17 अक्टूबर 2026 9:26 अपराह्न

दिल्ली-6 में शेफ बनकर रह रहा था पाकिस्तानी नागरिक, ऑपरेशन सिंदूर के बाद नेपाल के रास्ते भारत आने का दावा

दिल्ली-6 की भीड़भाड़ वाली पुरानी दिल्ली और हिरासत में बैठे पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद अदनान की संयुक्त न्यूज फीचर तस्वीर

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

The specified slider id does not exist.

विनीता साहू की रिपोर्ट

पुरानी दिल्ली की तंग और भीड़भाड़ वाली गलियों में जिंदगी अपनी सामान्य रफ्तार से चल रही थी। कहीं चाय की दुकानों पर लोगों की भीड़ थी तो कहीं रसोई से उठती मसालों की खुशबू और कढ़ाई में छनती आवाजें रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा थीं। इसी माहौल में एक शख्स भी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर सामान्य जिंदगी जी रहा था। वह खाना पकाता था, होटल में शेफ का काम करता था और आसपास के लोगों के लिए बिल्कुल आम व्यक्ति नजर आता था। उसका नाम था मोहम्मद अदनान।

लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के लिए अब यह मामला केवल एक अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिक की जांच तक सीमित नहीं है। अदनान के कथित पाकिस्तान कनेक्शन, भारत में उसके रहने के तरीके, कई राज्यों में लोगों से संपर्क और ऑपरेशन सिंदूर के बाद नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होने के दावे ने जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है।

लाल किले की सुरक्षा के बीच मिली खुफिया जानकारी

15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही बेहद कड़ी थी। लाल किले और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। इसी दौरान 1 मिलिट्री इंटेलिजेंस की दिल्ली यूनिट को एक महत्वपूर्ण इनपुट मिलने की बात सामने आई।

इनपुट के मुताबिक कराची का रहने वाला एक कथित पाकिस्तानी नागरिक अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर पुरानी दिल्ली के इलाके में रह रहा था। जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

बताया जाता है कि जांच एजेंसियों ने बेहद गोपनीय तरीके से दिल्ली-6 की गलियों में उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद मोहम्मद अदनान को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से पाकिस्तानी पासपोर्ट मिलने की बात सामने आई। यही दस्तावेज जांच के लिए सबसे अहम कड़ी बन गया।

हालांकि, किसी व्यक्ति के संदिग्ध संपर्क या विदेशी नागरिक होने मात्र से उसके खिलाफ जासूसी या आतंकी गतिविधि का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों और भारत में आने-जाने के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

कराची के कोरंगी से दिल्ली-6 तक पहुंची कहानी

पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद अधिकारियों को पता चला कि अदनान मूल रूप से पाकिस्तान के कराची के कोरंगी इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है।

जांच के अनुसार वह अपनी मां और भाई-बहनों के साथ लॉन्ग टर्म वीजा के आधार पर भारत आया था। बताया गया है कि उसके वीजा की वैधता 23 जुलाई 2022 को समाप्त हो गई थी। इसके बाद 30 दिसंबर 2022 को अदनान अपनी पत्नी जैनब के साथ अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान लौट गया।

यहीं से इस मामले की कहानी में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ता है।

अदनान की पत्नी जैनब भारतीय मूल की बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि जैनब ने 11 अगस्त 2024 को निर्धारित इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारत में वापसी की, जबकि अदनान पाकिस्तान में ही रहा। अधिकारियों के मुताबिक वह करीब नौ महीने तक पाकिस्तान में रहा।

इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के दौरान उसके दोबारा भारत लौटने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार इस बार उसने वैध सीमा मार्ग के बजाय नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश किया। इसके बाद उसने पुरानी दिल्ली के इलाके में ठिकाना बनाया और एक होटल में शेफ के तौर पर काम करना शुरू कर दिया।

शेफ की नौकरी, लेकिन संपर्कों का दायरा कई राज्यों तक

अदनान की गिरफ्तारी के बाद जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसके मोबाइल फोन और संचार से जुड़ा बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने उसके सीडीआर (Call Detail Record) और आईपीडीआर समेत तकनीकी विवरणों की जांच शुरू की।

जांच एजेंसियों को कथित तौर पर पता चला कि दिल्ली में रहने के दौरान उसका संपर्क जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक सहित कई राज्यों में मौजूद लोगों से था।

