बरखा रानी जरा थम के बरसो… दिल्ली-NCR से यूपी तक बारिश ने बदला मौसम का मिजाज, राहत के साथ आफत भी

दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, जलभराव और ट्रैफिक जाम का दृश्य, साथ में रिपोर्टर चुन्नीलाल प्रधान की तस्वीर

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चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

नई दिल्ली/लखनऊ। सावन के अंतिम दौर में मानसून ने एक बार फिर अपना असर तेज कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में मंगलवार, 25 अगस्त को बारिश का दौर जारी है। कहीं झमाझम बारिश लोगों को उमस और गर्मी से राहत दे रही है तो कहीं यही बारिश जलभराव, ट्रैफिक जाम और जनजीवन की मुश्किलों का कारण बन गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 25 अगस्त के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों में आज भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

दिल्ली और हरियाणा-चंडीगढ़ क्षेत्र के लिए भी 25 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि दिल्ली के लिए उपलब्ध ताजा क्षेत्रीय पूर्वानुमान में मंगलवार को कई स्थानों पर हल्की बारिश और कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना बताई गई है। इसलिए मौसम की तीव्रता इलाके के अनुसार अलग-अलग रह सकती है।

दिल्ली में बारिश ने पकड़ी रफ्तार, कई इलाकों में जलभराव

राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला मंगलवार को भी लोगों की दिनचर्या पर असर डाल रहा है। IMD के अनुसार दिल्ली में पिछले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की स्थिति बनी। सफदरजंग वेधशाला में 25 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटे में 99.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लोधी रोड में 98.3 मिमी, रिज में 100.4 मिमी और अयानगर में 101.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। पालम में भी 68 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।

इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजधानी में बारिश केवल बूंदाबांदी तक सीमित नहीं रही। लगातार पानी गिरने के कारण निचले इलाकों, सड़क किनारे के हिस्सों और कमजोर जलनिकासी वाले क्षेत्रों में पानी जमा होने की आशंका बढ़ गई है। दिल्ली-NCR में बारिश के साथ यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।

IMD के अनुसार सोमवार के दौरान पालम में हवा के झोंकों की रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। राजधानी में पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में भी करीब 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। यानी बारिश ने गर्मी और उमस से राहत जरूर दी, लेकिन तेज हवा, बिजली और जलभराव ने मौसम को चुनौतीपूर्ण भी बना दिया।

दिल्ली-NCR में सफर करने वालों की बढ़ी चिंता

दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे NCR शहरों में बारिश का सीधा असर सड़क यातायात पर पड़ता है। जलभराव वाले रास्तों पर वाहनों की गति कम होने से कुछ ही समय में लंबा ट्रैफिक जाम लग सकता है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए मंगलवार का दिन विशेष सावधानी वाला है।

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IMD के दिल्ली क्षेत्रीय बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार को राजधानी में सुबह से दोपहर तक कई स्थानों पर हल्की बारिश और कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। दोपहर से शाम के बीच भी हल्की बारिश का एक और दौर संभव है।

इसका अर्थ यह है कि बारिश पूरी तरह थमने की बजाय रुक-रुककर गतिविधियां जारी रख सकती है। ऐसे में लोगों को केवल आसमान देखकर नहीं बल्कि अपने स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा का फैसला करना चाहिए।

गुरुग्राम में WFH की सलाह, स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई

दिल्ली-NCR में सबसे अधिक प्रभावित शहरों में गुरुग्राम का नाम सामने आया है। सोमवार की तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव और यातायात की समस्या पैदा हुई। हालात को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने 25 अगस्त को कॉरपोरेट कार्यालयों, सरकारी एवं निजी स्कूलों और अन्य संस्थानों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था अपनाने की सलाह दी। स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की सलाह भी दी गई है।

प्रशासन का उद्देश्य बारिश के दौरान अनावश्यक आवाजाही कम करना, सड़कों पर यातायात का दबाव घटाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सोमवार को गुरुग्राम के कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था। ऐसे में मंगलवार को भी कार्यालय आने-जाने वालों के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

उत्तर प्रदेश में भी मानसून का जोर

दिल्ली-NCR के साथ उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ी हुई है। IMD के 25 अगस्त के उपखंडवार पूर्वानुमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 25 और 26 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। 26 अगस्त के बाद पश्चिमी यूपी के लिए फिलहाल कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।

मौसम विभाग के अनुसार इस समय मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, सुल्तानपुर, डाल्टनगंज होते हुए बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बने निम्न दबाव क्षेत्र की ओर सक्रिय है। यह ट्रफ उत्तर छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक प्रभाव डाल रहा है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है।

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यही मौसमी प्रणालियां उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को बढ़ाने में भूमिका निभा रही हैं। बंगाल की खाड़ी और उससे जुड़े निम्न दबाव क्षेत्र की गतिविधियों का असर पूर्वी और मध्य भारत से होते हुए उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक दिखाई दे रहा है।

लखनऊ से पूर्वांचल तक बारिश का असर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित कई जिलों में बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर जारी है। पूर्वांचल में वाराणसी, प्रयागराज, मीरजापुर, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली और आसपास के इलाकों में मौसम विशेष रूप से सक्रिय रहने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश से तापमान और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

बारिश किसानों के लिए कई मायनों में राहत लेकर आती है। धान और खरीफ की अन्य फसलों के लिए पर्याप्त नमी उपयोगी हो सकती है, लेकिन बहुत अधिक पानी खेतों में लंबे समय तक जमा रहने पर नुकसान भी पहुंचा सकता है। शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी की समस्या अलग चुनौती है। इसलिए मानसूनी बारिश को केवल राहत या आफत के रूप में देखना उचित नहीं होगा; उसका प्रभाव स्थानीय भूगोल, जलनिकासी, नदी-नालों और बारिश की अवधि पर निर्भर करता है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और सड़कों पर सावधानी जरूरी

लगातार बारिश के बीच उत्तर प्रदेश में सड़क और राजमार्गों की स्थिति पर भी नजर रखना जरूरी है। भारी बारिश के दौरान मिट्टी के कटाव, सड़क किनारे धंसाव, जलभराव और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में पानी के दबाव से नुकसान की खबरों ने भी इस खतरे की ओर ध्यान खींचा है।

ऐसे मौसम में वाहन चालकों को तेज रफ्तार से बचना चाहिए। जलभराव वाले स्थान पर पानी की गहराई का अनुमान लगाए बिना वाहन आगे बढ़ाना जोखिम भरा हो सकता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि तेज बारिश और पानी के बीच सड़क की वास्तविक स्थिति समझना मुश्किल हो सकता है।

स्कूल जाने वाले बच्चों और अभिभावकों के लिए अलर्ट

भारी बारिश और बिजली चमकने की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जिन जिलों में स्थानीय प्रशासन ने स्कूल बंद करने या ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की है, वहां अभिभावकों को प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना चाहिए। दूसरे जिलों में भी यदि सुबह के समय जलभराव या आंधी-तूफान की स्थिति हो तो स्कूलों और अभिभावकों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।

बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़ा होना सुरक्षित नहीं माना जाता। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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क्या 27 अगस्त तक बारिश जारी रहेगी?

बारिश की गतिविधियों को लेकर अगले 24 से 48 घंटे महत्वपूर्ण हैं। IMD के 25 अगस्त के ताजा उपखंडवार पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 27 अगस्त से इस स्तर की चेतावनी फिलहाल नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के लिए 25 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है और उसके बाद अगले दिनों के लिए ऐसी चेतावनी नहीं दी गई है।

इसलिए यह कहना अधिक सटीक होगा कि मानसून की सक्रियता का सबसे महत्वपूर्ण चरण फिलहाल 25 और 26 अगस्त के आसपास है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश इससे आगे भी हो सकती है। मौसम का पूर्वानुमान समय के साथ बदलता रहता है, इसलिए लोगों को ताजा जिला-स्तरीय चेतावनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

राहत की बारिश, लेकिन जलभराव से आफत

मानसून की बारिश ने इस समय उत्तर भारत के मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। दिल्ली में जहां तापमान में गिरावट और बारिश से उमस कम हुई है, वहीं कई इलाकों में जलभराव और यातायात की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है। उत्तर प्रदेश में भी बारिश खेती और जलस्रोतों के लिए राहत लेकर आ सकती है, लेकिन लगातार और तेज बारिश शहरी तथा ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मुश्किलें पैदा कर सकती है।

दिल्ली में 25 अगस्त की सुबह तक सफदरजंग पर करीब 99 मिमी और रिज तथा अयानगर में 100 मिमी से अधिक बारिश का रिकॉर्ड होना इस बारिश की तीव्रता को स्पष्ट करता है।

ऐसे में फिलहाल मौसम का संदेश साफ है—बरखा रानी जरा थम के बरसो। बारिश जरूरी है, लेकिन जब पानी सड़क, घर, बाजार और खेत की सीमा लांघने लगे तो राहत और आफत के बीच का अंतर बेहद कम हो जाता है।

मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों को देखते हुए दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना, जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न जाना और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए। खासकर 25 और 26 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए निचले इलाकों और जलभराव संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।

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