चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से शादी समारोह के दौरान सामने आया एक ऐसा मामला चर्चा का विषय बन गया, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए। मामला तब बेहद पेचीदा हो गया, जब एक ही दुल्हन से शादी करने के दावे के साथ दो अलग-अलग दूल्हे अपनी-अपनी बारात लेकर उसके घर पहुंच गए। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई और गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ती देख दुल्हन के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के पहुंचने के बाद पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं। जांच के दौरान पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम को पता चला कि जिस लड़की की शादी को लेकर दो परिवार आमने-सामने थे, वह नाबालिग बताई जा रही थी। इसके बाद मामला केवल दो बारातों के आमने-सामने आने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाल संरक्षण से जुड़ा गंभीर मामला बन गया।
शादी के लिए दो बारातें पहुंचीं तो मचा हंगामा
जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरनगर के एक गांव में शादी की तैयारियां चल रही थीं। लड़की के परिवार ने विवाह की पूरी व्यवस्था कर रखी थी। घर में मेहमानों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका था और बारात के स्वागत की तैयारियां भी की जा रही थीं। इसी दौरान अचानक दो अलग-अलग स्थानों से दो दूल्हे अपनी-अपनी बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंच गए।
पहली बारात शामली जिले से पहुंची थी, जबकि दूसरी बारात मेरठ क्षेत्र से आई थी। दोनों दूल्हों और उनके परिजनों का दावा था कि लड़की से उनकी शादी तय हुई थी। एक ही घर के दरवाजे पर दो बारातें पहुंचने के बाद वहां मौजूद लोगों को कुछ समझ नहीं आया कि आखिर दुल्हन किस बारात के साथ जाएगी।
मामला देखते ही देखते विवाद में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच बातचीत और कहासुनी होने लगी। बारात में आए लोग भी असमंजस में पड़ गए। गांव में इस असामान्य घटनाक्रम की चर्चा फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
छह महीने पहले तय हुई थी पहली शादी
दुल्हन के पिता ने पुलिस को जो जानकारी दी, उसके मुताबिक उनकी बेटी की शादी करीब छह महीने पहले शामली जिले के बाबरी गांव निवासी 20 वर्षीय प्रदीप कुमार के साथ तय हुई थी। परिवार ने शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं और विवाह की तारीख निर्धारित कर दी गई थी।
बताया गया कि शादी की निर्धारित तारीख से ठीक एक दिन पहले प्रदीप कुमार के भाई का निधन हो गया। परिवार में अचानक हुई इस दुखद घटना के कारण शादी का कार्यक्रम प्रभावित हो गया। इसके बाद दूल्हे के परिवार की ओर से लड़की के परिजनों से कहा गया कि वे बाद में बताएंगे कि शादी कब और किस तरह होगी।
लड़की के पिता का कहना था कि वह दूल्हे के परिवार की ओर से आगे की सूचना का इंतजार करते रहे। परिवार को उम्मीद थी कि परिस्थितियां सामान्य होने के बाद विवाह की नई तारीख तय कर दी जाएगी। लेकिन काफी समय गुजरने के बावजूद दूसरी तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया।
इंतजार के बाद परिवार ने तय कर दी दूसरी शादी
शादी की तैयारी पहले से हो चुकी थी और परिवार काफी समय से दूल्हे के परिवार की ओर से जवाब का इंतजार कर रहा था। जब लंबे समय तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिली तो लड़की के पिता ने दूसरी जगह विवाह तय कर दिया।
बताया गया कि इसके बाद मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दिग्गी गांव निवासी आकाश के साथ लड़की की शादी तय की गई। दोनों परिवारों के बीच विवाह की तारीख को लेकर सहमति बनी और 10 मार्च, मंगलवार को बारात लाने की बात तय हुई।
लड़की के परिवार को उम्मीद थी कि अब शादी समारोह सामान्य तरीके से संपन्न हो जाएगा। लेकिन विवाह के दिन घटनाक्रम ने पूरी तरह अलग मोड़ ले लिया।
शादी वाले दिन सामने आया असली ट्विस्ट
मंगलवार को जब शादी की रस्मों की तैयारियां चल रही थीं, तभी शामली वाला दूल्हा प्रदीप कुमार भी अपनी बारात लेकर पहुंच गया। दूसरी ओर मेरठ वाला दूल्हा आकाश भी बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंच चुका था।
