिए यह समारोह केवल विवाह का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक सहयोग का भी माध्यम बना। सामूहिक आयोजन में शामिल परिवारों में उत्साह और खुशी का माहौल रहा।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक जोड़े पर एक लाख रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े के विवाह पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान बताया गया है। योजना की सहायता राशि को अलग-अलग मदों में निर्धारित किया गया है, जिससे लाभार्थी परिवारों को विवाह के अवसर पर आर्थिक सहयोग मिल सके।

प्रावधान के अनुसार 64 हजार रुपये की राशि विवाहिता के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके अलावा 21 हजार रुपये की उपहार सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। शेष 15 हजार रुपये आयोजन से संबंधित खर्च के लिए निर्धारित किए जाते हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य विवाह के अवसर पर पात्र परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ आवश्यक उपहार सामग्री और सामूहिक आयोजन की सुविधा उपलब्ध कराना है। बैंक खाते में सहायता राशि भेजे जाने से लाभार्थी को योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहायक योजना

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के अवसर पर सरकारी सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे परिवारों के लिए विवाह एक महत्वपूर्ण सामाजिक अवसर होने के साथ-साथ आर्थिक जिम्मेदारी भी होता है। सामूहिक विवाह के माध्यम से सरकार इन परिवारों को निर्धारित आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराती है।

भाटपाररानी में आयोजित समारोह में 47 जोड़ों का एक साथ विवाह संपन्न होना इस योजना के सामूहिक स्वरूप को दर्शाता है। अलग-अलग परिवारों से आए जोड़ों ने प्रशासन की निगरानी में विवाह की रस्में पूरी कीं। हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के जोड़ों को शामिल किए जाने से कार्यक्रम में विविधता भी देखने को मिली।

समारोह में दिखी सामाजिक सहभागिता

कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रही। विवाह समारोह में शामिल लोगों ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद भविष्य की कामना की।

समारोह के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं में सहभागिता की, जबकि जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहित जोड़ों का उत्साह बढ़ाया। बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकारों और नागरिकों की उपस्थिति के कारण आयोजन में जनभागीदारी भी दिखाई दी।

भाटपाररानी में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह इस मायने में भी महत्वपूर्ण रहा कि इसमें 47 जोड़ों को एक साथ वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत का अवसर मिला। कार्यक्रम के समापन अवसर पर नवविवाहित दंपतियों को उनके आगामी जीवन के लिए मंगलकामनाएं दी गईं।

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