दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट
गोंडा। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह गुरुवार को गोंडा में आयोजित ‘सत्यमेव जयते’ रैली के माध्यम से अपनी राजनीतिक ताकत का बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं। महिला पहलवानों से जुड़े मामले में अदालत से बरी होने के बाद यह उनका पहला विशाल सार्वजनिक कार्यक्रम है, जिसे राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 1152 दिनों के अंतराल के बाद हो रही इस रैली पर न केवल समर्थकों बल्कि राजनीतिक दलों और प्रशासन की भी पैनी नजर बनी हुई है।
आयोजकों का दावा है कि इस आयोजन में गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, अयोध्या और आसपास के कई जिलों से दो से तीन लाख तक समर्थक पहुंच सकते हैं। इसी वजह से इसे क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक सभाओं में शामिल किया जा रहा है।
अदालत से राहत मिलने के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले में अदालत से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह पहली बार इतने बड़े जनसमूह के बीच पहुंच रहे हैं। इसे उनके समर्थक न्याय मिलने के बाद जनता का आभार व्यक्त करने का अवसर बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनकी ताकत दिखाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह सबसे पहले वृंदावन पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपने गुरु रितेश्वर आनंद महाराज का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने नोएडा में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम में भी भाग लिया। अब गोंडा की यह रैली उनके सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रमों की नई शुरुआत मानी जा रही है।
चार्टर्ड विमान से अयोध्या पहुंचने के बाद निकला विशाल रोड शो
कार्यक्रम के तहत बृजभूषण शरण सिंह दोपहर में चार्टर्ड विमान से अयोध्या पहुंचे। वहां से 300 से अधिक वाहनों के काफिले के साथ उनका रोड शो गोंडा की ओर रवाना हुआ। रास्ते में समर्थकों ने कई स्थानों पर उनका स्वागत किया।
गोंडा पहुंचने के बाद सबसे पहले उन्होंने नंदिनी गौमाता मंदिर में पूजा-अर्चना, आरती और हवन में भाग लिया। मंदिर परिसर में चल रहे अखंड रामायण पाठ के समापन कार्यक्रम में भी उनकी मौजूदगी रही। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद वह पैदल नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम स्थित रैली स्थल की ओर रवाना हुए, जहां हजारों समर्थकों को संबोधित करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया।
पूरे जिले में दिखाई दिया ‘सत्यमेव जयते’ रैली का माहौल
रैली से पहले पूरे गोंडा जिले में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया। आयोजकों के अनुसार जिले के प्रमुख बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगभग ढाई हजार पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। नंदिनी गौमाता मंदिर और नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम को विशेष रूप से सजाया गया है ताकि कार्यक्रम को भव्य रूप दिया जा सके।
रैली स्थल पर विशाल मंच तैयार किया गया है। समर्थकों के बैठने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, शौचालय, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी विशेष इंतजाम किया गया है।
लाखों समर्थकों के स्वागत की तैयारी
आयोजकों का दावा है कि रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए भोजन और प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। जानकारी के अनुसार लगभग 40 क्विंटल लड्डू तैयार कराए गए हैं, जबकि करीब दो लाख लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है।
भोजन वितरण के लिए अलग-अलग कैटरिंग टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। दूर-दराज से आने वाले समर्थकों के लिए विश्राम और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह आयोजन केवल एक धन्यवाद सभा तक सीमित नहीं है। इसे वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बृजभूषण शरण सिंह के राजनीतिक प्रभाव के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
गोंडा, कैसरगंज और आसपास के क्षेत्रों में उनका लंबे समय से मजबूत जनाधार माना जाता है। ऐसे में यह रैली उनके समर्थकों को एकजुट करने के साथ-साथ राजनीतिक विरोधियों को भी अपनी ताकत का संदेश देने का प्रयास मानी जा रही है। इस कार्यक्रम के जरिए यह भी संकेत देने की कोशिश होगी कि अदालत से राहत मिलने के बाद उनका जनसमर्थन पहले की तरह कायम है।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
रैली में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। नवाबगंज, तरबगंज और उमरी बेगमगंज समेत कई थाना क्षेत्रों की पुलिस को तैनात किया गया है। इसके अलावा एक क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया गया है।
रैली स्थल, पार्किंग क्षेत्र, प्रवेश और निकास मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है ताकि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
राजनीतिक हलकों की निगाहें गोंडा पर
इस आयोजन को लेकर राजनीतिक दलों की भी नजरें गोंडा पर टिकी हुई हैं। यदि आयोजकों के दावों के अनुरूप बड़ी संख्या में समर्थक जुटते हैं तो यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण संदेश देने वाला आयोजन साबित हो सकता है। वहीं प्रशासन का पूरा प्रयास है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।
फिलहाल ‘सत्यमेव जयते’ रैली को लेकर पूरे गोंडा जिले में उत्साह का माहौल है। समर्थकों का कहना है कि यह केवल एक रैली नहीं बल्कि उनके नेता के प्रति विश्वास और समर्थन का प्रदर्शन है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के शुरुआती संकेत के रूप में देख रहे हैं। ऐसे में यह आयोजन राजनीतिक दृष्टि से आने वाले दिनों में चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

