एक ही दुल्हन के घर दो दूल्हों की बारात पहुंचते ही वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। किसी को समझ नहीं आया कि मामला आखिर क्या है। दोनों पक्षों की ओर से लड़की से शादी तय होने का दावा किया जाने लगा। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों परिवारों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
शादी समारोह का माहौल अचानक विवाद और हंगामे में बदल गया। बारातियों के बीच भी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। गांव के लोग भी इस असामान्य घटनाक्रम को देखने के लिए मौके पर जमा हो गए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
मामले की सूचना मिलते ही खतौली पुलिस मौके पर पहुंची। खतौली थाने के एसएचओ दिनेश चंद के अनुसार, पुलिस को उपद्रव की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों से पूरे मामले की जानकारी ली।
जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और गंभीर तथ्य सामने आया। जिस लड़की की शादी को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद चल रहा था, उसकी उम्र को लेकर सवाल खड़ा हो गया।
पुलिस ने परिवार से लड़की की उम्र प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज मांगे। लेकिन परिवार की ओर से तत्काल कोई ऐसा प्रमाण पत्र या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे उसकी उम्र स्पष्ट रूप से प्रमाणित हो सके।
नाबालिग होने की जानकारी से मामला और गंभीर
लड़की की उम्र को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। जांच के दौरान लड़की के नाबालिग होने की आशंका सामने आई। इसके बाद मामला सामान्य शादी के विवाद से निकलकर बाल संरक्षण से जुड़े मामले में बदल गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने लड़की को अपने संरक्षण में लिया और उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष ले जाया गया। बताया गया कि लड़की की वास्तविक उम्र निर्धारित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया और परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ही उसकी उम्र को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों की बारातें वापस लौट गईं। शादी समारोह में आए लोगों को बिना विवाह के ही अपने घर वापस जाना पड़ा।
उम्र की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई संभव
इस पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण पहलू लड़की की वास्तविक उम्र है। यदि दस्तावेजों अथवा निर्धारित प्रक्रिया से लड़की की उम्र नाबालिग साबित होती है, तो विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई का प्रश्न उठ सकता है।
फिलहाल लड़की को बाल कल्याण समिति के संरक्षण में भेजे जाने के बाद उसकी उम्र और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस भी मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि एक तरफ दो अलग-अलग परिवार लड़की से विवाह का दावा करते हुए बारात लेकर पहुंच गए, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की जांच में लड़की की उम्र को लेकर सवाल खड़ा हो गया। इससे शादी की पूरी कहानी और अधिक उलझ गई।
बारात लेकर आए दोनों दूल्हे लौटे वापस
जिस घर में कुछ घंटे पहले शादी की खुशियां मनाने की तैयारी थी, वहां अचानक पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम पहुंच गई। दोनों पक्षों के बीच विवाद के बाद पुलिस ने स्थिति को संभाला। लड़की को बाल कल्याण समिति के संरक्षण में भेजे जाने के बाद दोनों बारातों को वापस लौटना पड़ा।
एक दुल्हन और दो दूल्हों का यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, मामले की वास्तविक तस्वीर लड़की की उम्र की पुष्टि और पुलिस की आगे की जांच के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।
फिलहाल यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है—पहली शादी टूटने या टलने की स्थिति में दूसरी शादी किस आधार पर तय की गई, दोनों दूल्हों को एक ही तारीख की जानकारी कैसे मिली और सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह कि विवाह तय करते समय लड़की की उम्र की पुष्टि क्यों नहीं की गई?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल पुलिस और बाल कल्याण समिति मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।