यही पहलू सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण बन गया है।

एक शेफ के रूप में पुरानी दिल्ली में काम करने वाले व्यक्ति के संपर्क अगर इतने अलग-अलग राज्यों में फैले हुए थे तो स्वाभाविक रूप से यह पता लगाना जरूरी है कि इन लोगों के साथ उसकी बातचीत किस उद्देश्य से होती थी। क्या ये सामान्य व्यक्तिगत या पारिवारिक संपर्क थे अथवा इनके पीछे कोई दूसरा कारण था? फिलहाल जांच एजेंसियां इन्हीं सवालों के जवाब तलाश रही हैं।

मिलिट्री इंटेलिजेंस और स्पेशल ब्रांच द्वारा उसके संपर्कों की पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि उसके संपर्कों में कोई ऐसा व्यक्ति तो शामिल नहीं था, जिसका संबंध किसी संदिग्ध नेटवर्क से रहा हो।

अभी तक केवल संपर्कों के आधार पर किसी स्लीपर सेल या जासूसी नेटवर्क से जुड़ाव को साबित नहीं माना जा सकता। यह जांच का विषय है और तकनीकी तथा दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।

परिवार के सदस्यों को लेकर भी जांच तेज

पूछताछ में अदनान के परिवार से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा बनी है। अधिकारियों के अनुसार उसके पिता मुहम्मद कामिल पाकिस्तानी नागरिक हैं और पाकिस्तान में रहते हैं। उसकी मां नजमा मूल रूप से भारतीय थीं, लेकिन विवाह के बाद उन्होंने पाकिस्तानी नागरिकता हासिल कर ली।

अदनान का बड़ा भाई आदिल भी पाकिस्तानी नागरिक बताया गया है और उसके पाकिस्तान में रहने की जानकारी सामने आई है। वहीं उसका छोटा भाई मुहम्मद फैजान पाकिस्तानी नागरिक होने के बावजूद भारत में मौजूद बताया जा रहा है।

परिवार की दो बहनों—वरिशाह और मिस्बाह—के बारे में बताया गया है कि उन्होंने भारतीय नागरिकों से विवाह किया और भारत में रह रही हैं। अदनान की पत्नी जैनब को भी भारतीय नागरिक बताया गया है।

इन तमाम पारिवारिक संबंधों के कारण जांच एजेंसियों के सामने अब केवल अदनान की गतिविधियों का सवाल नहीं है, बल्कि उसके भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से जुड़े पारिवारिक नेटवर्क को समझना भी महत्वपूर्ण हो गया है।

संयुक्त पूछताछ में खंगाला जा रहा पूरा नेटवर्क

अदनान से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और मिलिट्री इंटेलिजेंस द्वारा संयुक्त रूप से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। पूछताछ में दिए गए उसके बयानों को तकनीकी जांच से सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के साथ मिलाया जा रहा है।

जांच एजेंसियों का फोकस मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर बताया जा रहा है—भारत में उसके प्रवेश का वास्तविक तरीका, दिल्ली में उसके ठहरने और काम करने की परिस्थितियां तथा अलग-अलग राज्यों में मौजूद उसके संपर्कों की प्रकृति।

इसके साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि भारत में रहने के दौरान उसने किन लोगों से मुलाकात की, किन नंबरों पर बातचीत की और क्या उसकी गतिविधियां किसी संगठित नेटवर्क से जुड़ी थीं।

लामपुर डिटेंशन सेंटर में निगरानी

फिलहाल अदनान को दिल्ली के लामपुर स्थित ‘सेवा सदन’ डिटेंशन सेंटर में निगरानी में रखे जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियां उसके खिलाफ आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर विचार कर रही हैं तथा उसे पाकिस्तान वापस भेजने की प्रक्रिया से संबंधित सिफारिश तैयार किए जाने की संभावना है।

हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। फिलहाल सवाल कई हैं—नेपाल के रास्ते भारत आने का दावा कितना सही है? दिल्ली-6 में उसे किसने ठिकाना उपलब्ध कराया? कई राज्यों में मौजूद उसके संपर्क कौन थे? क्या वे सामान्य परिचित थे या किसी संगठित गतिविधि का हिस्सा? और सबसे अहम, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत लौटने के पीछे उसकी वास्तविक वजह क्या थी?

इन सवालों के जवाब अब दिल्ली पुलिस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की जांच पर निर्भर हैं।

दिल्ली-6 की जिस रसोई में अदनान आम शेफ की तरह खाना पकाता दिखाई देता था, उसी साधारण पहचान के पीछे छिपी उसकी असली कहानी अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवालों के बीच जांच के घेरे में है। जांच एजेंसियां उसके दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों और भारत में प्रवेश की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि वह किसी जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था, लेकिन उसके कथित अवैध प्रवेश और बहु-राज्यीय संपर्कों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें